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कानपुर के इस हॉस्पिटल में 9 दिन में 131 लोगों की हार्ट अटैक से मौत, वजह क्या है?

डॉक्टरों ने कहा कि ये आंकड़ा चौंकाने वाला है.

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10 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 10 जनवरी 2023, 10:25 PM IST)
131 people died due to heart attack in kanpur
डॉक्टर बुजुर्ग लोगों को भीषण ठंड में बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं. (फोटो: आजतक)
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में बीते 9 दिनों में हार्ट अटैक से 131 लोगों की मौत हो गई. 1 जनवरी से 9 जनवरी तक का ये आंकड़ा सिर्फ एक हॉस्पिटल का है. कानपुर के एल.पी.एस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड कार्डियक सर्जरी से ये परेशान करने वाला डेटा सामने आया है. 

आजतक के सिमर चावला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ विनय कृष्णा ने बताया कि ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं. उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए हॉस्पिटल अलर्ट मोड पर काम कर रहा है. इंस्टीट्यूट ने एक कंट्रोल रूम शुरू किया है. इसके साथ ही सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट की संख्या बढ़ाई गई है. 

डॉ विनय कृष्णा ने बताया कि LPS इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में आसपास के 18 जिलों से भी मरीज आते हैं. इसलिए सिर्फ ये नहीं कहा जा सकता है कि हार्ट अटैक से जिनकी मौत हुई वे कानपुर के ही थे. उन्होंने कहा कि जान गंवाने वालों में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की बीमारी झेल रहे लोगों की संख्या ज्यादा है.

आजतक के समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं. लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ अक्षय प्रधान ने बताया कि उनके डिपार्टमेंट में हार्ट अटैक के रोजाना 20 से 25 मरीज आते हैं.

ठंड में क्यों हो रहीं ज्यादा मौतें?

कानपुर के डॉ विनय के मुताबिक, ज्यादा ठंड की वजह से नसें सिकुड़ जाती हैं. कई लोगों के नसों में कोलेस्ट्रॉल की रुकावट पहले से होती है और फिर सर्दी में नस सिकुड़ती हैं. अगर ये रुकावट 40 फीसदी थी तो नसों के सिकुड़ने के बाद 60 से 80 फीसदी तक बढ़ जाती है. ठंड में हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर बढ़ने की ये सबसे बड़ी वजह है.

ये भी देखें- सेहत: क्या होता है कोलेस्ट्रॉल, जो देता है हार्ट अटैक को बुलावा?

ठंड में हार्ट अटैक के मामले बढ़ने के सवाल पर KGMU के डॉ अक्षय प्रधान ने बताया कि कड़ाके की ठंड में लोगों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है. लोग गर्माहट के लिए तेल वाली चीजें ज्यादा लेने लगते हैं. इससे भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है. डॉ अक्षय के मुताबिक दिल की बीमारियां यूं भी बढ़ रही हैं. इसकी वजह हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और बढ़ता स्ट्रेस है. उन्होंने कहा कि खानपान की गड़बड़ी से लेकर स्मोकिंग, शराब पीने और बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल दिल से जुड़ी बीमारियां बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं.

डॉ विनय कृष्णा का कहना है कि ठंड बढ़ रही है, ऐसे में ब्लड प्रेशर के मरीजों को एहतियात बरतनी चाहिए. उन्होंने कहा,

जो लोग ब्लड प्रेशर या दिल से जुड़ी बीमारियों की दवा खाते हैं, उन्हें खास खयाल रखना चाहिए. अपने डॉक्टर को दिखाकर दवाओं की डोज को बढ़ाने या घटाने की बात कर लें. 

हार्ट अटैक के लक्षण

- मरीज को सीने में तेज दर्द हो सकता है
- सीने में दर्द के साथ अक्सर पसीना आता है, घबराहट होती है
- बुजुर्ग और डायबिटीज के मरीजों को सीने में दर्द कम होता है, ऐसे लोगों को सांस फूलने की दिक्कत ज्यादा होती है

डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बुजुर्ग लोगों को ठंड में बाहर निकलने से बचना चाहिए, वहीं बाकी लोगों को भी खयाल रखना चाहिए. डॉक्टरों के मुताबिक, जहां तक संभव हो घर में रहें और खुद को ठंड से बचाएं.

वीडियो: सेहत: जानिए हार्ट अटैक आने से आप कैसे बच सकते हैं?

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