The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Ahmedabad police caught thief from gwaliyar in disguise of feriwala sells ballon vegetables

चोर को पकड़ने की खातिर पुलिस ने क्या कुछ नहीं किया, ठेला लगाया-गुब्बारे बेचे और...

अहमदाबाद पुलिस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर जाकर 48 घंटे में चोर को धर लिया. पुलिस ने बताया कि फेरी क्यों लगानी पड़ी.

Advertisement
pic
pic
शिवेंद्र गौरव
| ब्रिजेश दोशी
27 दिसंबर 2023 (अपडेटेड: 27 दिसंबर 2023, 08:16 PM IST)
gujarat police caught thief from gwalior
स्कूटी के साथ गिरफ्तार चोर (बाएं), फेरीवाले बने पुलिस वाले (दाएं) (फोटो- आजतक ब्रिजेश दोशी)
Quick AI Highlights
Click here to view more

अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस नए-नए तरीके अपनाती है. निगेहबानी करती है, मुखबिरों से काम लेती है और कई तरह की तकनीकों का इस्तेमाल करती है. लेकिन अहमदाबाद पुलिस (Ahmedabad police) को एक चोर पकड़ने के लिए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) जाकर गुब्बारे, फल और सब्जियां बेचनी पड़ीं. लेकिन महज 48 घंटे में पुलिस, चोर को ग्वालियर से दबोचने में कामयाब रही.

ये भी पढ़ें: बिहार पुलिस ने 33 साल बाद चोर पकड़ा, चोरी जान माथा पकड़ लेंगे!

क्या है पूरा मामला?

मामला गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद शहर का है. आजतक से जुड़े ब्रिजेश दोशी की खबर के मुताबिक, कुछ दिनों पहले यहां के सोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत चाणक्यपुरी इलाके में एक वकील के घर से डेढ़ लाख के जेवर और नकदी चोरी होने की शिकायत मिली. सब-इंस्पेक्टर के डी गढ़वी ने एक टीम को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी. टीम ने पूरे इलाके के 500 से ज्यादा जगहों पर लगे CCTV चेक किए. जिससे पता चला कि चोर, गोल्डन कलर की होंडा एक्टिवा स्कूटी से था. और एक जगह पर चाय पीने के लिए रुका. उस चाय की दुकान से चोर की पहचान मिली. इसके बाद पुलिस ने इलाके में चोर की खोजबीन शुरू की. पता चला कि जिस एक्टिवा को चोर चला रहा था, उसका मालिक एक गोलगप्पा बेचने वाला है. पुलिस ने गोलगप्पे वाले को पकड़कर पूछताछ की. उसका कहना था कि उसकी एक्टिवा किसी के नहीं चलाई, वो खुद ही चलाता है. पुलिस को मामले में झोल नजर आया. CCTV पहले ही सुबूत दे चुका था. पुलिस ने सख्ती से पूछा और बताया कि इसी स्कूटी से चोरी हुई है. तब गोलगप्पे वाले ने बताया कि उसके गांव से उसका एक दोस्त आया था, जिसने एक्टिवा चलाई थी. और वो एक दिन पहले ही मध्यप्रदेश में अपने गांव चला गया है. पुलिस के लिए मामला और पेचीदा हो चला था. चोरी करने वाला अशोक शर्मा नाम का व्यक्ति ग्वालियर का रहने वाला था. ऐसे में PSI गढ़वी ने टीम को ग्वालियर भेजा. पुलिस टीम के सदस्यों ने वहां फेरी वाले का भेस बनाया. किसी ने गुब्बारे बेचे तो किसी ने सब्जी की लॉरी चलाई ताकि अशोक पर नजर रखकर उसे पकड़ा जा सके.

सब्जी और गुब्बारे बेचते हुए पुलिसकर्मी  (फोटो सोर्स- आजतक)

खबर के मुताबिक, इस बीच अशोक को भी अंदाजा हो गया था कि उसकी चोरी पकड़ी गई है, इसीलिए वह अहमदाबाद में जिस दोस्त के घर रुका था, वहां फोन करके पूछ रहा था कि पुलिस वहां पहुंची है या नहीं. पुलिस की जानकारी में ये बात आई तो पुलिस ने अशोक के दोस्त से, अशोक को वीडियो कॉल करने को कहा, ताकि ग्वालियर में अशोक का घर पहचाना जा सके. पुलिस के कहे मुताबिक, अशोक को वीडियो कॉल पर बातचीत में उलझाए रखा गया. इसी बीच अशोक कुछ काम से घर के बाहर निकला. और फेरी लगा रहे एक पुलिसकर्मी ने अशोक को उसके जूते से पहचान लिया. अशोक को पकड़ा गया तो उसने चोरी कुबूल कर ले. पुलिस की तेजी के चलते, इस बीच अशोक को चोरी का माल बेचने का मौका नहीं मिला.

फेरीवाला क्यों बनना पड़ा?

PSI गढ़वी के मुताबिक, अशोक का घर एक बहुत भीड़भाड़ वाले इलाके में था. इसलिए पुलिस टीम के लिए सीधे उसके घर तक पहुंचना मुश्किल था. गढ़वी कहते हैं कि ऐसे में मैंने अपनी टेक को अलग-अलग भेस बनाकर अशोक के घर के आसपास नजर रखने को कहा. इस तरह 48 घंटे के अंदर अशोक पकड़ा गया. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि अशोक पहले भी कई अपराध कर चुका है. पूछताछ में ये भी पता चला है कि अशोक, ग्वालियर से अपने साथ दो और लोगों को अहमदाबाद लेकर गया था. लेकिन वो दोनों डर गए और चोरी में अशोक के साथ शामिल नहीं हुए.

वीडियो: गुजरात पुलिस ने गरबा के बीच पत्थर चलाने वाले आरोपियों के साथ क्या किया?

Advertisement

Advertisement

()