एकसाथ दो फुलटाइम डिग्री लेना चाहते हैं, UGC ने इंतजाम कर दिया है!
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक साथ फिजिकल मोड में दो फुल टाइम डिग्री पूरी करने को मंजूरी दे दी है. UGC के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने 12 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की.

ग्रेजुएशन के दौरान कॉलेज में बीए की पढ़ाई करते हुए हमें लगता था कि बीएससी भी कर लेते, तो मजा आ जाता. या बीएससी कर रहे बहुत सारे स्टूडेंट्स को लगता था कि अगर इकॉनमिक्स या जियोग्राफी भी पढ़ लेते तो बढ़िया रहता. लेकिन ऐसा सिर्फ हम सोच सकते थे. प्रैक्टिकली ये संभव नहीं था. क्योंकि यूजीसी के नियमों के मुताबिक, अब तक एक सेशन में एक ही डिग्री ली जा सकती थी. लेकिन अब ऐसा संभव हो सकता है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक साथ फिजिकल मोड में दो फुल टाइम डिग्री पूरी करने को मंजूरी दे दी है. UGC के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने 12 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की.
जल्दी ही आएगी गाइडलाइनप्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जगदीश कुमार ने कहा कि जल्दी ही इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी किए जाएंगे. ये गाइडलाइन पूरे देश में सभी कोर्सेज पर लागू होंगी. छात्रों के पास एक डिप्लोमा कोर्स और एक स्नातक (UG) कोर्स, दो मास्टर कोर्स या दो UG कोर्स का कॉम्बिनेशन चुनने का विकल्प होगा. अगर कोई छात्र मास्टर्स कोर्स की योग्यता रखता है और मास्टर्स के साथ किसी दूसरे डोमेन में बैचलर्स डिग्री लेना चाहता है तो वो एक साथ PG और UG दोनों कोर्स कर सकता है. बस ये ध्यान रखना होगा कि दोनों की क्लास टाइमिंग्स आपस में न टकराएं. छात्रों के पास दोनों डिग्री एक साथ फिजिकल मोड में पूरी करने, एक डिग्री फिजिकल मोड और एक ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड में पूरी करने या फिर दोनों डिग्री एक साथ ऑनलाइन मोड में पूरी करने का विकल्प होगा.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक एम जगदीश कुमार ने बताया,
इससे पहले UGC के नियम छात्रों को दो फुल टाइम कोर्स एक साथ पूरा करने की अनुमति नहीं देते थे. अब तक एक फुल टाइम कोर्स के साथ एक ऑनलाइन/शॉर्ट टर्म/डिप्लोमा कोर्स ही किया जा सकता था.
2012 में भी हुई थी पहलएकसाथ दो डिग्री पूरा करने का ये मुद्दा पहली बार नहीं उठा है. इससे पहले 2012 में भी यूजीसी ने एक कमेटी बनाई थी. इस कमेटी की अध्यक्षता हैदराबाद यूनिवर्सिटी के वीसी फुरक़ान क़मर कर रहे थे. उन्होंने यूजीसी को दिए गए सुझाव में कहा था कि रेगुलर मोड में पढ़ाई कर स्टूडेंट को एक अतिरिक्त डिग्री लेने की छूट होनी चाहिए. दूसरी डिग्री ओपेन या डिस्टेंस मोड में उसी या किसी दूसरी यूनिवर्सिटी से भी हो सकती है. लेकिन एक साथ रेगुलर मोड में दो डिग्री पूरी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इससे एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव, दोनों तरह की समस्याएं हो सकती हैं.
तब यूजीसी के अधिकारियों ने कहा था कि इन सुझावों को ज्यादा समर्थन नहीं मिला था, इसलिए इसे अमल में नहीं लाया जा सका था. इसके बाद 2019 में यूजीसी के उपाध्यक्ष भूषण पटवर्धन के नेतृत्व में भी एक समिति बनाई गई थी. इस समिति का काम ये पता करना था कि अलग-अलग यूनिवर्सिटी में या फिर एक ही यूनिवर्सिटी में, ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड या पार्ट टाइम मोड में किस तरह से एकसाथ दो डिग्री पूरी की जा सकती हैं.

.webp?width=60)

