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पश्चिम बंगाल में सिख जवान की पगड़ी से बेअदबी पर बवाल थम क्यों नहीं रहा है?

पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प के दौरान एक सिख की पिटाई और पगड़ी उतारने के मामले को लेकर बवाल जारी है. बीजेपी ने इसे 43 साल के भटिंडा निवासी बलविंदर सिंह का अपमान बताया है. पार्टी ने कहा कि पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. हालांकि बंगाल पुलिस ने सफाई दी है. कहा है कि पुलिस की ऐसी कोई मंशा नहीं थी.

आठ अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में बीजेपी के लोग प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस उनको रोकने की कोशिश कर रही थी. इसी कोशिश में एक सिख सुरक्षाकर्मी से पुलिसवाले उलझ गए. गहमागहमी हुई, सिख सुरक्षाकर्मी बलविंदर सिंह की पगड़ी खुल गई. इसके बावजूद पुलिसवाले उनको खींचते रहे. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इसको ट्वीट किया और अपनी नाराजगी जताई.

पुलिस ने बयान में क्या कहा

पुलिस ने अपने बयान में कहा,”पश्चिम बंगाल की पुलिस सभी धर्मों का सम्मान करती है. गिरफ्तार करने से पहले पुलिस अधिकारी ने उसे अपनी पगड़ी वापस पहनने को कहा. ये तस्वीर उनको पुलिस थाने ले जाने से पहले की है. हम लोग राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपनी ड्यूटी निभाएंगे.”

पुलिस ने आगे कहा,”प्रदर्शन के दौरान उस शख्स के पास हथियार थे. वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमारे अधिकारी ने कोई हाथापाई नहीं की लेकिन अपने आप पगड़ी गिर गई. किसी भी समुदाय को आहत करने की हमारी कभी कोई भावना नहीं रही है.”

बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल हुए नाराज

इस पूरे मामले पर बीजेपी तो तल्ख है ही, शिरोमणि अकाली दल के तेवर भी सख्त हैं. SAD प्रवक्ता मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295A (धार्मिक अपमान) के तहत मामला दर्ज होना चाहिए.

बीजेपी के नेशनल सेक्रेटरी अरविंद मेनन ने कहा कि इस घटना ने सिख समुदाय का अपमान किया है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि बलविंदर सिंह के पास जो बंदूक थी वो लाइसेंस वाली थी. हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि ये लाइसेंस जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले तक ही सीमित है.

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि वह सिख एक सुरक्षाकर्मी था और जिस तरह से पुलिस ने उसके साथ बर्ताव किया उसने पूरी दुनिया के सिखों को दुख दिया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री भी नाराज

इस मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी नाराज हैं. सिंह के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल ने शुक्रवार रात एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने बताया कि युवा सिख के साथ ऐसा अपमानजनक व्यवहार देख कर सीएम अमरिंदर सिंह को झटका लगा है. अमरिंदर सिंह ने ममता बनर्जी से सिख भावनाएं आहत करने के दोषी पुलिसवाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

क्या है पूरा मामला

पश्चिम बंगाल बीजेपी के एक नेता प्रियांगू पांडेय. उनकी सुरक्षा में एक सिख सुरक्षाकर्मी बलविंदर सिंह तैनात हैं. गुरुवार, 8 अक्टूबर को बीजेपी ने प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने इस प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान बलविंदर सिंह के साथ बीच सड़क पर मारपीट की गई. अचानक उनकी पगड़ी खुल गई, इसके बाद भी पुलिस के जवानों ने उनसे खींचतान बंद नहीं की.

दिल्ली बीजेपी के नेता इंप्रीत सिंह बक्शी ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया था, जिसको हरभजन सिंह ने रिट्वीट करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मामले में कार्रवाई की मांग की.


वीडियो- नेता नगरी: चुनाव से पहले नीतीश और ममता के सामने BJP का प्लान ‘खेल’ बिगाड़ सकता है

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