Submit your post

Follow Us

कहानी 'फैमिली मैन' की राजी यानी समांथा की, जिनके एक ट्वीट पर महेश बाबू के फैन्स उनके दुश्मन हो गए!

हाल ही में ‘द फैमिली मैन’ का दूसरा सीज़न रिलीज़ हुआ है. लोग शो पर भरपूर प्यार लुटा रहे हैं. हर फिल्म क्रिटिक अपने रिव्यू में शो से जुड़ी एक एक्ट्रेस के कसीदे पढ रहा है. तेलुगु एक्ट्रेस समांथा अक्किनेनी के. शो में उन्होंने राजी नाम की विलन का किरदार निभाया. राजी, एक ट्रेंड फाइटर. शातिर है लेकिन धूर्त नहीं. शो में समांथा ने अपने आप को जिस तरह कैरी किया है, वो वाकई तारीफ के काबिल है. उनका विलन इंडियन वेब स्पेस के अंधियारे कोनों में एक रिफ्रेशिंग एहसास लाता है.

इसलिए बात करेंगे समांथा की. उनके फिल्मी करियर की. उनकी लाइफ से जुड़े कुछ किस्सों को जानेंगे. साथ ही बताएंगे उनकी करियर बेस्ट फिल्मों के बारे में.

Bharat Talkies


# स्कूल की टॉपर से टॉप वाली एक्ट्रेस बन गईं

28 अप्रैल, 1987 को तेलुगु पिता और मलयाली मां के घर एक बेटी का जन्म हुआ. नाम रखा गया समांथा. समांथा यानी कोई ऐसी जो सबकी प्रार्थनाओं को सुने. बचपन में ही समांथा का परिवार चेन्नई शिफ्ट हो गया था. यही वजह है कि एक तेलुगु परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उनकी तमिल भाषा पर ज़्यादा अच्छी पकड़ है. वो खुद को भी तमिलियन ही मानती हैं. खैर, समांथा शुरू से पढ़ाई में अच्छी थीं. क्लास की टॉपर. कभी ख्याल भी नहीं आया था कि आगे जाकर एक्टिंग जैसा प्रोफेशन चुनना है. फिर इसके लिए पैशन होना तो बहुत दूर की बात थी.

Samantha Childhood
समांथा का अधिकांश जीवन चेन्नई में ही बीता. फोटो – ट्विटर

स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद समांथा ने चेन्नई के स्टेला मेरिस कॉलेज में दाखिला लिया. स्कूल में कॉमर्स बैकग्राउंड से वास्ता होने के चलते उन्होंने बी कॉम की पढ़ाई शुरू कर दी. समांथा एक लोवर मिडल क्लास परिवार से आती हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी. जिसके चलते समांथा ने कॉलेज के आखिरी सालों में मॉडलिंग करना शुरू कर दिया. वो भी एक मॉल के लिए. नाम था नायडू हॉल रिटेल शॉपिंग मॉल. उसी दौरान कुछ ऐड्स में भी काम किया. ये सब घट रहा था 2007 में. ऐसा वक्त जब तमिल सिनेमैटोग्राफर रवि वर्मन डायरेक्शन की दुनिया में अपना डेब्यू प्लान कर रहे थे. फिल्म थी ‘मॉसकोविन कावेरी’. फिल्म के लिए नई एक्ट्रेस को कास्ट करना चाहते थे. उसी हंट के दौरान उनकी नज़र पड़ी समांथा पर. बस फिर क्या, उन्होंने समांथा को फाइनल कर लिया. फिल्म पर 2007 में ही काम शुरू कर दिया. लेकिन अगर आप समांथा की फिल्मोग्राफी चेक करेंगे तो उनकी डेब्यू फिल्म के तौर पर आपको इस फिल्म का नाम नहीं मिलेगा.

Samantha School Topper 1
स्कूल के जमाने में टॉपर रही समांथा कभी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थीं. फोटो – फेसबुक

उनकी पहली रिलीज़ हुई फिल्म थी 2010 में आई तेलुगु फिल्म ‘ये माया चेसावे’. बनाया था गौतम मेनन ने. वही गौतम मेनन, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को ‘रहना है तेरे दिल में’ दी थी. ‘ये माया चेसावे’ के लिए करीब 50 लड़कियों ने ऑडिशन दिया. लेकिन फाइनल हुई समांथा. फिल्म में उनके किरदार का नाम था जेसी. लीड में नागा चैतन्य उनके साथ थे. आगे जाकर नागा उनके हमसफ़र भी बने. जब समांथा और नागा ने 2017 में शादी कर ली. समांथा ने आगे चलकर अपने करियर में तीन और मौकों पर नागा के साथ काम किया. खैर, फिल्म रिलीज़ हुई. बड़ी हिट साबित हुई. फिल्म अवॉर्ड्स में कई नॉमिनेशन अपने नाम किए. समांथा को अपने काम के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस और नंदी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, समांथा का किरदार इतना पसंद किया गया कि लोग उन्हें जहां भी स्पॉट करते, ‘जेसी, जेसी’ पुकारने लगते. क्रिटिक्स उन्हें एक खोज बताते नहीं थक रहे थे.

Ye Maaya Chesave 1
‘ये माया चेसावे’, वो फिल्म जिसने समांथा को जेसी बना दिया. फोटो – ट्विटर

गौतम अपनी इस फिल्म को तमिल में भी बना रहे थे. ‘विन्नईठांडी वरुवाया’ के टाइटल से. वहां समांथा वाला रोल तृषा निभा रही थी. जो समांथा की फेवरेट एक्ट्रेसेस में से थीं. फिल्म रिलीज़ हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई. आगे गौतम ने अपनी फिल्म का हिंदी रीमेक भी बनाया. जो थी 2012 में आई ‘एक दीवाना था’. हिंदी रीमेक में ओरिजिनल फिल्म की लीड समांथा ने भी कैमियो किया था. प्रतीक बब्बर और एमी जैक्सन स्टारर ये फिल्म ओरिजिनल जैसा जादू रिक्रिएट नहीं कर पाई. और फिल्म के आगे फ्लॉप का ठप्पा लग गया.


# क्यों Samantha Akkineni को शंकर और मणि रत्नम की फिल्में छोड़नी पड़ी?

‘ये माया चेसावे’ की शूटिंग के दौरान समांथा को एक और फिल्म ऑफर हुई. ‘बृंदावनम’. लीड में थे जूनियर एनटीआर और काजल अग्रवाल. रिलीज़ हुई थी 2010 में. फिल्म में उन्हें बहुत कम स्पेस मिला. बावजूद इसके, उनके काम की तारीफ हुई. फिल्म भी चल निकली. उनके करियर की दूसरी हिट तेलुगु फिल्म बन गई. 2010 ही वो साल भी बना जब लंबे समय से अटकी ‘मॉसकोविन कावेरी’ भी रिलीज़ हुई. उसी साल समांथा की एक और तमिल फिल्म रिलीज़ हुई. ‘बाना कातदी’. फिल्म को एवरेज रिव्यूज़ मिले.

Moscowin Kaveri
समांथा की पहली फिल्म 2010 में आकर रिलीज़ हुई.

फिर आया साल 2012. जब समांथा को अपने करियर की सबसे बड़ी तेलुगु फिल्म मिली. फिल्म थी ‘डुकूडु’. लीड रोल में थे महेश बाबू. ये फिल्म महेश बाबू की ही थी. क्योंकि समांथा के किरदार को काफी कम फुटेज मिला. ‘डुकूडु’ बॉक्स ऑफिस पर बम्पर रिस्पॉन्स के साथ खुली. 100 करोड़ क्लब में शामिल हुई. समांथा को भले ही कम स्क्रीन स्पेस वाले रोल मिल रहे थे. फिर भी उन्होंने अपने काम से क्रिटिक्स और ऑडियंस, दोनों को इंप्रेस कर लिया था. तेलुगु सिनेमा में उनकी फैन फॉलोइंग इस कदर थी कि फिल्म में उनका रोल चाहे छोटा ही क्यों ना हो, फिर भी प्रड्यूसर उन्हें पोस्टर पर रखते थे. ताकि उनके फैन्स थिएटर भर दें.

Samantha In Dookudu
‘डुकूडु’ के एक सीन में महेश बाबू और समांथा. फोटो – यूट्यूब स्क्रीनशॉट

मणि रत्नम और शंकर. साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दो कद्दावर डायरेक्टर्स. एक्टर्स का सपना होता है इनके साथ काम करने का. लेकिन वो किस्मत वाले ही होते हैं जिनके नाम के आगे ‘स्टारिंग इन मणि रत्नम फिल्म या स्टारिंग इन शंकर फिल्म’ लिखा होता है. समांथा की किस्मत अच्छी भी थी और बुरी भी. क्योंकि एक तरह से उन्हें इन दोनों डायरेक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला. सब कुछ फाइनल भी हो गया. फिर भी प्रोजेक्ट्स को ना कहना पड़ा. 2013 में मणि रत्नम की फिल्म आई थी. ‘कादल’ के नाम से. फिल्म की लीड एक्ट्रेस थी तुलसी नायर. ओरिजिनली, ये रोल समांथा को ऑफर किया गया था. मणि रत्नम के साथ काम करने को लेकर समांथा उत्सुक भी थीं. लेकिन उन्हें इस फिल्म को ना करना पड़ा. दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो 2012 में समांथा स्किन प्रॉब्लम से जूझ रही थीं. डॉक्टर्स ने उन्हें तीन महीनों के लिए कम्प्लीट रेस्ट करने को कहा. साथ ही कहा कि वो इस दौरान धूप और हेवी लाइटिंग का सामना ना करें. ‘कादल’ में उनके किरदार के काफी सीन्स धूप में थे. मजबूरन, उन्हें भारी मन से इस फिल्म को अलविदा कहना पड़ा.

Kadal 1
तुलसी नायर ने ‘कादल’ में समांथा को रिप्लेस किया. फोटो – ट्रेलर

उसी दौरान शंकर भी अपनी अगली फिल्म प्लान कर रहे थे. बड़ा बजट, एग्ज़ॉटिक लोकेशन्स और विक्रम को लेकर बनाई गई ‘आई’. समांथा को अपनी स्किन प्रॉब्लम की वजह से इस प्रोजेक्ट से भी हटना पड़ा. बाद में उन्हें रिप्लेस किया एमी जैक्सन ने. और फिल्म बनकर रिलीज़ हुई 2015 में.


# ‘इस लड़की से काफी उम्मीदें थी, लेकिन ये ग्लैमर डॉल बनकर रह गई’

2012 के बाद एक वक्त ऐसा आया जब समांथा ने कैरक्टर सेंट्रिक फिल्मों से खुद को दूर कर लिया. फिल्मों को कमर्शियल वेल्यू के बेसिस पर साइन करने लगीं. इसी चक्कर में साइन की 2014 में आई ‘अल्लुदु सीनु’. आउट-एंड-आउट मसाला फिल्म. फिल्म रिलीज़ हुई. और क्रिटिक्स ने इसे जमकर लताड़ा. समांथा के रोल के लिए कहा कि शायद उन्होंने ये फिल्म ग्लैमर डॉल बनने के लिए ही साइन की. फिल्म को लेकर लिखा गया कि समांथा के शुरुआती काम को देखकर उनसे उम्मीद थी, कि वो बहुत कुछ कर सकती हैं. लेकिन अब देखकर लग रहा है कि वो सिर्फ एक प्रॉप बनकर रहना चाहती हैं. ऐसा ही कुछ उनकी 2014 में आई रिलीज़ ‘रभासा’ के लिए भी कहा गया. फिल्म की जमकर आलोचना हुई.

Samantha In Rabhasa
समांथा ने लगातार हीरो-सेंट्रिक फिल्मों में काम किया, जिस वजह से उनकी आलोचना भी हुई. फोटो – रभासा का शॉट

समांथा की फिल्मों को बुरे रिव्यूज़ मिलने की लिस्ट में अगले स्थान पर थी, ‘अनजान’. लीड रोल सूर्या निभा रहे थे. ऑडियंस ने फिल्म देखने के बजाय अपने वीकेंड का इस्तेमाल कहीं और करना बेहतर समझा. सूर्या के बाद समांथा ने एक और दिग्गज तमिल एक्टर के साथ काम किया. थलपति विजय. फिल्म थी ‘कत्थी’. समांथा ने आगे भी ‘थेरी’ और ‘मर्सल’ जैसी फिल्मों में विजय के साथ काम किया. ‘कत्थी’ को डायरेक्ट किया था ‘ग़जिनी’ वाले एआर मुरुगदास ने. रिलीज़ के वक्त फिल्म को बड़ी ओपनिंग मिली. 2014 की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शुमार हुई. क्रिटिक्स ने भी फिल्म को सराहा. लेकिन सिर्फ फिल्म को. समांथा पर उनका ओपिनियन अभी भी जस-का-तस था. उनके लिए लिखा कि वो सिर्फ फिल्म में हंस रही हैं और सुंदर दिख रही हैं. ऐसे रिस्पॉन्स के बीच तमिल सिनेमा से ब्रेक लेकर तेलुगु सिनेमा का रुख किया. और साइन की ‘सन ऑफ सत्यमूर्ती’. एक और हीरो सेंट्रिक फिल्म. फिल्म के पोस्टर बॉय थे अल्लू अर्जुन. इस एवरेज फिल्म को क्रिटिक्स ने बख्श दिया. समांथा के रोल के हिस्से भी ठीक-ठाक कॉम्प्लिमेंट आए.


# जब समांथा के एक ट्वीट पर महेश बाबू के फैन्स उनके दुश्मन हो गए

समांथा की शख्सियत सिर्फ एक एक्टर तक सीमित नहीं. वो अपने आप को एक्टर से पहले एक इंसान मानती हैं. इसलिए जो महसूस करती हैं, बोल डालती हैं. अपने ओपिनियन को लेकर बेबाक रहती हैं. उनकी इसी बेबाकी ने उन्हें एक कंट्रोवर्सी में फंसा दिया था. वजह थी उनका एक ट्वीट. 2013 की बात है. समांथा ने ट्वीट किया,

एक आने वाली तेलुगु फिल्म का पोस्टर देखा. और वो सिर्फ रिग्रेसिव नहीं है. बल्कि उसका पॉइंट ही यही है कि वो रिग्रेसिव है.

Samantha Tweet On Poster
समांथा का ट्वीट जिस पर खूब बवाल मचा. फोटो – ट्विटर

समांथा ने ये टाइप कर ट्वीट बटन प्रेस कर दिया. लेकिन असली मुसीबत इसी के बाद शुरू हुई. एकाएक महेश बाबू के फैन्स उन्हें ट्रोल करने लगे. धमकियां मिलने लगी. उनके खिलाफ बॉयकॉट और कैंसल जैसे हैशटैग्स चलने लगे. समांथा ने अपने ट्वीट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया. किसी एक्टर या डायरेक्टर की तरफ इशारा तक नहीं किया. फिर भी खुद को महेश बाबू का फैन कहने वालों ने समांथा के खिलाफ ओछी भाषा यूज़ करने में कोई शर्म नहीं दिखाई. समांथा के ट्वीट का महेश बाबू कनेक्शन कैसे निकाला गया. उसकी भी कहानी बताते हैं. दरअसल, महेश बाबू और कृति सेनन की फिल्म आने वाली थी. ‘1 नेनोक्काडिने’. फिल्म का नया पोस्टर आया था. जहां महेश बाबू बीच पर पोज़ दे रहे हैं. हाथों में अपनी चप्पल है. हल्का सा पीछे मुड़कर देख रहे हैं. यहां तक पोस्टर में सब ठीक था. लेकिन वो पीछे मुड़कर देख रहे हैं कृति सेनन की ओर. जो अपने घुटनों के बल बैठी-बैठी उनके पीछे आ रही हैं.

1 Nenokkadine Controversial Poster
जिस पोस्टर पर सारा हंगामा हुआ, उसे आप खुद देखकर जज कर लीजिए. फोटो – ट्विटर

कृति का पोज़ देखकर दिमाग में एक ही बात आएगी. कि ये पोस्टर किस बुद्धिजीवी ने डिज़ाइन किया. लोग अनुमान लगाने लगे कि शायद समांथा ने इसी पोस्टर को लेकर ट्वीट किया था. बस फिर अनुमान को आधार बनाकर बेरहम ट्रोलिंग शुरू कर दी. समांथा के बचाव में फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी उतरे. उन्हीं में से एक थे ‘रंग दे बसंती’ वाले एक्टर सिद्धार्थ. बस फिर क्या, सिद्धार्थ भी ट्रोल्स के निशाने पर आ गए. लेकिन बेबाकी में सिद्धार्थ इन नफरती चिंटूओ से कहीं ज़्यादा स्मार्ट हैं. सभी को आड़े हाथों लिया.

Siddharth 11
सिद्धार्थ भी समांथा के बचाव में उतरे, ट्रोल हुए पर नफरती चिंटूओं का मुंह बंद कर दिया. फोटो – फेसबुक

इस पूरी कंट्रोवर्सी पर महेश बाबू का भी रिएक्शन आया. उन्होंने एक इंटरव्यू में अपनी नाराज़गी जताई. कहा,

समांथा मुझे और मेरी पत्नी नम्रता को अच्छे से जानती है. अगर उसे पोस्टर में कुछ गलत लगा तो उसे पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी. उसे ये सब नहीं बोलना चाहिए था.

महेश बाबू समांथा पर नाराज़ थे. लेकिन ये नाराज़गी कुछ टाइम बाद ही दूर भी हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि महेश और समांथा को किसी अवॉर्ड फंक्शन में साथ में देखा गया. दोनों कंफर्टेबल होकर बातें कर रहे थे.


# सिर्फ कमर्शियल हिरोइन नहीं

रीजनल सिनेमा को सिर्फ साउथ की फिल्में समझने वाले अधिकांश लोगों को समांथा एक टिपिकल हिरोइन लगती हैं. लेकिन उन्हें सिर्फ उनकी कमर्शियल फिल्मों से आंकना भी सही नहीं. अपने करियर में उन्होंने ऐसी भी फिल्में दी हैं जहां उनके अलावा किसी और को इमेजिन कर पाना भी मुश्किल है. ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में जानते हैं.

#1. यू टर्न (2018)

ये फिल्म इसी नाम से बनी कन्नड फिल्म का रीमेक थी. फिल्म का प्लॉट सेट है एक फ्लाइओवर के इर्द-गिर्द. जहां कई एक्सीडेंट्स हो चुके हैं. अब एक जर्नलिस्ट इन हादसों के पीछे की वजह पता करना चाहती है. सच तक पहुंचना चाहती है. लेकिन जो सच सामने आएगा, क्या वो उसके लिए तैयार है? यह आपको फिल्म देखकर पता चलेगा. फिल्म में समांथा ने उस जर्नलिस्ट का रोल निभाया है. रिलीज़ के वक्त फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ पाने में नाकाम रही. बावजूद इसके, क्रिटिक्स की तरफ से फिल्म को ग्रीन सिग्नल मिला. फीमेल किरदार को केंद्र बिंदु बनाकर रची गई इस कहानी में इतने ट्विस्ट और टर्न हैं कि आपको एंगेज कर के रखेगी.

Samantha
समांथा ने फिल्म में जर्नलिस्ट का रोल निभाया. फोटो – ट्रेलर

#2. इगा (2012)

फिल्म को डायरेक्ट किया था ‘बाहुबली’ वाले एसएस राजामौली ने. आप इस फिल्म को ‘मक्खी’ के टाइटल से पहचानते होंगे. उसे हिंदी में इसी नाम से डब किया गया था. ‘इगा’ ने समांथा के फैन्स की शिकायतें हर ली. कि एक्ट्रेस को बड़ी फिल्मों में छोटे रोल क्यों मिलते हैं. समांथा ने फिल्म में ऐसा काम किया कि आलोचकों का मुंह बंद कर दिया. हर ओर से सिर्फ तारीफ़ें ही उनके हिस्से आईं. लेकिन समांथा खुद बताती हैं कि ये रोल कमर तोड़ने वाला था. उन्हें एक मक्खी को इमेजिन कर अपने सीन्स शूट करने थे. फिल्म में बड़ी लाइट्स इस्तेमाल हुई. जिस वजह से समांथा की स्किन को भी नुकसान हुआ था.

7
‘बाहुबली’ वाले एसएस राजामौली फिल्म के डायरेक्टर थे. फोटो – ट्रेलर

#3. सुपर डीलक्स (2019)

4 कहानियां, टाइमलाइन सिर्फ 1 दिन. एक पति-पत्नी अपने घर पर पड़ी डेड बॉडी को ठिकाने लगाने का जुगाड़ कर रहे हैं. एक बच्चा जो कई सालों बाद अपने पिता के लौटने का इंतज़ार कर रहा है. पिता आता है तो एक सरप्राइज़ मिलता है. ऐसा जिसका अंदाजा किसी को ना होगा. एक गुस्से में पागल लड़का जिसे पता चलता है कि उसकी मां किसी जमाने में बी-ग्रेड फिल्मों की हीरोइन थी. एक अंधभक्त जिसे अब अपनी भक्ति और अपने भगवान पर शंका होने लगी है. ये 4 कहानियां जब आपस में मिलेंगी तो कुछ ऐसा होगा जो पहले कभी ना सोचा होगा, ना ही देखा होगा. फिल्म समांथा के किरदार से शुरू होती है. बल्कि उनके वॉयसओवर से. पति-पत्नी वाली कहानी में उन्होंने पत्नी का रोल निभाया. यहां उनके पति बने थे फहद फ़ाज़िल.

Couple 3
फिल्म समांथा वाले किरदार से खुलती है. फोटो – ट्रेलर

#4. मजिली (2019)

इस तेलुगु फिल्म का मुख्य किरदार है पूर्णा. 34-35 साल का आदमी. लाइफ में हताश. किसी ज़माने में क्रिकेट से बड़ा लगाव था. क्रिकेटर बनना चाहता था. लेकिन नहीं बन पाया. ऐसे ही एक लड़की मिली. दोनों में प्यार बढ़ा. लेकिन लड़की के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और करवा दी. अब पूर्णा की खुद की भी शादी हो चुकी है. मगर वो अपनी बीवी को सीधी नज़रों से देखता तक नहीं. बेरुखी से पेश आता है. क्या उसका अपनी बीवी और क्रिकेट के प्रति नज़रिया बदल पाता है, यही फिल्म आपको आगे बताती है. रियल लाइफ कपल समांथा और नागा ने ही फिल्म में पति और पत्नी का रोल निभाया है.

1
रियल लाइफ कपल समांथा और नागा फिल्म में भी पति-पत्नी बने हैं. फोटो – ट्रेलर

#5. जानु (2020)

‘जानु’ तमिल फिल्म ’96’ का ऑफिशियल रीमेक है. ओरिजिनल फिल्म के डायरेक्टर सी प्रेम कुमार ने ही ये वर्ज़न भी डायरेक्ट किया था. कहानी है कुछ स्टूडेंट्स की. जो ग्रैजुएशन के 15 साल बाद रियूनियन पर मिलते हैं. उन्हीं स्टूडेंट्स में से हैं राम और जानु. जब साथ पढ़ते थे तब दोनों में खूब प्यार था. लेकिन किसी वजह से मोहब्बत अधूरी ही रह गई. उसके बाद ज़िंदगी दोनों को अलग-अलग रास्तों पर ले गई.

Jaanu
तमिल फिल्म ’96’ का ऑफिशियल रीमेक. फोटो – ट्रेलर

अब एक दूसरे से मिलने का मौका मिला है. वो भी 15 साल बाद. ऐसे में क्या होगा, और क्या दोनों फिर पुराने रास्तों पर उतरेंगे, ये आपको फिल्म देखकर पता चलेगा. आप फिल्म के एंड से संतुष्ट हो या नहीं, लेकिन एक बात की गारंटी है. ये फिल्म आपके दिल के लिए सेहतमंद साबित होगी. समांथा ही फिल्म की जानु बनी थीं.


वीडियो: कहानी समांथा की, जिसके एक ट्वीट पर महेश बाबू के फैन्स उनके दुश्मन हो गए थे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

म्हारा आमिर, सारुक-सलमान से कम है के?

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान.

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

'इंडियन आइडल' से लेकर 'बिग बॉस' तक सोलह साल हो गए लेकिन किस्मत नहीं बदली.

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

कितने नंबर आए बताते जाइएगा.