Aadhaar card पर नाम बदलना चाहते हैं तो प्रोसेस पूरा ही बदल गया है. आधार कार्ड का प्रबंधन देखने वाली संस्था UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने नाम में सुधार के लिए नए SOP (Standard Operating Procedure) जारी किया है. पहले घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आधार कार्ड पर नाम बदल जाता था. लेकिन अब मामला 4 कैटेगरी में बांटा गया है. हर कैटेगरी के हिसाब से जरूरी कागज-पत्री और एफिडेविट देना होगा. इसके साथ आधार सेंटर भी जाना पड़ेगा.
आधार कार्ड में नाम बदलने, स्पेलिंग ठीक करने का प्रोसेस बदल गया
पहले घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आधार कार्ड पर नाम बदल जाता था. लेकिन अब मामला 4 कैटेगरी में बांटा गया है.

अगर आपको या आपके घर में किसी को आधार कार्ड में अपना नाम बदलवाना है तो उसके लिए सबसे पहले ये देखना होगा कि किस कैटेगरी के तहत आप नाम बदलना चाहते हैं. इसके बाद आपको नजदीकी या दूर के आधार हेल्प सेंटर जाना होगा. ऑपरेटर आपकी बायोमेट्रिक और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करेगा. कुल चार कैटेगरी में बदलाव होगा. UIDAI ने 18 सितंबर 2026 को नए नियम जारी किए हैं.
# Minor Name Change: शख्स की पहचान में अगर कोई बदलाव नहीं हो रहा है और केवल नाम में छोटा सुधार करना है तो इसे मामूली सुधार माना जाएगा. जैसे नाम के शुरुआती अक्षरों को पूरा करना. आगे-पीछे और बीच के नाम में कोई बदलाव. स्पेलिंग सुधार, जिसमें उच्चारण लगभग समान है. उदाहरण के लिए सूर्यकांत मिश्रा में Surykant की Suryakant लिखना है तो आधार कार्ड होल्डर्स को प्रूफ ऑफ आइडेंटी (PoI) जमा करना जरूरी होगा. जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी कार्ड. 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Head of Family (HoF) बेस्ड नाम अपडेट के मामलों में Proof of Relationship (PoR) का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
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# डेटा की गलती: आधार कार्ड बनवाते समय डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती के कारण नाम गलत एंटर हो चुका है तो उसका प्रोसेस थोड़ा सा अलग है. इस वाले सुधार के लिए व्यस्कों के लिए Annexure B का एफिडेविट और पहचान/रिश्ते का प्रमाण (PoI/PoR) लगेगा. वहीं नाबालिगों के लिए Annexure C का एफिडेविट और दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी.
# शादी और तलाक: शादी के बाद सरमेन बदलना है या फिर तलाक के बाद फिर से नाम बदलना है तो इसके लिए Annexure D का निर्धारित एफिडेविट और पहचान पत्र (PoI) देना होगा. एफिडेविट में यह कंफर्म किया जाएगा कि सरनेम में बदलाव शादी या तलाक के कारण किया जा रहा है. इससे शख्स की पहचान में कोई बदलाव नहीं हो रहा है. वहीं, जेंडर में बदलाव के बाद नाम अपडेट करने के लिए SOP में अलग प्रावधान किए हैं. इसके लिए संबंधित PoI देना होगा.
# नाम ही बदलना है: अगर कोई शख्स अपना पूरा नाम बदलना चाहता है, जिससे उसकी पहचान बदल सकती है. इसको मेजर नाम चेंज की कैटेगरी में रखा गया है. इसके लिए सरकारी गजट नोटिफिकेशन देना बेहद जरूरी होगा. माने आपको अखबार में खबर देनी होगी. आज से मुझे सूर्यकांत मिश्रा की जगह सूर्य भाई के नाम से जाना जाए टाइप. इसके लिए आपको वकील की मदद लगेगी.
नाम में गलती से लग गए या गलत तरीके से लगाए गए कैपिटल लेटर्स अपडेट करने के लिए किसी कागज पत्री की जरूरत नहीं है. सारे एफिडेविट आपको आधार पोर्टल पर मिलेंगे.
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