The Lallantop

फंस गए Whatsapp वाले! अब अखबार में ये विज्ञापन चलाना पड़ेगा

Whatsapp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा ऑर्डर

Advertisement
post-main-image
प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट ने नया आदेश दिया है | फाइल फोटो: आजतक

सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर एक अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि वॉट्सऐप इस बात का प्रचार करे कि लोग उसकी साल 2021 वाली पॉलिसी मानने को फिलहाल बाध्य नहीं हैं. कोर्ट में वॉट्सऐप ने साफ किया कि उसकी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी मानना जरूरी नहीं है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे से जुड़े संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में वॉट्सऐप और फेसबुक के खिलाफ ये याचिका कर्मण्य सिंह सरीन और श्रेया सेठी ने दायर की. इसमें कहा गया है वॉट्सऐप और उसकी मूल कंपनी फेसबुक के बीच यूजर्स के कॉल, फोटो, मैसेज, वीडियो और डॉक्यूमेंट को उपलब्ध कराना सही नहीं है. इससे लोगों की निजता और बोलने की आजादी का उल्लंघन हो रहा है.

पांच अख़बारों में विज्ञापन दीजिए

बुधवार, 1 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की. वॉट्सऐप से आरोपों पर जवाब मांगा गया. कंपनी ने कहा कि लोग उसकी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं. इसके बाद जस्टिस जोसेफ, अजय रस्तोगी, अनिरुद्ध बोस, ऋषिकेश रॉय और सी टी रविकुमार की बेंच ने कहा,

Advertisement

'हम ये निर्देश देते हैं कि वॉट्सएप इस पहलू का दो बार पांच राष्ट्रीय अख़बारों में प्रचार करे... हम वॉट्सएप के वरिष्ठ वकील की दलील को रिकॉर्ड करते हैं कि वह सुनवाई की अगली तारीख तक शर्तों का पालन करेंगे.'

वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संसद के अगले सत्र में नया डेटा प्रोटेक्शन कानून लाया जाएगा. उसमें डेटा प्रोटेक्शन के लिए कई तरह की नियम और शर्तें होंगी.

इसके बाद पीठ ने कहा कि वो संसद में डेटा प्रोटेक्शन बिल पेश होने के बाद व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 11 अप्रैल है.

Advertisement
क्या है वॉट्सएप की नई पॉलिसी?

वॉट्सएप 2021 में नई पॉलिसी लाई थी. नए टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक वॉट्सऐप यूजर की सभी जानकारियां, जिनमें यूजर का नाम, मोबाइल नंबर, मोबाइल हैंडसेट की जानकारी, कॉन्टैक्ट, लोकेशन आदि को फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा. हालांकि कंपनी का ये भी कहना था कि यूजर की कोई सेंसटिव जानकारी साझा नहीं की जाएगा.

क्या जानकारी साझा की जाती है?

इससे पहले 2018 में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक और वॉट्सऐप से पूछा था कि वो क्या-क्या जानकारियां आपस में और तीसरे पक्ष से साझा करते हैं. मामले की सुनवाई के दौरान वॉट्सऐप की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि वो मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप में यूजर कब रजिस्टर्ड हुआ और किस तरह के मोबाइल एप वो ऑपरेट करते हैं. इसके अलावा और कोई जानकारी साझा नहीं की जाती है.

वीडियो: केशवानंद भारती केस में सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले को लेकर उपराष्ट्रपति और CJI का विवाद हुआ?

Advertisement