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ये कौन सा कार्ड है, जिसे लगाने पर लैपटॉप में गेम मक्खन की तरह चलते हैं

गेम जाए रपट-रपट, आता माझी सटक-सटक!

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Nvidia ने GeForce RTX 3080 ग्राफिक कार्ड लॉन्च किया.
आपने कभी कंप्यूटर गेमिंग में हाथ आजमाया है तो मुमकिन है कि ग्राफिक कार्ड (graphic card) का नाम आपके सामने आया ही होगा. सरल शब्दों में कहें तो ये जादू का वो पिटारा है, जिसकी वजह से गेम गजब दिखता भी है और मक्खन की तरह चलता भी है. टेक्निकल भाषा में कहें तो ये वो एक्स्ट्रा GPU है, जो आपके गेमिंग डिवाइस के लिए ग्राफिक को बढ़िया बनाता है.
आप सोच रहे होंगे कि हम आज अचानक से ग्राफिक कार्ड और GPU की बातें क्यों कर रहे हैं? वो इसलिए कि Nvidia (एनविडिया) ने अपना नया नवेला ग्राफिक कार्ड Geforce RTX 3080 लॉन्च किया है. इसकी कीमत सुनकर तो हमारे तोते ही उड़ गए. 71,000 रुपये से शुरुआत हो रही है. इतने में तो बढ़िया से बढ़िया लैपटॉप मिल जाए. माइक्रोसॉफ़्ट एक्सबॉक्स सीरीज़ X मिल जाए. नया वाला ऐपल आईपैड एयर मिल जाए.
वैसे तो हम नए RTX 3080 की डीटेल में घुस सकते थे कि इसमें ऐसे कौन-से सुर्खाब के पर लगे हैं कि इतनी हवाई-तवाई कीमत हो रखी है. मगर फिर सोचे कि पहले ग्राफिक कार्ड और GPU का तिया पांचा समझ लिया जाए. RTX 3080 को फिर कभी देखेंगे.
GPU क्या होता है?
स्कूल में असल जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजें तो कम ही सिखाई गईं, मगर कुछ चीजों का रट्टा बहुत लगवाया गया. ऐसा ही एक रट्टा था, CPU is the brain of Computer. यानी कंप्यूटर का दिमाग CPU या सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट होता है. इस हिसाब से कंप्यूटर का दिल GPU तो हो ही सकता है.
Lt Geforce
Nvidia Geforce RTX 3080

GPU का मतलब होता है ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट. आपको स्क्रीन पर जो भी इमेज या वीडियो दिखाई पड़ता है, वो सब GPU ही बनाता है. CPU जो कुछ भी कर रहा होता है, उसे स्क्रीन पर दिखाने का काम GPU करता है.
उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए आप एक वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर चलाते हैं. तो जब आप उसमें फोटो, वीडियो और ऑडियो डालकर क्लिप बना रहे होते हैं, वो सारा काम CPU करता है. मगर आपके काम की प्रोग्रेस स्क्रीन पर GPU दिखाता है. अगर CPU धीमा होगा तो वीडियो की लोडिंग स्पीड वग़ैरह कम होगी और अगर GPU बेकार होगा तो सारी चीजें फंस-फंस कर चलेंगी.
ऐसे ही जब आप गेम खेलते हैं तो गेम असल में CPU पर चलता है, मगर आपकी स्क्रीन पर गेम कितना अच्छा दिखेगा और कितना स्मूद चलेगा, वो सब GPU पर डिपेंड करता है.
स्मार्टफ़ोन में भी होता है GPU
Lt Pubg Original
पता नहीं, पबजी का बैन हटेगा कि नहीं.

जहां-जहां CPU होगा, वहां-वहां GPU होगा. लैपटॉप और डेस्कटॉप में तो ये पेयर होता ही है, मगर स्मार्टफ़ोन में जो प्रोसेसर लगा होता है, उसमें भी ग्राफिक यूनिट होती है. 2 साल पुराने पोको F1 और वनप्लस 6 में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 845 चिप है। इस प्रोसेसर में Adreno 630 GPU लगा है. और नए नवेले वनप्लस 8 स्मार्टफ़ोन में ज़्यादा पावरफ़ुल स्नैपड्रैगन 865 चिप है, जिसमें पहले से बेहतर Adreno 650 GPU लगा है. अब ये तो हर कोई जानता है कि कॉल ऑफ ड्यूटी जैसे गेम वनप्लस 6 से बढ़िया वनप्लस 8 में चलते हैं.
ऐसे ही लैपटॉप या डेस्कटॉप में जो प्रोसेसर होता है, उसके साथ भी GPU लगा हुआ होता है. इसे इंटिग्रेटेड ग्राफिक कहते हैं.
कंप्यूटर में पहले से GPU है तो ग्राफिक कार्ड की जरूरत क्या है?
आप जब नया फ़ोन खरीदते हैं तो अमूमन साथ में एक बैककवर भी आता है. लेकिन कई बार ये कवर बस काम चलाऊ होता है. सही प्रोटेक्शन के लिए आप खुद एक नया कवर खरीदते हैं. बस यही रीज़न ग्राफिक कार्ड खरीदने का भी है.

वैसे तो इंटिग्रेटेड ग्राफिक सही काम करते हैं लेकिन अगर आप भारी भरकम गेम खेलते हैं या फिर तगड़ी वाली वीडियो एडिटिंग करते हैं तो इंटिग्रेटेड ग्राफिक की फूंक सरक जाती है. यहीं पर काम आते हैं ग्राफिक कार्ड. इनमें इंटिग्रेटेड ग्राफिक के मुकाबले बढ़िया ग्राफिक प्रोसेसिंग पावर होती है. तो सारा काम भी मक्खन की तरह होता है और गेमिंग भी धुआंधार होती है.
आजकल तो ऐसे डेस्कटॉप और लैपटॉप आ रहे हैं, जिनमें पहले से ग्राफिक कार्ड लगा हुआ होता है. इसी वजह से कई गेमिंग लैपटॉप की कीमत बहुत ही ज़्यादा होती है. कुछ 60-70 हजार के होते हैं तो कुछ लाख-दो लाख के.


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