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क्या है 'ऑपरेशन लंदन ब्रिज' का सीक्रेट प्लान, जिसे महारानी एलिज़ाबेथ के निधन के लिए बनाया गया था?

क्या ऑपरेशन लंडन ब्रिज फेल हो गया और ऑपरेशन यूनिकॉर्न फॉलो किया जाएगा?

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9 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 9 सितंबर 2022, 06:38 PM IST)
Queen Elizabeth II
महारानी एलिज़ाबेथ II. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)
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यूके की महारानी एलिज़ाबेथ II (Queen Elizabeth II) के निधन के बाद दो कोड वर्ड्स के बारे में काफी बात हो रही है. पहला, ‘ऑपरेशन लंडन ब्रिज’ (Operation London Bridge) और ‘दूसरा ऑपरेशन यूनिकॉर्न’ (Operation Unicorn). एक बात साफ है कि ये कोड वर्ड्स क्वीन के निधन से जुड़े हैं. लेकिन एक कन्फ्यूज़न है. अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग अलग दावे किए जा रहे हैं. कुछ लोग कह कर रहे हैं कि ऑपरेशन यूनिकॉर्न के तहत बनाए गए प्लान को फॉलो किया जाएगा तो कुछ लोग ऑपरेशन लंडन ब्रिज की बात कर रहे हैं. लेकिन असल में ये दोनों ही दावे पूरी तरह से सही नहीं हैं. 

दरअसल, ब्रिटेन की महारानी की मृत्यु के बाद किस तरह से प्लान को फॉलो किया जाएगा इस बारे में अंग्रेजी अखबार द गार्डियन ने 2017 में एक रिपोर्ट लिखी थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक, बाल्मोरल कैसल में महारानी एलिज़ाबेथ के निधन के तुरंत बाद से ऑपरेशन लंडन ब्रिज लागू किया जाएगा. लेकिन क्योंकि ये कैसल स्कॉटलैंड में है, तो जब तक महारानी का पार्थिव शरीर स्कॉटलैंड में रहेगा तब तक के प्लान के हिस्से को ऑपरेशन यूनिकॉर्न कहा गया. और महारानी के लंदन लौटने पर इसी प्लान को ऑपरेशन लंडन ब्रिज कहा जाएगा.

क्या है ऑपरेशन लंदन ब्रिज?

जब जॉर्ज IV की मृत्यु हुई थी, तब Hyde Park Corner (हाइड पार्क कॉर्नर) कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया था. उनकी मौत के बाद महारानी एलिज़ाबेथ के सिर ताज़ आया. एलिज़ाबेथ के महारानी बनने के बाद जो प्लान बनाया गया, उसका नाम रखा गया लंदन ब्रिज.

महारानी की मौत के बाद ये 10 दिन का प्लान है. इस प्लान में अगले 10 दिन में ब्रिटेन में क्या और कैसे होगा इसका पूरा ब्योरा है. प्लान के मुताबिक महारानी की मौत के अगले दिन को D+1 कहा जाएगा और 10वें दिन को D+10 कहा जाएगा.

गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, महारानी की मौत के तुरंत बाद प्रिंस चार्ल्स के भाई बहन उनके हाथ चूमेंगे. इसका सीधा मतलब ये है कि अब प्रिंस चार्ल्स ही यूके के किंग होंगे. इसके बाद महारानी की मौत की खबर उनके प्राइवेट सेक्रेटरी सबसे पहले प्रधानमंत्री को देंगे. फिर उनकी सरकार को इस बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके बाद बारी आती है उन देशों को बताने की, जिनके लिए अब भी महारानी हेड ऑफ द स्टेट हैं. ऐसे 14 देश हैं. ये जानकारी यूके के फॉरेन डिपार्टमेंट की तरफ से दी जाएगी है. और फिर 38 कॉमनवेल्थ देशों को इस बारे में जानकारी दी जाएगी. इन देशों में भारत भी शामिल है.

महारानी के ताबूत को होलीरूडहाउस के महल में ले जाने की बात कही जा रही है. गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक हैं, इस योजना में एडिनबर्ग में रॉयल माइल पर औपचारिक जुलूस निकाला जाएगा. इसके बाद हवाई जहाज से महारानी के पार्थिक शरीर को लंदन लाया जाएगा. इस बारे में अंग्रेजी वेबसाइट पॉलिटिको ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि महारानी के पार्थिव शरीर को रॉयल ट्रेन से भी लंदन लाया जा सकता है.

D+5 यानी निधन के बाद पांचवां दिन. पांचवे दिन लंदन में एक औपचारिक जुलूस से साथ ताबूत को बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर पैलेस तक ले जाया जाएगा. वेस्टमिंस्टर हॉल में एक सभा आयोजित की जाएगी. पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लान में कहा गया है कि D+6 से D+9 तक, महारानी का पार्थिव शरीर वेस्टमिंस्टर हॉल में रहेगा, जहां आम लोग अपनी आखिरी श्रद्धांजलि दे सकेंगे. D+10 को महारानी का पार्थिव शरीर सुपुर्द ए खाक हो जाएगा.

वीडियो: महारानी एलिजाबेथ ने क्राउन के लिए अपने सबसे प्यारे बेटे तक को ना बक्शा!

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