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मेटा को सरकार का नोटिस, इंस्टाग्राम से सेक्सुअल एब्यूज कंटेंट हटाने का आदेश

BBC Eye की एक जांच में पता चला था कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को "प्रमोट" करने वाले पेड विज्ञापन चला रहा है. BBC वर्ल्ड सर्विस की जांच में खुलासा हुआ था कि इन विज्ञापनों में रेप वीडियो और चाइल्ड वीडियो जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है.

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रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ने मेटा से जवाब मांगा है (PHOTO-Pexels)

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  • 3 जुलाई को बीबीसी ने अपनी ‘EYE इन्वेस्टिगेशन’ रिपोर्ट में बताया कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े पेड एड्स के जरिए ऐसे कंटेंट का प्रचार हो रहा है।
  • रिपोर्ट के अनुसार इन एड्स के लिंक्स यूजर्स को टेलीग्राम चैनल्स पर ले जाते हैं जहां कम कीमत में असंवैधानिक वीडियो बेचे जाते हैं, जिससे इस घृणित अभ्यास को बढ़ावा मिलता है।
  • केंद्र सरकार ने MeitY के माध्यम से मेटा को तत्काल ऐसे कंटेंट को हटाने और सात दिनों में विस्तृत जवाब देने का आदेश दिया है।

3 जुलाई को बीबीसी ने अपने ‘EYE इन्वेस्टिगेशन’ सेक्शन में एक रिपोर्ट पब्लिश की. इसका टाइटल था- ‘द केयरलेस मशीन: इंस्टाग्राम्स डार्केस्ट सीक्रेट’. करीब 25 मिनट की इस रिपोर्ट में ये बताया गया कि इंस्टाग्राम पर किस तरह से सेक्शुअल अब्यूज कंटेट परोसे जा रहे हैं. रिपोर्ट सामने आने के बाद बवाल मचना तय था. इंस्टाग्राम पर इन ऐड्स के जरिए वीडियो बेचने की कोशिश हो रही थी. इनके साथ लिंक अटैच होते हैं और जैसे ही आप इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं तो आप टेलीग्राम के चैनल्स पर लैंड होते हैं, जहां ये वीडियो खरीदने के ऑप्शन होते हैं. 

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ऑप्शन कितने भद्दे हैं वो देखिए- ‘मां-बेटे के वीडियो’, ‘भाई-बहन के वीडियो’, ‘देसी वीडियो’, ‘रेप वीडियो’ और ‘बच्चों के वीडियो’. लेकिन अब केंद्र सरकार ने मेटा को एक आदेश जारी किया है. आदेश में तत्काल इन वीडियोज को हटाने को कहा गया है.

सरकार ने क्या आदेश दिया?

इंस्टाग्राम पर पेड एड्स में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (Child Sexual Exploitative and Abuse Material-CSEAM) को लेकर नोटिस जारी करते हुए Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने कहा,

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MeitY ने इंस्टाग्राम को CSEAM को बढ़ावा देने और उस तक पहुंच आसान बनाने वाले सभी विज्ञापनों और कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है.

यह भी पढ़ें: इंस्टाग्राम एड दिखाकर भारत में 'चाइल्ड पोर्न' को प्रमोट कर रहा? रिपोर्ट में खुलासा

मेटा ने क्या कहा?

इसके साथ ही मंत्रालय ने 7 दिनों के अंदर इस विषय पर मेटा से डिटेल में जवाब भी मांगा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी की CSAM (बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट) मांगने या शेयर करने जिसमें विज्ञापन भी शामिल हैं, ऐसे मामलों में कंपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाती है. मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा,

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हम नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट का पहले से पता लगाने के लिए एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हम उन अपराधियों से लगातार लड़ रहे हैं जो हमारे 3.5 अरब यूजर्स के बीच छिपे होते हैं और हमारी पकड़ से बचने की कोशिश करते हैं. 

उन्होंने आगे कहा, 

हमारी एक्सपर्ट टीमें अपनी सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, अपराधियों को जड़ से खत्म करने के लिए नई टेक्नोलॉजी विकसित करने, नियमों का उल्लंघन करने वाली वेबसाइटों के लिंक ब्लॉक करने और दूसरी कंपनियों के साथ जानकारी शेयर करने के लिए लगातार काम कर रही हैं, ताकि वे भी कार्रवाई कर सकें.

बता दें कि BBC Eye की रिपोर्ट में पता चला था कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को ‘प्रमोट’ करने वाले पेड विज्ञापन चला रहा है. BBC वर्ल्ड सर्विस की जांच में खुलासा हुआ था कि इन विज्ञापनों में रेप वीडियो और चाइल्ड वीडियो जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही इन वीडियोज में यूजर्स को मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के चैनलों पर भेजा यानी लैंड कर दिया जाता है, जहां वो बस 99 रुपये में यह कंटेंट खरीद सकते हैं. यही वजह है कि इतनी आसानी से इस तरह के कंटेट उपलब्ध होने की वजह से मेटा से जवाब मांगा गया है.

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