क्या Smartphone की जगह जल्द ही Smart Glass लेने वाले हैं? Meta ने कुछ महीने पहले जब Ray-Ban smart glasses का स्क्रीन वाला वर्जन निकाला तो लगा ऐसा वाकई में हो जाएगा. मगर लगता है ऐसा होना तो दूर, Smart Glass अस्तित्व में ही नहीं रहेंगे.
क्या स्मार्ट ग्लास अपने मेन फीचर की वजह से ही बैन हो जाएंगे?
कुछ यूजर्स स्मार्ट ग्लास पहनकर दूसरों के निजी पल रिकॉर्ड कर रहे और उनको पोस्ट भी कर रहे हैं. बिना सहमति या परमिशन के होने वाली रिकॉर्डिंग के चलते स्मार्ट ग्लास को बैन करने की बात होने लगी है.
.webp?width=360)

इतना पढ़ते ही शायद आपको लगे कि कोई टेक्निकल लोचा हुआ क्या? नहीं दोस्त. मेटा-गूगल जैसी कंपनियों ने स्मार्ट ग्लास पर गजब काम किया है. वो तो हम इंसान इस फ्यूचर के प्रोडक्ट को ढंग से हैन्डल नहीं कर पाए. स्मार्ट ग्लास ‘टूटने’ वाले हैं क्योंकि इन पर बैन लगना स्टार्ट हो गया है. MSC Cruises जैसे बड़े जहाजों ने अपने सफर के समय यात्रियों को स्मार्ट ग्लास के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अब यही बैन एयर लाइन से लेकर स्पा, सिनेमा घरों में भी लगने वाला है.
स्मार्ट ग्लास दरक रहा हैशायद आपको लगा होगा कि स्मार्ट ग्लास से कोई भी कहीं भी कुछ भी रिकॉर्ड कर सकता है, तो ऐसा है भी और नहीं भी. माने स्मार्ट ग्लास से कुछ मिनटों की रिकॉर्डिंग की सुविधा तो मिलती है मगर रिकॉर्डिंग के दौरान फ्रेम पर बत्ती जलती रहती है. जो आप फ्रेम की तरफ या रिकॉर्ड करने वाले की तरफ देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि आपको रिकॉर्ड किया जा रहा है. मेटा से लेकर दूसरी सभी कंपनियों ने इस फीचर को इस तरीके से डिजाइन किया है कि इसको बंद भी नहीं किया जा सकता है.
लेकिन यह तब होगा जब आप फ्रेम की तरफ देखेंगे. वैसे भी जरूरी नहीं कि देखने से पता चल भी जाएगा. कोई अगर दूर से या धूप में स्मार्ट ग्लास पहनकर रिकॉर्ड कर रहा तो पता चलना मुश्किल है. इनका डिजाइन भी तो नॉर्मल फ्रेम जैसा ही है. माने फर्क कर पाना मुश्किल है. कोई भी बिना फोन इस्तेमाल किए कहीं भी आपको रिकॉर्ड कर सकता है, फिर भले वो मॉल हो या मीटिंग.
इसके साथ में Waves जैसी कंपनियां भी हैं जो बिना बत्ती वाले स्मार्ट ग्लास बना रही हैं और खुल्लम-खुल्ला इसका प्रचार भी करती हैं. ऐसे स्मार्ट ग्लास कितने खतरनाक हो सकते हैं उसका एक उदाहरण जुलाई 2025 में देखने को मिला था.
# DIG Herculyse नाम की फ्रीलांस होस्ट ने अपने साथ घटी एक घटना का वाकया सोशल मीडिया पर शेयर किया था. वो न्यूयॉर्क के एक शोरूम में आराम से घूम रही थीं. तभी एक बंदे ने आकर उनसे बात की. उनकी तारीफ की, कॉफी पीने के लिए पूछा और फोन नंबर भी मांगा. उन्होंने इनकार कर दिया, लेकिन उनकी यह बातचीत एक इंस्टा अकाउंट से पोस्ट की गई. पोस्ट के बाद उनको पता चला कि उनको स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्ड किया गया.

# कुछ महीने पहले इंग्लैंड से भी एक और मामला सामने आया जिसमें एक व्यक्ति ने 47 साल की महिला के साथ अपने निजी पलों को स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्ड कर लिया था. महिला इस मामले में व्यक्ति को कोर्ट घसीट ले गई थी.
# भारत में भी स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्डिंग करने की घटनाएं सामने आई हैं. अयोध्या के राम मंदिर में और ऑडिशा के जगन्नाथ मंदिर में कुछ लोग ग्लास पहनकर रिकॉर्डिंग कर रहे थे. इन दोनों ही जगहों पर फोन से रिकॉर्डिंग करने की मनाही है.
ऐसी ही घटनाओं के चलते दुनिया के सबसे बड़ी क्रूज कंपनी MSC Cruises ने स्मार्ट ग्लास को बैन कर दिया है. रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर इनको बैन करने की बात हो रही है.
तकनीक का बंटाधारइसी के चलते स्मार्ट ग्लास को बैन करने की बात होने लगी है. फ्यूचर की तकनीक जिसका इस्तेमाल मेडिकल से लेकर लाइव करने तक में हो सकता है. तकनीक जो स्मार्टफोन से आगे जा सकती है. तकनीक जिसका इस्तेमाल भारत में UPI पेमेंट के लिए भी होने लगा है. उसके पूरी तरह से विकसित होने और आम यूजर की आंखों पर चढ़ने से पहले ही उतरना पड़ सकता है. मेटा का तो पूरा गेम ही स्मार्ट ग्लास पर टिका है. अगर जल्द ही यूजर की निजता को एकदम प्रोटेक्ट करने का कोई जुगाड़ नहीं हुआ तो मुश्किल होगी.
वीडियो: भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने क्या बताया?






















