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रातोंरात ऑक्सीजन खत्म होने से रुड़की के अस्पताल में 5 की मौत!

देश में मेडिकल ऑक्सीजन (Oxygen) की व्यवस्था लड़खड़ा रही है. कोरोना मरीजों तक समय रहते ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रहा. नतीजतन, कई जानें जा रही हैं. और ये ऑक्सीजन की किल्लत किसी एक प्रदेश तक सीमित नहीं. ऐसी ही दुखद खबर आई है उत्तराखंड के रुड़की से. जहां के एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 5 मरीजों की मौत हो गई. पूरा मामला बताते हैं.

आज तक की रिपोर्टर चांदनी कुरैशी की रिपोर्ट के मुताबिक रुड़की के विनय विशाल हेल्थकेयर में करीब 80 कोरोना मरीज एडमिट हैं. जिनमें से कई ऑक्सीजन पर हैं. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार 03 मई की रात करीब 12:30 बजे डॉक्टर्स ने मरीजों के परिजनों को बुलाया. सूचित किया कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने वाली है. वो अपने मरीजों को कहीं और ले जाएं. परिजनों ने भागदौड़ शुरू कर दी. बताया गया कि रात के करीब 2 बजे अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने छोटे ऑक्सीजन सिलेंडरों का प्रबंध किया. लेकिन ये भी थोड़ी देर ही चले और करीब 3 बजे ऑक्सीजन खत्म हो गई.

Vinay Vishal Hospital
अस्पताल पर पहले भी लापरवाही बरतने के आरोप लग चुके हैं. फोटो – आज तक

चांदनी ने मरीजों के परिजनों से बात की. परिजनों ने बताया कि अस्पताल को मिलने वाली ऑक्सीजन का कोटा सरकार ने आधा कर दिया है. जिस वजह से 5 मरीजों की मौत हो गई. परिजनों के अनुसार ये जानकारी उन्हें अस्पताल प्रबंधन ने ही दी. चांदनी ने इस मामले पर पूछताछ के लिए अस्पताल प्रबंधन को फोन मिलाया. लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. बता दें कि इससे पहले भी विनय विशाल हेल्थकेयर विवादों में रह चुका है, जब एक कोरोना मरीज की मौत हो जाने पर परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया था.

मृतकों के परिजनों ने भी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया. बताया कि अस्पताल ने उन्हें ऑक्सीजन खत्म होने वाली बात की कोई जानकारी नहीं दी. आगे कहा कि अस्पताल एक दिन के 20 से 25 हजार वसूल कर रहा है. बावजूद इसके व्यवस्था में ढील बरतता है.

Namami Bansal
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने मामले की जांच बैठा दी है. फोटो – आज तक

इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रियल जांच बिठा दी गई है. ये जानकारी खुद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने दी. साथ ही बताया कि जांच के पैनल में प्रशासन के साथ-साथ मेडिकल एक्सपर्ट्स भी शामिल होंगे. जांच के बाद स्थिति साफ हो पाएगी कि लापरवाही किस ओर से बरती गई. वहीं, मृतकों के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.


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