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अब हेडफोन और बड्स चलेंगे बिना ब्लूटूथ और तार के, Samsung लेकर आ रहा UWB तकनीक

Samsung इयरफ़ोन में भी लेटेंसी की दिक्कत का समाधान लेकर आ रहा है. दरअसल साउथ कोरियन दिग्गज एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है जिसकी मदद से ऑडियो डिवाइस बिना ब्लूटूथ और बिना तार के कनेक्ट हो सकेंगे. आप कहोगे 'हवा' में जुड़ जायेंगे क्या? एकदम सही पकड़े.

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बिना तार और ब्लूटूथ के चलेंगे हेडफोन

ब्लूटूथ ऑडियो डिवाइस किसी भी कंपनी के हों, महंगे या सस्ते. या फिर अल्ट्रा महंगे प्रो मैक्स. लैटेंसी की दिक्कत होती ही है. Latency मतलब कि स्क्रीन पर चलने वाला वीडियो या ऑडियो आगे जा रहा है और आपको उसकी आवाज़ काफ़ी देर में सुनाई पड़ रही है. गेम खेलने वालों को तो अच्छे-खासे इयरफ़ोन में भी लेटेंसी की शिकायत रहती है. अब वो भले माइक्रो, मिनी या नैनो सेकंड की क्यों नहीं हो, होती तो है. इसका एक इलाज है कि ईयरफ़ोन तार वाले इस्तेमाल कर लिए जाएं. मगर वो अपने आप में जंजाल है और आजकल आसानी से मिलते भी नहीं.

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सैमसंग इसी दिक्कत का समाधान लेकर आ रहा है. दरअसल साउथ कोरियन दिग्गज एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है जिसकी मदद से ऑडियो डिवाइस बिना ब्लूटूथ और बिना तार के कनेक्ट हो सकेंगे. आप कहोगे 'हवा' में जुड़ जायेंगे क्या? एकदम सही पकड़े.

Ultra-Wideband से बजेगा बैंड

आगे बढ़ने से पहले जरा मुस्कुरा लीजिए. अजी मुस्कुरा भी लीजिए क्योंकि बहुत दिन के बाद स्मार्टफोन की दुनिया में कोई नई तकनीक आ रही है. वरना स्क्रीन के कोने चौकोर और राउंड करके की काम चलाया जा रहा है. बात करें नई तकनीक की तो सैमसंग ने U.S. Patent and Trade Office (USTPO) में Ultra-Wideband तकनीक वाले ऑडियो डिवाइस के लिए पेटेंट दाखिल किया है.

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91mobiles की खबर के मुताबिक कंपनी इस तकनीक पर बेस्ड ऑडियो प्रोडक्ट्स पर कई सालों से काम कर रही थी. जो आपको लगे कि कुछ भारी-भरकम टाइप की रिसर्च हो रही थी क्या? नहीं जनाब Ultra-Wideband (UWB) तो बहुत पुरानी तकनीक है. वही तकनीक जिसका इस्तेमाल कारों को अनलॉक करने में होता है. एक और दूसरा टेक दिग्गज Apple भी इसका इस्तेमाल AirTags में करता है.

Ultra-Wideband
Ultra-Wideband

UWB में ऑडियो फ़ाइल्स 6.5-9 GHz फ्रीक्वेंसी पर काम करती है जबकि ब्लूटूथ में ट्रांसफर 2.4 GHz पर होता है. ज्यादा फ्रीक्वेंसी मतलब बेहतर रिफ्रेश रेट. बेहतर रिफ्रेश रेट मतलब जो नैनो सेकंड का फर्क है वो भी खत्म हो जाता है. इसकी रेंज भी ब्लूटूथ के मुकाबले अधिक होती है. जहां ब्लूटूथ 30 फ़ीट के आसपास झूलता है, वहीं UWB में ये 75 फ़ीट तक पहुंच जाती है.

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मतलब UWB के आने से ऑडियोबाज़ों की मौज पक्का होने वाली है. तो क्या इसका मतलब ब्लूटूथ खत्म हो जाएगा. नहीं जनाब पहली बार कनेक्शन भिड़ाने के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी. जो दो डिवाइस आपस में चिपक गए तब ऑडियो फ़ाइलों का ट्रांसफ़र UWB के ज़रिए होगा. सब ठीक रहा तो आने वाले Galaxy Buds Pro नई तकनीक में बतियाते मिल जाएंगे. 

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