क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अक्सर बड़े खिलाड़ी या तो कोचिंग का रुख करते हैं या फिर कॉमेंट्री का. लगभग सभी दिग्गज खिलाड़ी कभी न कभी कॉमेंट्री पैनल में बैठे हैं. लेकिन इस लिस्ट में एमएस धोनी (MS Dhoni) का नाम शुमार नहीं है. इंटरनेशल क्रिकेट से संन्यास के बाद माही ने कभी कॉमेंट्री नहीं की. उन्होंने पहली बार इसकी वजह बताई है. एमएस धोनी ने बताया कि कॉमेंट्री एक कला है और इसके लिए जो चीजें जरूरी हैं वे उनमें नहीं है.
महेंद्र सिंह धोनी कॉमेंट्री क्यों नहीं करते? माही का जवाब दुनिया का हर कॉमेंटेटर सुनेगा
लगभग सभी दिग्गज खिलाड़ी कभी न कभी कॉमेंट्री पैनल में बैठे हैं. लेकिन इस लिस्ट में एमएस धोनी (MS Dhoni) का नाम शुमार नहीं है. इंटरनेशल क्रिकेट से संन्यास के बाद माही ने कभी कॉमेंट्री नहीं की


धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा. इसके बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर कम ही अपने विचार व्यक्त किए हैं. क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक सीमित है. अब धोनी ने कॉमेंट्री नहीं करने को लेकर कहा,
कॉमेंट्री करना बहुत मुश्किल है. मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस दौरान खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है. यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है. अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है. आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल के बारे में बता रहे हों. अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं.
धोनी ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा,
आंकड़ों के मामले में कच्चे हैं धोनीलेकिन इसे पेश करना भी एक कला है. अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे. अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे. यही कॉमेंट्री की कला है.
कॉमेंट्री में आंकड़ों का बहुत अहम रोल है. धोनी इसे अपनी कमजोरी मानते हैं. उन्हें लगता है कि वह यह सब याद नहीं रख पाते और इसलिए भी कॉमेंट्री में फिट नहीं बैठते. उन्होंने कहा,
मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं. लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो आंकड़ों के मामले में बहुत अच्छे हैं. वह आंकड़े जानते हैं. अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे, तो मैं ‘हम्म’ जैसा जवाब दूंगा. कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम या भारतीय खिलाड़ियों के ही नहीं बल्कि हर जनरेशन के सभी खिलाड़ियों के आंकड़ों के बारे में जानते हैं.
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धोनी ने अपने करियर में कई बार बहुत कड़े फैसले लिए. उनसे यहां पूछा गया कि उन्हें कभी क्रिकेट और जीवन के बारे में सलाह लेने की जरूरत पड़ी है? पूर्व भारतीय कप्तान ने जवाब देते हुए कहा,
मैं एक अच्छा श्रोता हूं. मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं. लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला व्यक्ति हूं. अगर मुझे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि सुनने से मुझे ज्यादा सीखने को मिलता है.
महेंद्र सिंह धोनी ने संन्यास के बाद क्रिकेट को लेकर केवल एक ही बार सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. साल 2024 में भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद उन्होंने तस्वीर शेयर करके टीम को बधाई दी थी. अब भारत में होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप को लेकर भी वह काफी उत्तसाहित हैं.
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