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इन टीचर्स को विश नहीं किया तो बेकार है आपका टीचर्स डे

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(ये स्टोरी हमारे सहयोगी रहे आशुतोष उज्ज्वल ने 2018 में लिखी थी.)

आज टीचर्स डे है. वो लोग भी विश कर रहे हैं जिनको पता नहीं कि हम मनाते क्यों हैं. किसी ने अब तक वक्त को सबसे बड़ा टीचर कहकर बधाई नहीं दी, क्या जमाना आ गया है. जिंदगी को टीचर बताने वाले अब भी गाहे बगाहे मिल जाते हैं. मगर हमारी आपकी साझी जिम्मेदारी है कि जिंदगी के सबसे जरूरी टीचर्स को न भूलें. यहां 8PM वाली टीचर्स की बात नहीं हो रही. ये वो टीचर हैं जिन्होंने हमें स्कूल नहीं बुलाया. डस्टर से नहीं मारा. लेकिन हमारी जिंदगी को दिशा देने में भरपूर भूमिका निभाई.

1. पहली आधी सिगरेट पकड़ाने वाले को हैप्पी टीचर्स डे. केवल अपनी आंखें अजय देवगन जैसी नशीली करने के लिए एक कश लिया था. खांसी आ गई थी, याद करो.

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“मरेगा क्या साले साइड से चल” कहने वाले राह चलतू टीचर्स को भी नमन.

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जो अखबारों में ‘शरमाइये नहीं हमसे पूछिये’ पढ़कर आपको हस्तमैथुन के नुकसान बताते थे उन स्वघोषित सेक्सोलॉजिस्ट को भी हैप्पी टीचर्स डे.

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‘यहां कायदे से एक हाथ मार दो तो आदमी महीने भर उठ न पाए’ बताने वाले मार्शल आर्ट एक्सपर्ट्स को भी हैप्पी टीचर्स डे. ये चिरकुट आपके पिटने में बहुत रस लेते थे.

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”ये वाला हेयर स्टाइल आप पर जमता है” बोलकर चोमूकट बना देने वाले हेयर ड्रेसर को भी हैप्पी टीचर्स डे. उसके सिखाए सबक की वजह से आप दोबारा उस दुकान पर नहीं गए.

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“98 से शुरू होने वाले सारे नंबर हच के होते हैं” बताने वाले सिम कार्ड वाले भैया को टीचर्स डे विश किया कि नहीं?

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“रिपेयर कराओगे तो इत्ता खर्च लगेगा फिर भी रहेगा पुराना ही, इससे अच्छा नया ले लो.” बोलकर टुच्चा इलेक्ट्रिक सामान पकड़ा देने वाले अंकल को भी हैप्पी टीचर्स डे.

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इतने काफी हैं मेरे खयाल से. टीचर्स की पूजा के लिए ही नहीं होता है टीचर्स डे, यह वक्त उनको फ़र्ज़ याद दिलाने का भी होता है कि “नंबर देते वक्त कलेजा थोड़ा बड़ा रखें और घटतौली बंद करें..”


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