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लॉकडाउन बढ़ाने के बाद रेड जोन और आरोग्य सेतु ऐप पर सरकार ने क्या कहा?

लॉकडाउन के चौथे चरण की शुरुआत हो चुकी है. अब लॉकडाउन 31 मई तक रहेगा. 17 मई को सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी कर दीं. इनमें बताया कि अब कैसे रहना है, कब बाहर जाना है और कैसे काम करना है. बड़ा बदलाव ये हुआ है कि अब केंद्र सरकार ने कई जिम्मेदारियां राज्य सरकारों को दे दी हैं. अब रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन का फैसला राज्य अपने हिसाब से करेंगे. राज्य के अंदर और राज्यों के बीच ट्रैवल कैसे करना है, इसका फैसला भी राज्य सरकार ही करेंगे.

एक बदलाव आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल को लेकर हुआ है. अब इस पर सरकार ने अपना रुख नरम किया है.

स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर क्या हैं निर्देश

# ज़ोन्स पर फैसला करते वक्त राज्य सरकारों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का पालन करना होगा.

# रेड और ऑरेंज जोन में कंटेनमेंट और बफर जोन बनाने का फैसला जिला प्रशासन पर रहेगा. बता दें कि कंटेनमेंट जोन वह इलाका होता है जहां पर कोरोना वायरस का केस मिला है. या फिर कोरोना पीड़ित व्यक्ति रहता था. इसके आसपास का इलाका बफर जोन में गिना जाता है.

# कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी सेवाओं की ही अनुमति होगी. इस तरह के जोन में बाहर आने-जाने को लेकर सख्ती बरती जाएगी. जरूरी सेवाओं में मेडिकल और खाने-पीने के सामान की सप्लाई की अनुमति ही होगी. इसके अलावा और कोई छूट नहीं होगी.

# कंटेनमेंट जोन में कड़ाई से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग यानी कोरोना पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की तलाश होगी. साथ ही घर-घर जाकर जानकारी ली जाएगी और जरूरी क्लीनिकल उपाय भी अपनाए जाएंगे.

# शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक लोगों की किसी भी तरह की गतिविधि पर पूरी तरह रोक. नाइट कर्फ्यू. इसे लेकर लोकल प्रशासन दिशा-निर्देश जारी करेगा. धारा-144 का कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा.

कोरोना से लड़ने में सोशल डिस्टेंसिंग की अहम भूमिका है. सरकार, विशेषज्ञ और डॉक्टर बार-बार इस पर जोर दे रहे हैं. (Photo: PTI)
कोरोना से लड़ने में सोशल डिस्टेंसिंग की अहम भूमिका है. सरकार, विशेषज्ञ और डॉक्टर बार-बार इस पर जोर दे रहे हैं. (Photo: PTI)

# 65 साल से ऊपर के बुज़ुर्ग, 10 साल से कम के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को घर पर ही रहने को कहा गया है. बेहद जरूरी होने पर ही उन्हें घर से निकलने अनुमति होगी.

# अब आरोग्य सेतु ऐप को रखना अनिवार्य नहीं है. इसे लेकर जिला प्रशासन आदेश दे सकता है.

# रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के बारे में राज्य सरकारें अपने हिसाब से नियम बना सकती हैं. लेकिन वह केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमों को केवल कड़ा कर सकती है. उनमें ज्यादा ढील नहीं दे सकती हैं.

जिलों को रेड, ऑरेंज या ग्रीन जोन में बांटा जाता है. जहां कोरोना का लेटेस्ट मामला आता है वह जगह रेड जोन में गिनी जाती है. (Photo: AP)
जिलों को रेड, ऑरेंज या ग्रीन जोन में बांटा जाता है. जहां कोरोना का लेटेस्ट मामला आता है वह जगह रेड जोन में गिनी जाती है. (Photo: AP)

रेड जोन वालों को अब क्या सुविधाएं मिलेंगी

# लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार ने रेड जोन में भी अब गाड़ियों के चलने और दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है.

# अब यहां पर भी सभी तरह की दुकानें खुल सकती हैं. इनमें सलून, पार्लर भी शामिल हैं.

# रेड जोन में रहने वाले लोग बाहर आ-जा सकते हैं.

# यहां पर भी अब ऑटो-टैक्सी बुलाई जा सकती है. ऑटो में ड्राइवर के अलावा एक और टैक्सी में दो लोग सफर कर सकते हैं.

# रेड जोन में भी शराब की दुकानें खुल सकेंगी.

# रेड जोन में आने वाले मेडिकल क्लीनिक या ओपीडी खुल सकेंगे.

भारत में कोरोना वायरस के मामलों का स्टेटस


Video:कोरोना वायरस लॉकडाउन में रेलवे कर्मचारियों का क्या हाल है, जानिए

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