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EURO2020 ग्रुप A प्रीव्यू: ट्रिकी ग्रुप में कहीं फंस ना जाए मनचीनी की इटली

EURO 2020. कोरोना के कारण बीते बरस सस्पेंड हुए बड़े टूर्नामेंट्स में से एक. फुटबॉल में यूरोप का दबदबा किसी से छिपा नहीं है. और ये टूर्नामेंट उस दबदबे की नुमाइश जैसा माना जा सकता है. क्वॉलिफायर्स की रेस पार करके यूरोप की 24 दिग्गज टीमें तैयार हैं यूरोप के सबसे बड़े फुटबॉल कंपटीशन को जीतने के लिए.

लेकिन जीतने के लिए तैयार होना और जीत पाना, दोनों अलग-अलग बातें हैं. मजे की बात ये है कि ये दोनों ही बातें काफी हद तक आपस में जुड़ी भी हैं. अगर तैयारी अच्छी है तो जीतने के चांस ज्यादा होते हैं. और अगर जीत गए तो सब कहेंगे ही- बढ़िया तैयारी थी. अब टीमें तो अपनी तैयारी कर ही रही हैं, साथ ही तैयार हो रहे हैं फैंस भी. और अगर ये दोनों ही तैयार हो रहे हैं तो इनके बीच पुल हमें ही बनना है. तो चलिए बन जाते हैं. और शुरू करते हैं EURO2020 की कवरेज. शुरुआत होगी ग्रुप A के प्रीव्यू से.

# Squads का हाल

ग्रुप A यानी इस टूर्नामेंट के दो ट्रिकी ग्रुप्स में से एक. इस ग्रुप की सबसे बड़ी टीम जाहिर तौर पर इटली है. इटली के साथ इस ग्रुप में वेल्स, तुर्की और स्विट्ज़रलैंड हैं. कागज़ों पर इटली की टीम हर मायने में बाकी टीमों पर भारी है. फिर चाहे बात अटैक की करें या डिफेंस की या फिर मिडफील्ड की. लेकिन मैच तो मैदान पर होना है और मैदान पर मैच के दिन जो टीम बेहतर करेगी, जीत उसी की होगी.

आगे बढ़ने से पहले देख लेते हैं इस ग्रुप में शामिल देशों की स्क्वॉड

इटली

फॉरवर्ड्स

आंद्रिया बेलोट्टी, डोमेनिको बेरार्डी, फेडेरिको बर्नादेस्की, फेडेरिको कीएज़ा, चिरो इमोबिले, लोरेंज़ो इनसीनिए, जाकोमो रस्पदोरी.

मिडफील्डर्स

निकोलो बरेल्ला, ब्रायन क्रिस्तांत, जॉर्जीनियो, मैनुएल लोकाटेली, लोरेंज़ो पेल्लाग्रीनी, स्टेफानो सेंसी, मार्को वेराट्टी.

डिफेंडर्स

फ्रांसेस्को सेरबी, अलेसांद्रो बास्तोनी, लियोनार्डो बोनुच्ची, जॉजीयो किलीनी, जियोवानी डि लोरेंज़ो, एमर्सन पल्मीएरी, आलेसांद्रो फ्लोरेंज़ी,  लियोनार्डो स्पिनाज़्ज़ोला, रफाएल तोलोइ.

गोलकीपर्स

जानलुइजी डोन्नारुम्मा, एलेक्स मेरेट, सल्वातोर सिरिगु.

मैनेजर-रॉबर्टो मनचीनी

तुर्की

फॉरवर्ड्स

बुराक यिल्माज़, जेंगिस उंडर, एनस उनल, अब्दुलकादिर ओमर, करेम अक्तुर्गुल, हलिल इब्राहिम देरविसोगुल, कीनन कारामन.

मिडफील्डर्स

डोरुखान टोकोज़, इरफान जान काहवेजी, ओकाय योकुस्लु, ओरकुन कोकचु, ओज़ान तुफान, तायलान अंताल्यला, हकन चल्हानोलु, युसुफ याज़िजि.

डिफेंडर्स

ज़ेकी चेलिक, मेर्ट मुल्डुर, मेरिह डेमिरल, ओज़ान कबक, चालर सोयुंजु, कान अयहान, उमुत मेरास, रिदवान यिल्माज़.

गोलकीपर्स

मेर्ट गोनुक, उरजान चेकर, अल्तय बेयंदर.

मैनेजर- शेनोल गुनेश

वेल्स

फॉरवर्ड्स

कीफर मूरे, गारेथ बेल, टेलर रॉबर्ट्स, डैनिएल जेम्स

मिडफील्डर्स

जो एलन, जो मोरेल, ईथन अम्पाडु, मैथ्यू स्मिथ, जॉनी विलियम्स, आरोन रामजी, डिलन लेविट, रुबिन कोलविल, डेविड ब्रूक्स, हैरी विल्सन

डिफेंडर्स

बेन डेवीस, जो रोडोन, क्रिस मेफम, क्रिस गंटर, रिस नॉरिंगटन डेवीस, नेको विलियम्स, कॉनर रॉबर्ट्स, बेन कबांगो, टॉम लॉकिए

गोलकीपर्स

वेन हनेसी, डैनी वार्ड, एडम डेवीस.

मैनेजर- रॉबर्ट पेज

स्विटज़रलैंड

फॉरवर्ड्स

ब्रील इम्बोलो, मारियो गैवरानोविच, हैरिस सेफेरोविच.

मिडफील्डर्स

क्रिस्टियन फैसनैच, एडिमिल्सन फर्नान्डेस, रेमो फ्रयुलर, अदमिर मेहमदी, ज़ारदन शक़ीरी, जिब्रिल सो, रुबेन वर्गास,
ग्रैनित ज़्हाका, डेनिस ज़कारिया, स्टीवन ज़ुबेर.

डिफेंडर्स

मैनुएल अकांजी, लोरिस बेनिटो, एरे कोमर्ट, निको इलेवेदी,  जॉर्डन लोटोम्बा, केविन बाबु, बसीर ओमेराज़िक, रिकार्डो रॉड्रिगेज़, सिलवन विडमर, फैबियर शर.

गोलकीपर्स

यान सोमर्स, वोन वोगो, जोनास ओमलिन.

मैनेजर- व्लादिमिर पेटकोविच

# Italy का क्या होगा?

ये तो हुई स्क्वॉड्स की बात. अगर पिछले यूरो में इन टीमों के प्रदर्शन पर नज़र डालें तो वेल्स ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. इटली क्वॉर्टर फाइनल से बाहर हो गई थी. उसे पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी ने हराया था. स्विटज़रलैंड की टीम राउंड ऑफ 16 में पोलैंड से हार गई थी. इस ग्रुप की आखिरी टीम तुर्की पिछले यूरो में पहले ही राउंड से आउट हो गई थी.

हालांकि पिछले यूरो को पांच साल बीत चुके हैं. काफी चीजें बदल चुकी हैं. प्लेयर्स की एक नई पीढ़ी सामने आ चुकी है. पिछली बार के यंगस्टर्स अब स्थापित सितारे बन चुके हैं. ऐसे में इस बार निश्चित तौर पर हर टीम के सामने नई चुनौती होगी. चुनौतियों का ज़िक्र आया तो सबसे पहले बात इस ग्रुप की सबसे बड़ी टीम की. इटली की फुटबॉल अपनी शुरुआत से ही कमाल की डिफेंडिंग के लिए जानी जाती है.

बरसों से लियोनार्डो बोनुच्ची और जॉजीयो किलीनी की जोड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया है. हालांकि इस बार उनके लिए चीजें थोड़ी मुश्किल हो सकती हैं. वेल्स के पास डैनिएल जेम्स, तो तुर्की के पास जेंगिस उंडर के रूप में कमाल के तेज युवा अटैकर्स हैं. स्विटज़रलैंड के पास भी ब्रील इम्बोलो के रूप में यही क्वॉलिटी है. ऐसे में अपनी उम्र के चलते इस इटैलियन दीवार को निश्चित तौर पर दिक्कत होने वाली है.

हालांकि इनका साथ देने के लिए इटली के पास जॉर्जीनियो और मार्को वेराट्टी के रूप में दो बेहतरीन डिफेंसिव मिडफील्डर हैं. साथ में टीम के गोलकीपर जियनलुइजी डोन्नारम्मा भी अच्छी फॉर्म में हैं. मिडफील्ड के मोर्चे पर इटली के पास लोरेंज़ो पेल्लाग्रीनी का साथ देने के लिए युवा टैलेंट की भरमार है. बात अटैक की करें तो बेलोट्टी, इमोबिले और इनसीनिए को एकसाथ रोक पाना किसी भी डिफेंस के लिए आसान नहीं होगा.

# Bale, Shaqiri और Yilmaz के जलवे

कुल मिलाकर इटली की टीम के पास युवा और अनुभव का अच्छा मिक्स है. लेकिन जैसा कि हमने पहले ही कहा, यह ग्रुप ट्रिकी है. ऐसे में उनके लिए चीजें आसान नहीं होंगी. रियल मैड्रिड में अपना रुतबा खो चुके गारेथ बेल ने पहले ही ऐलान कर दिया है- वेल्स, गोल्फ, मैड्रिड. ऐसे में वह निश्चित तौर पर अपने क्लब रियल मैड्रिड को दिखाना चाहेंगे कि उनमें अभी भी दम बाकी है. पिछले यूरो में बेल ने कमाल का प्रदर्शन कर अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाया था.

इस बार तो बेल का साथ देने के लिए युवा डैनिएल जेम्स भी हैं. ये दोनों विंगर अपनी स्पीड से ही किसी भी डिफेंस को आतंकित कर सकते हैं. वेल्स अगर एक यूनिट के तौर पर पिछली बार जैसा खेल गई तो बाकी टीमों को काफी दिक्कत होने वाली है.

बात स्विट्ज़रलैंड की करें तो ज़ारदन शक़ीरी और ग्नैनित ज़्हाका इस टीम की रीढ़ हैं. ज़्हाका मिडफील्ड से तो वहीं शक़ीरी विंग से स्विट्ज़रलैंड को चलाए रखते हैं. इनके साथ मिलकर ज़कारिया और खतरनाक हो जाते हैं. ब्रील इम्बोलो और हैरिस सेफेरोविच की जोड़ी की गोलस्कोरिंग क्वॉलिटी पर तो ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है.

बीते यूरो में शक़ीरी ने अपनी टीम के लिए बेहतरीन खेल दिखाया था. हालांकि इस सीजन उन्हें लिवरपूल में बहुत ज्यादा मौके नहीं मिले. लेकिन नेशंस लीग 2019 में उन्होंने स्विटज़रलैंड के लिए कमाल का प्रदर्शन किया था. टीम ऑफ द टूर्नामेंट का हिस्सा रहे शक़ीरी किसी भी टीम को शॉक दे सकते हैं.

अब नंबर तुर्की का. हकन चल्हानोलु, जेंगिस उंडर और ओज़ान तुफान के मिडफील्ड में होते हुए तुर्की किसी भी टीम को कड़ी टक्कर दे सकती है. इनके साथ डिफेंस में ओज़ान कबक और कैग्लर सोयुंजु की जोड़ी है. जबकि अटैक में नेमार-म्बाप्पे के आगे बुराक यिल्माज़ 21 गोल मार अपनी टीम को लिगे वन की ट्रॉफी जिताकर आए हैं. ऐसे में इस टीम को हल्के में लेना बाकी टीमों को भारी पड़ सकता है.

प्रेडिक्शन

इटली निश्चित तौर पर इस ग्रुप से फेवरेट है. लेकिन इस ग्रुप की बाकी तीन टीमों को भी हल्के में नहीं ले सकते. सबके पास कम से कम एक तालिस्मान और उसका साथ देने के लिए कुछ कमाल के प्लेयर्स हैं. ऐसे में इस ग्रुप से आगे बढ़ना इटली के लिए Cakewalk तो नहीं ही होगा.

वैसे टूर्नामेंट का फॉर्मेट देखें तो इटली को आगे जाने से रोकने के लिए तीनों ही टीमों को कुछ आउट ऑफ द बॉक्स करना होगा. ऐसे में हमें लगता है कि इस ग्रुप से इटली के साथ वेल्स और तुर्की में से कोई एक आगे जा सकता है.


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