ट्विटर (Twitter) यूजर्स को ब्लू टिक देने के लिए 8 डॉलर, भारतीय मुद्रा में बोलें तो लगभग 662 रुपये लेने वाला है. अब ये हुआ क्यों है? क्योंकि अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) इसके सर्वेसर्वा हैं. ये खबर तो पुरानी हो गई. नई चर्चा ये है कि आखिर ये पैसे लगेंगे कब से. ‘तुरंत दान महाकल्याण’ जैसा कुछ होगा या फिर मस्क की तरफ से कोई छूट मिलेगी? क्या व्हाइट हाउस ब्लू टिक के लिए पैसे देगा? क्या डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट वापस आएगा? सारे सवालों के जवाब हम आपको देंगे.
ट्विटर ब्लू टिक के लिए ‘तुरंत दान महाकल्याण’ जैसा कुछ होगा या कोई छूट मिलेगी?
ट्विटर पर 662 रुपये का चंदा कब से लेंगे एलन मस्क? पता चल गया.


बात सबसे पहले आठ डॉलर देने की. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ट्विटर अगले हफ्ते से ही इसकी वसूली स्टार्ट करने वाला है. जिन यूजर्स के पास पहले से ही ब्लू टिक मौजूद है, उनको इसके पैसे देने के लिए कुछ महीने का वक्त मिलेगा. कहने का मतलब आपको तुरंत कोई भुगतान नहीं करना होगा, लेकिन एक तय समय के बाद अगर आपने पैसे नहीं दिए तो अपना वेरिफिकेशन बैज भूल जाइए.
कंपनी इसके साथ एडिट बटन वाले फीचर को भी और लोगों तक पहुंचाने वाली है. अभी फिलहाल के लिए ये फीचर सिर्फ उन यूजर्स के पास है जो कंपनी की सब्सक्रिप्शन सर्विस 'ट्विटर ब्लू' के ग्राहक हैं. इस सर्विस के लिए यूजर्स को हर महीने 4.99 डॉलर यानी 413 रुपये देने पड़ते हैं. खबर के मुताबिक अगले हफ्ते से इसको भी आठ डॉलर वाले पैक के साथ फ्री किया जा सकता है.
मस्क आठ डॉलर लेने वाले हैं ये पक्का है. और इस फैसले को लेकर उनका पक्का इरादा उनकी सोशल मीडिया ऐक्टिविटी में दिख भी रहा है. ब्लू टिक के लिए पैसे लेने पर सवाल उठा रहे लोगों को मस्क खुद ट्विटर पर जवाब दे रहें हैं. अंदाजा लगाना मुस्किल नहीं कि जवाब उनको दे रहे हैं जो ये पैसा नहीं देना चाहते या इसके खिलाफ हैं.
वैसे तमाम लोगों से इतर व्हाइट हाउस ने भी अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी Karine Jean-Pierre ने कहा है,
राष्ट्रपति और उनके प्रशासन ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है कि वो वेरिफिकेशन के लिए पैसा देंगे.
ब्लू टिक का क्या होगा, वो तो शायद अगले हफ्ते पता चल ही जाएगा. लेकिन जिनके अकाउंट ब्लॉक हैं उनके लिए इंतजार अभी लंबा है. मस्क ने साफ जता दिया है, थोड़ा ठंड रखो. मिड टर्म इलेक्शन के पहले आपके अकाउंट ओपन नहीं होने वाले. ये सब एक तयशुदा प्रोसेस के तहत होगा. डोनाल्ड ट्रंप और दूसरों के लिए अभी वॉशिंगटन दूर है. दिल्ली तो अपने इंडिया में है ना!
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