पोस्टपार्टम पीरियड के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को नहीं पहननी पड़ेगी पैंट-शर्ट, बंगाल पुलिस ने वर्दी नियमों में ढील दी
West Bengal में महिला पुलिस कर्मी प्रेग्नेंसी के 12 वें सप्ताह से और डिलीवरी के 12 महीने बाद तक सलवार-कमीज पहन सकती हैं. इसके लिए उन्हें अपने संबंधित यूनिट से मंजूरी लेनी होगी.
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पश्चिम बंगाल पुलिस (West Bengal Police) ने महिलाओं के लिए ड्रेस संबंधी नियम (Police Uniform) में ढील दी है. महिलाओं को प्रेग्नेंसी (Pregnancy) और पोस्टपार्टम पीरियड के दौरान खाकी शर्ट और ट्राउजर के बदले सफेद या खाकी सलवार-कमीज पहनने की अनुमति दी गई है. पोस्टपार्टम पीरियड बच्चे के जन्म के बाद शुरू होने वाली अवधि होती है. यह आम तौर पर छह से आठ हफ्तों तक चलती है. इस दौरान मां के शरीर में कई शारीरिक और भावनात्मक बदलाव होते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर बताया,
बंगाल पुलिस से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि आजकल महिला पुलिस कर्मी अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी काम करती हैं. इसलिए विभाग ने वर्दी संबंधी नियमों में बदलाव करना जरूरी समझा. नोटिफिकेशन के मुताबिक, महिला पुलिस कर्मी प्रेग्नेंसी के 12 वें सप्ताह से और डिलीवरी के 12 महीने बाद तक सलवार-कमीज पहन सकती हैं. इसके लिए उन्हें अपने संबंधित यूनिट से मंजूरी लेनी होगी. एक महिला पुलिस स्टेशन की प्रभारी ने बताया,
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नोटिफिकेशन में बताया गया है कि अलग-अलग रैंक और मौसमों के लिए अलग-अलग ड्रेस का विकल्प दिया गया है. जिनमें गर्मियों में खाकी या सफेद टेरीकॉट कमीज और सलवार जबकि सर्दियों में अंगोला कमीज और सलवार शामिल हैं. बंगाल पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन में ये भी बताया गया है कि वर्दी नियमों में यह छूट स्वैच्छिक है. महिला पुलिस कर्मियों के पास अपनी मानक वर्दी पहनने का विकल्प मौजूद रहेगा.
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