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ICICI बैंक में खाता खुलवाने जा रहे हैं? कम से कम 50000 रुपये रखने होंगे

ICICI Bank Minimum Balance: मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) को न्यूनतम औसत राशि भी कहा जाता है. ये वो न्यूनतम राशि है, जिसे ग्राहकों को अपने बैंक अकाउंट में बनाए रखना जरूरी होता है.

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9 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 9 अगस्त 2025, 08:50 PM IST)
ICICI Bank MAB hike
ICICI ने मिनिमम एवरेज बैलेंस में बढ़ोतरी की है. (प्रतीकात्मक फोटो- इंडिया टुडे)
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ICICI बैंक ने नया अकाउंट खोलने वाले कस्टमर्स के लिए हर महीने अकाउंट में रखे जाने वाले मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) की रकम बढ़ा दी है. अगर हर महीने ये रकम अकाउंट में मेंटेन नहीं रखी जाती, तो बैंक पेनल्टी लगाता है. अब ICICI बैंक ने इस पेनल्टी को भी बढ़ा दिया है. इससे पहले, कई सरकारी बैंकों ने मिनिमम एवरेज बैलेंस को खत्म करने की घोषणा की थी.

ICICI देश का दूसरा सबसे बड़ा उधार देने वाला बैंक है. इसने अपने कस्टमर्स को तीन अलग-अलग भागों में बांटा है- मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले, अर्ध-शहरी लोग और गांवों में रहने वाले लोग. ICICI की नई घोषणा के मुताबिक, अब शहरी क्षेत्रों में बैंक अकाउंट खोलने वालों को अपने अकाउंट में कम से कम 50,000 रुपये रखने पड़ेंगे. पहले ये राशि 10,000 रुपये थी.

वहीं, अर्ध-शहरी इलाकों में नए अकाउंट खुलवाने वाले लोगों के लिए ये राशि 5,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हो गई है. इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में अकाउंट खुलवाने वालों के लिए कम से कम रकम 10,000 रुपये हो गई है, जो पहले 2,500 रुपये थी. यह फैसला 1 अगस्त से खोले गए अकाउंट्स पर लागू होगा.

कैटेगरीनया MABपुराना MAB
मेट्रो और शहरी50,00010,000
अर्ध-शहरी25,0005,000
ग्रामीण10,0002,500

मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) को न्यूनतम औसत राशि भी कहा जाता है. ये वो न्यूनतम राशि है, जो ग्राहक को अपने बैंक अकाउंट में हर महीने बनाए रखना जरूरी होता है. अगर बैंक अकाउंट में जरूरी राशि से कम पैसे हुए, तो बैंक जुर्माना लगाते हैं.

ICICI बैंक का कहना है कि अगर कस्टमर मिनिमम एवरेज बैलेंस के मानदंड को पूरा नहीं करता, तो जुर्माने की राशि भी बढ़ाई जाएगी. ये जुर्माना जरूरी मिनिमम एवरेज बैलेंस में कमी का 6 प्रतिशत या 500 रुपये (जो भी कम हो) होगा.

बैंक ने कैश जमा करने और निकालने के नियम भी बदल दिए हैं. अब आप महीने में सिर्फ 3 बार ब्रांच जाकर बिना चार्ज दिए कैश जमा कर सकते हैं. इसके बाद हर बार कैश जमा करने पर 150 रुपये का चार्ज लगेगा.

इसी तरह, कैश निकालने के लिए भी महीने में 3 बार तक ब्रांच से पैसा निकालना फ्री रहेगा. इसके बाद हर कैश ट्रांजेक्शन पर 150 रुपये देने होंगे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कई सरकारी बैंक एवरेज मंथली बैलेंस का सिस्टम खत्म कर चुके हैं. इनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और केनरा बैंक जैसे बड़े बैंक शामिल हैं.

इनमें कुछ बैंकों ने चुनिंदा किस्म के सेविंग्स अकाउंट पर छूट दी है, तो कुछ ने सभी तरह के सेविंग्स अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस की शर्त खत्म कर दी है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 2020 में ही मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त खत्म कर दी थी.

29 जुलाई को वित्त मंत्रालय ने बताया कि बीते पांच सालों में बैंकों ने मिनिमम एवरेज बैलेंस ना रखने पर जुर्माने से लगभग 9,000 करोड़ रुपये की कमाई की है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया था कि साल 2020-21 से 2024-25 तक, सरकारी बैंकों ने कुल 8,932.98 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला, क्योंकि लोगों ने अपने खातों में तय मिनिमम एवरेज बैलेंस नहीं रखा.

वीडियो: खर्चा पानीः 'सेबी की चीफ रहते हुए माधवी पुरी बुच ने ICICI बैंक से 17 करोड़ की सैलरी ली'

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