Submit your post

Follow Us

वो 8 बॉलीवुड स्टार्स, जो हीरो-हीरोइन बाद में इंजीनियर पहले हैं

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले एक्टर्स को लेकर लोगों में कई तरह की गलतफहमियां या मिस-कॉन्सेप्शन रहता है. जैसे एक्टर्स कम पढ़े-लिखे होते हैं. या उन्हें कोई और काम नहीं आता इसलिए एक्टिंग फील्ड में आ जाते हैं. या फिर वो बहुत अमीर परिवारों से आते हैं, इसलिए लाइफ में जो चाहें कर सकते हैं. ऐसा लोगों को मानना है. अगर यकीन नहीं है, तो मम्मी-पापा से ‘मुझे एक्टर बनना है’ कहकर देख लीजिए. लेफ्ट हैंड साइड- राइट हैंड साइड, हर ओर से हमारी बात प्रूव हो जाएगी. बड़े शहरों में चीज़ें थोड़ी बेहतर हुई हैं लेकिन छोटे शहर में अधिकतर लोगों का सोचना कुछ ऐसा ही रहता है. इसलिए आज हम कुछ कुछ पढ़े-लिखे एक्टर्स की बात करेंगे. इंजीनियर्स की बात करेंगे. वो बॉलीवुड एक्टर्स, जो हीरो-हीरोइन बाद में इंजीनियर पहले हैं.

1) आर. माधवन– ‘रहना है तेरे दिल में’ के मैडी उर्फ माधवन बचपन से पढ़ने-लिखने वाले बच्चे थे. इन्होंने कोल्हापुर के राजा राम कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की थी. माधवन को कॉलेज से 1 साल के लिए कैनडा भेजा गया था. कल्चरल एंम्बैसेडर बनाकर. वो भी कॉलेज स्कॉरलशिप पर. ऊपर से एनसीसी में भी महाराष्ट्र के बेस्ट कैडेट्स में गिने जाते थे. माधवन ने बाद में पब्लिक स्पीकिंग में पोस्ट-ग्रैजुएशन (PG) भी की. लेकिन मुंबई में रहने के दौरान मन में मॉडलिंग की इच्छा जगी. और फिर मॉडलिंग के रास्ते एक्टिंग.

अपने कॉलेज के दिनों में माधवन.
अपने कॉलेज के दिनों में माधवन.

2) सोनू सूद– नागपुर में बॉर्न एंड ब्रॉटअप होने वाले सोनू को हमेशा से एक्टर बनना था. लेकिन ये बात घरवालों को बताने के लिए सही समय का इंतज़ार करना पड़ता है. उस समय के आने तक सोनू किसी रेगुलर इंडियन लड़के की तरह अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे. स्कूल खत्म करने के बाद उनका एडमिशन नागपुर के प्रतिष्ठित यशवंतराव चव्हाण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में हो गया. वहां से वो इंजीनियर बनकर निकले और मुंबई चले गए. फिल्म इंडस्ट्री में घुसने के जुगाड़ के तौर पर इन्होंने मॉडलिंग शुरू की. और उनका प्लान काम कर गया.

नागपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों में सोनू सूद. और उनके पीछे दीवार पर रवीना टंडन का पोस्टर.
नागपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों में सोनू सूद. और उनके पीछे दीवार पर रवीना टंडन का पोस्टर.

3) सुशांत सिंह राजपूत– AIEEE (All India Engineering Entrance Examination) में इनकी देशभर में 7वीं रैंक आई थी. दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) में एडमिशन मिल गया. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ सुशांत मशहूर कोरियोग्राफर शियामक डावर से डांस क्लास लेने लगे. शियामक ने ही सुशांत को पहली बार एक्टिंग करने की सलाह दी. इसके बाद सुशांत एक्टिंग कोच बैरी जॉन की शरण में आए और थर्ड ईयर में इंजीनियरिंग छोड़ थिएटर करना शुरू कर दिया.

कॉलेज के दिनों में बाइक पर बैठकर स्टाइल मारते सुशांत.
कॉलेज के दिनों में बाइक पर बैठकर स्टाइल मारते सुशांत.

4) तापसी पन्नू– दिल्ली के गुरु तेग बहादुर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग कर रही थीं. प्रोफेसर के साथ पंगा हो गया. प्रोफेसर एग्ज़ाम में फेल न करें इसके लिए तापसी ने अपने कुछ बैचमेट्स के साथ मिलकर एक आईफोन ऐप बना डाला. इस ऐप का नाम था ‘फॉन्ट स्वॉप’. आगे एमबीए करना चाहती थीं. परसेंटाइल थोड़ा कम रह गया. इसी समय में एक्स्ट्रा शॉपिंग मनी के लिए मॉडलिंग शुरू की. मॉडलिंग वाली पिक्चर देखकर इन्हें मशहूर फिल्ममेकर वेत्रीमारन ने फोन कर ‘आडुकलम’ फिल्म ऑफर कर दी.

 तापसी पन्नू की कॉलेज वाली फोटो.
तापसी पन्नू की कॉलेज वाली फोटो.

5) कृति सैनन– कृति की स्कूली पढ़ाई-लिखाई डीपीएस आर.के पुरम से हुई. आगे की पढ़ाई जेपी (Jaypee) इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फॉरमेशन टेक्नॉलजी, नोएडा में चालू हुई. यहां से कृति इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कर रही थीं. इंजीनियरिंग पूरी करने के साथ नौकरी की बजाय मॉडलिंग शुरू कर दी. 2012 में एक तेलुगू फिल्म बन रही थी ‘1: नेनोक्कडीने’. उसमें महेश बाबू और काजल अग्रवाल लीड रोल्स कर रहे थे. लेकिन काजल उस फिल्म से अलग हो गईं और कृति का हो गया एक्टिंग डेब्यू.

इस कॉलेज पिक्चर में कृति को ढूंढ कर दिखाइए!
इस कॉलेज पिक्चर में कृति को ढूंढ कर दिखाइए!

6) कार्तिक आर्यन– इन्हें एक्टिंग का चस्का हाई स्कूल में ही लग गया था. लेकिन पापा-मम्मी चाहते थे कि कार्तिक इंजीनियर-डॉक्टर बनें. जब स्कूल खत्म हुआ, तो कार्तिक ने जान-बूझकर सिर्फ मुंबई के कॉलेजों में एडमिशन के लिए अप्लाई किया. उन्हें नवी मुंबई के डी. वाय पाटिल कॉलेज में एडमिशन मिल गया. वो मुंबई आए और क्लास अटेंड करने की बजाय मुंबई कोने-कोने में घूमकर ऑडिशन देने लगे. एक दिन फेसबुक पर कास्टिंग की खबर देखकर अपनी फोटो के साथ ओवर-कॉन्फिडेंट सा मेल किया और ‘प्यार का पंचनामा’ में काम मिल गया.

कॉलेज यानी स्ट्रगल के दिनों में कार्तिक. यही फोटो देखकर उन्हें 'प्यार का पंचनामा' मिली थी,
कॉलेज यानी स्ट्रगल के दिनों में कार्तिक. यही फोटो देखकर उन्हें ‘प्यार का पंचनामा’ मिली थी,

7) विकी कौशल– इनके पिता फिल्मों में स्टंटमैन और बाद में एक्शन कोरियोग्राफर थे. चाहते थे बेटा कुछ कायदे का कर ले. इसलिए स्कूल के बाद इंजीनियरिंग में लगा दिया. विकी ने राजीव गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेली-कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की. लेकिन विकी को लगा कि वो इंजीनियर की नौकरी नहीं करना चाहते. इसलिए अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर जुड़ गए. साथ में एक्टिंग क्लास भी लेते रहे. अनुराग की दो फिल्मों में छोटे रोल्स करने के बाद उन्हीं के प्रोडक्शन की ‘मसान’ से प्रॉपर एक्टिंग डेब्यू किया.

लाल घेरे वाले भाई साहब विकी कौशल ही हैं.
लाल घेरे वाले भाई साहब विकी कौशल ही हैं.

जब इंजीनियरिंग की बात छिड़ी है, तो कुछ और लोगों का ज़िक्र भी होना चाहिए. उन लोगों का जिन्होंने इंजीनियरिंग शुरू तो की लेकिन उसे पूरा किए बिना, दूसरी फील्ड में गुलाटी मार गए. उदाहरण के तौर पर अमीषा पटेल को ही ले लीजिए:

#) अमीषा पटेल जब इन्होंने मुंबई में हाई स्कूल पास किया था, तभी इन्हें ‘कहो ना प्यार है’ का ऑफर आ गया था. लेकिन अमीषा आगे पढ़ने के लिए यूएस जाना चाहती थीं. यूएस जाकर इन्होंने बायो-टेक (बायोटेक्नॉलजी) इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया. लेकिन दो साल में ही वो कोर्स ड्रॉप कर इकॉनमिक्स की ओर आ गईं. फाइनली टफ्ट यूनिवर्सिटी मासुचुसेट्स से इकोनॉमिक्स में गोल्ड मेडल के साथ ग्रैजुएशन पूरी की. इसके बाद इंडिया लौटीं और ‘कहो ना प्यार है’ से ‘गदर’ मचा  दिया.

अपने करियर के शुरुआती दिनों में अमीषा पटेल.
अपने करियर के शुरुआती दिनों में अमीषा पटेल.

वीडियो देखें: आलिया, शाहिद, रनबीर और प्रियंका के निकनेम और उसके पीछे का खेल जानिए

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

फिल्म रिव्यू- ईब आले ऊ

साधारण लोगों की असाधारण कहानी, जो बिलकुल किसी फिल्म जैसी नहीं लगती.

इललीगल- जस्टिस आउट ऑफ़ ऑर्डर: वेब सीरीज़ रिव्यू

कहानी का छोटे से छोटा किरदार भी इतनी ख़ूबसूरती से गढ़ा गया है कि बेवजह नहीं लगता.

बेताल: नेटफ्लिक्स वेब सीरीज़ रिव्यू

ये सीरीज़ अपने बारे में सबसे बड़ा स्पॉयलर देने से पहले स्पॉयलर अलर्ट भी नहीं लिखती.

पाताल लोक: वेब सीरीज़ रिव्यू

'वैसे तो ये शास्त्रों में लिखा हुआ है लेकिन मैंने वॉट्सऐप पे पढ़ा था.‘

इरफ़ान के ये विचार आपको ज़िंदगी के बारे में सोचने पर मजबूर कर देंगे

उनकी टीचर ने नीले आसमान का ऐसा सच बताया कि उनके पैरों की ज़मीन खिसक गई.

'पैरासाइट' को बोरिंग बताने वाले बाहुबली फेम राजामौली क्या विदेशी फिल्मों की नकल करते हैं?

ऐसा क्यों लगता है कि आरोप सही हैं.

रामायण में 'त्रिजटा' का रोल आयुष्मान खुराना की सास ने किया था?

रामायण की सीता, दीपिका चिखालिया ने किए 'त्रिजटा' से जुड़े भयानक खुलासे.

क्या दूरदर्शन ने 'रामायण' मामले में वाकई दर्शकों के साथ धोखा किया है?

क्योंकि प्रसार भारती के सीईओ ने जो कहा, वो पूरी तरह सही नहीं है. आपको टीवी पर जो सीन्स नहीं दिखे, वो यहां हैं.

शी- नेटफ्लिक्स वेब सीरीज़ रिव्यू

किसी महिला को संबोधित करने के लिए जिस सर्वनाम का इस्तेमाल किया जाता है, उसी के ऊपर इस सीरीज़ का नाम रखा गया है 'शी'.

असुर: वेब सीरीज़ रिव्यू

वो गुमनाम-सी वेब सीरीज़, जो अब इंडिया की सबसे बेहतरीन वेब सीरीज़ कही जा रही है.