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बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, आपके पास होने ही चाहिए ये पांच मेडिकल गैजेट्स

मेडिकल गैजेट्स आपातकाल में बहुत काम आ सकते हैं.

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देशभर में बढ़ा ओमिक्रॉन का खतरा
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने तेजी से हमारे देश में पैर पसारना शुरू कर दिया है. देश के कई शहरों में पाबंदियां भी लागू हो गई हैं और कई दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी कर दिए गए हैं. कोरोना से बचने का सबसे बड़ा हथियार है वैक्सीन और सावधानी जैसे कि मास्क व लगातार हाथ धोते रहना. आप और हम कोविड के नियमों का पालन तो कर रहे हैं, लेकिन किसी भी वजह से कोई संक्रमण होता है या कोई बीमारी होती है तो क्या करना चाहिए?
तमाम तरीके हैं इससे निपटने के, लेकिन कुछ मेडिकल गैजेट्स भी हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं. ऐसे मेडिकल गैजेट्स (Medical Gadgets) को आपके घर में होना बहुत जरूरी है. ये इस्तेमाल में आसान हैं और पॉकेट फ़्रेंडली भी. आज हम ऐसे ही कुछ जरूरी मेडिकल गैजेट्स के बारे में जानेंगे. Non-contact Infrared Thermometers नॉर्मल थर्मामीटर आपके घर में होता है, लेकिन कोरोना काल में जरूरत है बिना शरीर के कॉन्टेक्ट में आए तापमान जांचने की. ऐसे में काम आते हैं कॉन्टेक्टलेस थर्मामीटर जो इंफ्रारेड तकनीक से लैस होते हैं. ऐसे थर्मामीटर कुछ इंच की दूरी से शरीर का तापमान चेक कर सकते हैं. इनमें लगा बड़ा डिस्प्ले भी आसानी से रीडिंग देखने में मदद करता है. नॉर्मल थर्मामीटर से अलग कॉन्टेक्टलेस थर्मामीटर से माथे या हथेली से भी तापमान नोट किया जा सकता है. अच्छी बात ये है कि यह प्रोडक्ट ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मार्केट में भी उपलब्ध है.
Non Contact Infrared Thermometers
Non Contact Infrared Thermometers
​Pulse Oximeter ऑक्सीमीटर नाम से सब परिचित हो चुके हैं. कोरोना पीड़ित व्यक्ति का ब्लड ऑक्सीजन लेवल (SpO2) पता होना सबसे जरूरी है और ऐसे में काम आते हैं पल्स ऑक्सीमीटर. ऑक्सीमीटर लेते समय ध्यान रखिए कि डिवाइस ब्लड ऑक्सीजन के साथ पल्स की भी रीडिंग देता हो. पीड़ित की उंगली में लगाकर SpO2 का स्तर पता किया जा सकता है. सारे ऑक्सीमीटर में एक स्क्रीन होती है जिस पर पल्स ग्राफ और SpO2 डिस्प्ले होता है. आप अपने बजट से हिसाब से प्रोडक्ट चुन सकते हैं. आज की तारीख में बहुत से फिटनेस बैंड और स्मार्टवॉच भी ब्लड आक्सीजन लेवल (SpO2) बताते हैं. यदि आपके पास ऐसा भी कोई डिवाइस है तो आप उसे ही यूज कर सकते हैं .
Pexels Mufid Majnun 8841741
Pulse Oximeter
Rapid Antigen Self Test Kit जैसा नाम से पता चलता है, इस किट से आप खुद अपना या परिजनों का कोविड टेस्ट घर पर ही कर सकते हैं. ध्यान रहे कि एक किट से एक ही बार टेस्ट किया जा सकता है. सेल्फ टेस्ट किट से 2 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति का टेस्ट किया जा सकता है. व्यस्क हैं तो खुद कर सकते हैं, लेकिन बच्चों के लिए परिजनों की जरूरत होगी. टेस्ट कैसे करना है? इसकी जानकारी किट पर ही मिल जाएगी. कई कंपनियां क्यूआर कोड भी देती है जिसको स्कैन करके उस प्रोसेस का वीडियो भी देखा जा सकता है. नाक के स्वैब सैंपल से इस टेस्ट को परफ़ॉर्म किया जाता है. ऐसी किट आमतौर पर 6 महीने की एक्सपाइरी डेट के साथ आती है. टेस्ट का परिणाम किट के साथ आए टेस्ट कार्ड पर और कंपनी के मोबाइल ऐप पर भी देखा जा सकता है. वैसे किट का मोबाइल ऐप है या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कौन सी कंपनी का यूज करते हैं. किट खरीदते वक्त एक बात का विशेष ख्याल रखिए कि यह Indian Council of Medical Research (ICMR) से अप्रूव्ड हो.
Rapid Antigen Self Test Kit
Rapid Antigen Self Test Kit
Blood Pressure Monitor ब्लड प्रेशर मॉनिटर का कोरोना से सीधा संबंध भले ना हो लेकिन इसका घर में होना जरूरी है. आजकल डिजिटल मॉनिटर आते हैं जिनसे ब्लड प्रेशर चेक किया जा सकता है. अब व्यक्ति बीमार कोविड से हो या किसी और वजह से, उसका ब्लड प्रेशर पता होना बहुत जरूरी है. डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर पोर्टेबल डिवाइस होते हैं जिनको आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है. ये मॉनिटर हाई और लो ब्लड प्रेशर की जानकारी स्क्रीन पर देते हैं. सभी डिवाइस में मेमोरी का भी फीचर होता है जिससे पिछली रीडिंग को भी देखा जा सकता है. दिल की धड़कन भी यदि अनियमित है तो इन डिवाइस से उसका भी पता चल जाएगा. आमतौर पर ये डिवाइस लंबी वारंटी के साथ आते हैं तो इनको घर पर रखा जा सकता है. वन टच ऑपरेशन की वजह से कोई भी इंसान बिना किसी की मदद से अपना ब्लड प्रेशर चेक कर सकता है. Glucometer भारत को वैसे भी डाइबिटीज की अघोषित राजधानी कहा जाता है तो ऐसे में शुगर लेवल का पता होना सबसे जरूरी है. यदि आप या आपके परिजन इस बीमारी से पीड़ित हैं तो नियमित शुगर जांच की सलाह डॉक्टर द्वारा दी जाती है. क्लिनिक में जाकर भी ऐसा किया जा सकता है लेकिन वो हमेशा संभव नहीं. ऐसे में काम आते हैं ग्लूकोमीटर. ग्लूकोमीटर से आप घर पर ही अपना शुगर लेवल चुटकियों में पता कर सकते हैं. आजकल तो ऐसे भी डिवाइस आने लगे हैं जिनको मोबाइल में लगा कर शुगर चेक की जा सकती है. अब मोबाइल में लगेगा तो जाहिर है उसका ऐप भी होगा. ऐप पर मेमोरी से लेकर आपात स्थति में परिजनों को सूचना देने तक की सुविधा होती है. ग्लूकोमीटर हजारों तरीके के आते हैं तो आप अपने हिसाब से चुन सकते हैं.
ये कुछ मेडिकल गैजेट हैं जिनका आपके घर में होना जरूरी है. वैसे ना आप और ना हम ये चाहेगे कि इनकी कभी जरूरत पड़े.

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