जब ढह रही हों आस्थाएं जब भटक रहे हों रास्ता तो इस संसार में एक स्त्री पर कीजिए विश्वास.
Home|Sports|Ek Kavita Roz Poem by Kumar Ambujकुमार अंबुज की एक कविता 'एक स्त्री पर कीजिए विश्वास'क्योंकि औरत आखिरी शरणस्थली है.Advertisement निवेदिता 28 मई 2018 (अपडेटेड: 28 मई 2018, 01:33 PM IST)See more of Lallantop trusted journalism by adding us as a preferred source on Google.जब ढह रही हों आस्थाएं जब भटक रहे हों रास्ता तो इस संसार में एक स्त्री पर कीजिए विश्वास.Advertisementलल्लनटॉप का चैनलJOINकरेंसम्बंधित ख़बरेंजो रूट ने सचिन को पछाड़ा! सबसे तेज 23000 रन पूरा करने वाले दूसरे बैटर बनेन्यूजीलैंड की T20I टीम में 7 पेसर्स! टीम इंडिया के लिए बिछाएंगे 'ग्रीन ट्रैप'एशियन गेम्स: जापान पहुंचते ही खिलाड़ियों से 'खेल', जिस इवेंट की तैयारीकी उसी से हटाए गए'नीतीश रेड्डी नहीं कर सकते हार्दिक पंड्या की बराबरी', पूर्व क्रिकेटर ने कह दी गौतम गंभीर को चुभने वाली बात!Advertisement