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पायल रोहतगी जो चाहती थीं वो राजस्थान पुलिस ने फ्री में कर दिया, खुद करतीं तो पैसे लगते

एक्ट्रेस पायल रोहतगी. 15 दिसंबर को खबर आई कि इन्हें राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गांधी परिवार को लेकर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में. पायल ने बेल के लिए अप्लाई किया लेकिन कोर्ट ने बेल याचिका खारिज कर दी. अब वह 24 दिसंबर तक जुडिशियल कस्टडी में रहेंगी. यानी एक हफ्ते से भी ज्यादा वक्त जेल में बिताएंगी.

वैसे जिस विडियो के लिए पायल रोहतगी को गिरफ्तार किया गया है, उसमें कुछ भी नया नहीं है. बीजेपी के अलग-अलग नेता, अलग-अलग मौकों पर वही बातें कह चुके हैं. पायल रोहतगी ने सितंबर में वीडियो पोस्ट किया था. शिकायत हुई. एक महीने पहले उन्हें नोटिस भेजा गया लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुईं. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया.

लेकिन ये पहला मामला तो है नहीं जब सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ कुछ लिखने पर किसी को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया. पीएम मोदी के खिलाफ, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पोस्ट करने पर लोगों की गिरफ्तारी की खबरें पहले भी आ चुकी हैं.

लेकिन जेल में तो भीड़ बढ़ रही है न?

2017 के जेल स्टैटिस्टिक के अनुसार भारत की जेलों में कैपेसिटी से ज्यादा कैदी बंद हैं. 15 प्रतिशत ज्यादा. वहीं जितने कैदी बंद हैं उनमें से 68 प्रतिशत ऐसे हैं जिन पर केस चल रहा है, फैसला नहीं आया है. ऐसे में सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी को गिरफ्तार करके जेल में डालकर जेल की भीड़ को और बढ़ाने का तुक क्या है?

मिस इनफॉर्म्ड जनता

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गिरफ्तारियों की बात करते हुए हमें ये भी देखना होगा कि हम उस दौर में जी रहे हैं जिसमें प्यूबर्टी आने से पहले लोगों के हाथ में स्मार्टफोन और जियो का कनेक्शन पहुंच रहा है. और ऐसा सिर्फ शहरों में नहीं है, छोटे-छोटे गांवों में यही हो रहा है.

सही-गलत का भेद कर पाने की समझ पैदा होने से पहले ही लोगों का वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी में एनरोलमेंट हो जा रहा है. वो वहां मिलने वाली हर सही-गलत जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा कर रहे हैं. उसे ही सही मानकर, दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर इतनी ज्यादा मिसइनफॉर्मेशन है कि कोई भी आसानी से उसका शिकार बन सकता है.

पायल रोहतगी को इसका बेनिफिट ऑफ डाउट नहीं मिलना चाहिए. क्योंकि उनका मोडस ओपरांडी यानी काम  करने का तरीका ही यही है. उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर नज़र डालेंगे तो पाएंगे कि उनके लिए सबसे ज़रूरी पब्लिसिटी है.

बीजेपी का सपोर्ट, हिंदुत्व के एजेंडे पर पोस्ट, कांग्रेस के खिलाफ कमेंट्स और समुदाय विशेष के प्रति नफरत फैलाने वाले पोस्ट करना उनके लिए पब्लिसिटी का एक तरीका है. राजस्थान की गहलोत सरकार के अंडर काम करने वाली पुलिस ने पायल रोहतगी को गिरफ्तार करके उन्हें एक और मौका दे दिया है, फ्री की पब्लिसिटी पाने का. खुद को शहीद बताने का कि देखो मेरे साथ क्या हो गया. मैंने तो जो गूगल पर पढ़ा था, उसी से विडियो बनाया था. अब वहां गलत जानकारी है तो मैं क्या करूं?

यूं तो बहुत से बॉलीवुड सेलेब हैं जो पॉलिटिक्स पर अपनी ओपिनियन रखते हैं. स्वरा भास्कर, अनुराग कश्यप जैसे कुछ लोग तो काफ़ी खुले तौर पर अपने विचार रखते नज़र आते हैं. मगर पायल और इनमें फर्क ये है कि ये ट्विटर के अलावा भी अपनी लाइफ में और काम करते हैं. पायल रोहतगी तो ख़बरों में ही सिर्फ तब आती हैं जब वो मोदी-मोदी करते हुए कोई नफ़रत भरा ट्वीट कर देती हैं.

पायल रोहतगी एक बार फिर ख़बरों में हैं वो वक़्त हो चला कि वो थैंक्यू राजस्थान पुलिस वाला एक ट्वीट भी अब कर ही दें.


वीडियो- मोदी की ‘सबसे बड़ी फैन’ पायल रोहतगी गांधी परिवार पर झूठ बोलकर फंसीं

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