ट्विटर (Twitter) पर मुंबई की रहने वाली एक महिला ने अपनी ट्रेन की टिकट पोस्ट की और उनके अकाउंट से पूरे 64 हज़ार रुपये साफ हो गए. आपने एकदम सही पढ़ा. महिला ने भारतीय रेलवे के ट्विटर हैन्डल (IRCTC's Twitter handle) को टैग करते हुए अपनी RAC टिकट के बारे में कुछ जानकारी मांगी थी. साइबर अपराधियों ने यहीं खेल कर दिया. आइए समझते हैं क्या है मामला.
ट्रेन की टिकट शेयर करके रेलवे से कंप्लेन की, फिर इतनी बड़ी ठगी होगी, सोचा नहीं था!
कस्टमर केयर के नाम पर ठग लिया!


आमतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम को सुरक्षित माना जाता है लेकिन हमेशा यूजर्स को इस बात की हिदायत दी जाती है कि अपनी निजी जानकारी को सार्वजनिक रूप से पोस्ट नहीं करें. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक महिला से यहीं पर चूक हो गई. उन्होंने अपनी RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट को मोबाइल नंबर के साथ ट्विटर पर पोस्ट किया और भारतीय रेलवे से उसके कन्फर्म होने की संभावना जाननी चाही.
महिला की पोस्ट के कुछ देर बाद उनको एक फोन आया. फोन महिला के बेटे ने उठाया और दूसरी तरफ से कहा गया कि कॉल भारतीय रेलवे के ग्राहक सेवा केंद्र की तरफ से किया गया है.
कॉल करने वाले की तरफ से एक लिंक भेजा गया. इसमें ट्रेवल डिटेल्स भरने के लिए और UPI के माध्यम से सिर्फ 2 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया. आगे कहानी वैसी ही है जो पहले से होती रही है. महिला के अकाउंट से 64 हजार और 11 रुपये साफ हो गए. महिला और उनके बेटे को लगा कि चूंकि उन्होंने ट्विटर पर भारतीय रेलवे को टैग किया था इसलिए उनके पास टिकट कन्फर्म करने के लिए फोन आया है.
आगे जाने से पहले हम आपको यहीं बता देते है कि भारतीय रेलवे ऐसी कोई कॉल नहीं करता है. जाहिर है कि कॉल साइबर फ्रॉड की ओर से किया गया था.
बहरहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. लेकिन आपसे गुजारिश है कि ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज के फंदे में न आयें. साइबर अपराधी फिशिंग के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं. एक बात और, बैंक से लेकर कोई भी सरकारी/गैर सरकारी संस्थान आपसे ऑनलाइन पैसे नहीं मांगता है. किसी भी उलझन से बचने के लिए संबंधित संस्थान के कस्टमर केयर पर कॉल कीजिए. नंबर गूगल से नहीं बल्कि उनकी वेबसाइट या ऐप से लीजिए.
वीडियो: खर्चा-पानी: ट्विटर के बुरे दिन शुरू, रोजाना हो रहा करोड़ों का घाटा !






















