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FIFA World Cup: पाकिस्तान में बनी सबसे स्मार्ट फुटबॉल गजब 'नजारे' दिखाएगी

FIFA World Cup 2026 में इस्तेमाल होने वाली Adidas Trionda फुटबॉल तकनीक का उम्दा नमूना है. इसमें लगे सेंसर सिर्फ एक सेकंड में 500 किस्म का डेटा कलेक्ट कर सकते हैं. खिलाड़ियों की हर मूवमेंट से लेकर बॉल के टच होने का पता भी चलेगा.

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FIFA World Cup 2026 की फुटबॉल तो AI से लैस है.

FIFA World Cup 2026 स्टार्ट होने में महज 3 दिन बचे हैं. 11 जून से दुनिया के 48 देशों के खिलाड़ी ट्रॉफी उठाने के लिए भिड़ने वाले हैं. Canada, Mexico और United States मेजबान हैं. और जिस फुटबाल के जरिये खिलाड़ी लात से ‘बात’ करने वाले हैं, उसका नाम है Trionda. इसे Adidas ने बनाया है.

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ये कोई आम फुटबाल नहीं है. अरे वैसे वाला नहीं जैसा आप समझ रहे. वर्ल्ड कप की फुटबॉल तो खास होती ही है. मगर ये वाली और खास है क्योंकि इसमें AI घुसा हुआ है, सच्ची वाला.

Trionda में 14 ग्राम एक्स्ट्रा है

Trionda फुटबॉल की 'शक्ल' में तकनीक का उम्दा नमूना है. इसमें लगा 14 ग्राम का सेंसर सिर्फ एक सेकंड में 500 किस्म का डेटा कलेक्ट कर सकता है. इस बॉल के कई कमाल फीचर्स से आपको रूबरू करवाएंगे, मगर पहले जरा ‘नॉर्मल’ वाली फुटबाल से खेल लेते हैं.

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पाकिस्तान में बनी है Trionda

वैसे तो फुटबाल खेलने में हमारे पड़ोसी का भी 'पैर' तंग है. फीफा की रैंकिंग में 202 नंबर पर है. मगर फुटबॉल बनाने में उसका कोई सानी नहीं. दुनिया भर में खेली जाने वाली फुटबॉल का 70 फीसदी प्रोडक्शन पाकिस्तान में होता है. वो भी उसके सिर्फ एक शहर सियालकोट में. सियालकोट शहर साल भर में 4 करोड़ फुटबॉल बनाता है. आपने सही पढ़ा. साल में 4 करोड़ फुटबॉल! फीफा वर्ल्ड कप की सबसे एडवांस फुटबॉल भी यहीं से बनकर गई है.

Three Waves मतलब Trionda

Trionda का अर्थ है ‘थ्री वेव्स’, जो इस कप को होस्ट करने वाले तीन देशों अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको को रीप्रेजेंट करता है. इसमें दिख रही रेड मैपल लीफ कनाडा को बताती है तो ग्रीन ईगल मेक्सिको को दर्शाता है. ब्लू स्टार्स अमेरिका के झंडे से लिए गए हैं. 

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अब वापस एआई की तरफ बॉल पास करते हैं.

Trionda पाकिस्तान के सियालकोट में बनी है
Trionda पाकिस्तान के सियालकोट में बनी है 

मैदान पर क्या करेगी Trionda?

  • Trionda में लगा सेंसर मैदान पर आते ही अपना काम स्टार्ट कर देगा.
  • डेटा कलेक्शन के लिए स्टेडियम में भी कई सेंसर लगे हैं जो बॉल को डेटा भेजते रहेंगे. 
  • बॉल ऑफ-साइड होने पर रेफरी को बॉल ही बोलकर बता देगी. 
  • खिलाड़ियों की हर मूवमेंट से लेकर बॉल के टच होने का पता भी चलेगा. 
  • इसकी वजह से रेफरी को गोल-लाइन जजमेंट और हैंडबॉल टच का पता आसानी से चलेगा. 
  • इतना ही नहीं, फैन और दर्शकों को भी पता चलेगा कि कौन सी किक सबसे ज्यादा स्पिन हुई और बॉल को सबसे जोर की लात पड़ी.

इस वाली बॉल की मदद से खिलाड़ियों को अपने खेल का 3D मॉडल भी मिलेगा. माने खिलाड़ी से लेकर फैन और रेफरी की मौज होने वाली है. बस एक दिक्कत है. हर मैच से पहले इस फुटबॉल को चार्जिंग में खोसना होगा. किसी दिन लाइट चली गई तो! बैटरी जल्द खत्म हो गई तो!… अरे मजाक-मजाक!

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