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बेटी से हो रही छेड़खानी का विरोध करने पर पिता के साथ जो हुआ वो हमारे वक्त की घिनौनी सच्चाई है

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ये वही मुल्क़ है अब भी,जहां ग़ालिब ने 1857 के गदर का हाल अपने दोस्त मुंशी हरगोपाल को एक चिट्ठी में लिखा, तो नम आंखों से ये भी लिखा-

हाय मेरे इतने यार मरे इस अंग्रेज़ क़ौम के हाथों, कि अब जो मैं मरूंगा तो कोई पीछे रोने वाला भी न होगा…

अच्छा हुआ तुम और तुम जैसे चले गए ग़ालिब, नहीं तो उस गदर से पैदा हुई आज़ादी का हश्र न देख पाते. बेरोज़गार नौजवानों के हाथों में तलवारें नहीं देख पाते. तुम होते तो ज़रूर इन्हीं में से कोई तलवार तुम्हारा वही दिल चाक किए देती, जिससे तुम अपने भाई जैसे दोस्त “किशन सिंह” की मौत का मातम मनाते थे.

अब आप पूछेंगे कि एक छुरेबाज़ी से मौत की स्टोरी में ग़ालिब का ज़िक्र क्यों?

क्योंकि शहर वही है. ग़ालिब वाला. जहां धर्म और मज़हब के ऊपर दोस्ती दम भरती थी. लेकिन हवा बदल गई है.

# हुआ क्या है?

नई दिल्ली में मोती नगर के बसई दारापुर की बात है. 51 साल के धुव्र राज त्यागी देर रात अपनी बेटी और बेटे के साथ अस्पताल से वापस आ रहे थे. बेटी को माइग्रेन की समस्या थी. अपने पिता और भाई के साथ अस्पताल गई थी. घर के पास पहुंचे तो गली में खड़े लोगों से रास्ता मांगने के पीछे उनका झगड़ा हो गया. पिता ने बेटी को घर छोड़ा और पड़ोसी को समझाने वापस आए. वहां दोबारा झगड़ा हुआ और पिता धुव्र राज त्यागी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई.

बाईं तरफ़ पिता ध्रुव त्यागी, दाईं ओर लड़की का छोटा भाई
बाईं तरफ़ पिता ध्रुव त्यागी, दाईं ओर लड़की का छोटा भाई

# वजह क्या थी?

लोकल अख़बारों की मानें तो वारदात धुव्र राज त्यागी की बेटी से छेड़खानी का विरोध करने को लेकर हुई. घटना में त्यागी का बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया.

# मरने वाले के भाई ने क्या बताया?

मृतक के भाई ने बताया-

मेरा भाई अपनी बेटी के साथ अस्पताल से लौट रहा था. तभी चार से पांच लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया. हमारी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने और भद्दे कमेंट्स करने की कोशिश की. इसके बाद भाई बेटी को घर छोड़कर उनके पास गया तो उन्होंने हमला कर दिया. इस हमले में आरोपियों के परिवार वालों ने भी मदद की. वारदात के वक़्त लोग बीच-बचाव करने की जगह वीडियो बना रहे थे.

# पुलिस ने क्या किया?

पुलिस ने मामले में 2 नाबालिग समेत 4 लोगों को पकड़ा है. उनकी पहचान मोहम्मद आलम और जहांगीर खान के तौर पर हुई. पुलिस के मुताबिक, धुव्र राज त्यागी परिवार के साथ बसई दारापुर इलाके में रहते थे. बीती रात वह बेटी और बेटे के साथ जा रहे थे. गली में खड़े लोगों से रास्ता मांगने के पीछे उनका झगड़ा हो गया. मामला दो अलग-अलग समुदाय से जुड़ा होने के कारण आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है. वहां पुलिसबल तैनात किया गया है.

पुलिस ने आईपीसी 302,506 और 509 के तहत केस दर्ज किया है.


वीडियो देखें:

फसल की कटाई के लिए यूपी-बिहार से आए दिहाड़ीदारों से बातचीत

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