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धरने पर बैठे पहलवानों के आरोपों के खिलाफ़ नरसिंह, संदीप और दिव्या मैदान में उतरे!

दिव्या ने पहले बड़ी बात बोली, फिर पोस्ट डिलीट किया.

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नरसिंह यादव, विनेश फोगाट, बृजभूषण शरण सिंह. फोटो: File Photo

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI). भारतीय कुश्ती को चलाने वाली संस्था के खिलाफ़ कई पहलवान बुधवार 18 जनवरी से धरने पर बैठे हुए हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे इस प्रदर्शन में शामिल पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर तानाशाही, यौन उत्पीड़न और पैसों की हेराफेरी के आरोप लगाए हैं.

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इस प्रदर्शन में देश के कई दिग्गज पहलवान शामिल हैं. आरोप लगाने वालों में टोक्यो ओलंपिक के ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट बजरंग पुनिया, वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट विनेश फोगाट, रवि दहिया, दीपक पुनिया और साक्षी मलिक जैसे बड़े नाम भी जुड़े हैं. पहलवानों ने भारत सरकार से बृजभूषण को हटाने की मांग की है और कहा है कि जब तक ऐसा नहीं होता, पहलवानों का धरना जारी रहेगा.

बृजभूषण शरण सिंह ने पहलवानों के आरोपों का खंडन किया है. इस पूरे मामले के तीसरे दिन तक अब पहलवान बृजभूषण के पक्ष में सामने आए हैं. इसके साथ ही उन्होंने ये भी उन्होंने इस धरना प्रदर्शन के षडयंत्र बताया है. आइये बताते हैं किसने क्या कहा.  

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# नरसिंह यादव

2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाले नरसिंह यादव ने बृजभूषण की तारीफ की है और उनका पक्ष लिया है. 2015 लास वेगास वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले नरसिंह ने कहा -

'हरियाणा के हर ट्रेनिंग कैम्प में पक्षपात होता है. कहां नहीं होता? बृजभूषण जी इसी के खिलाफ़ थे. वो सबको मौका देते हैं. इसलिए ये सब हो रहा है.'

नरसिंह ने आगे कहा -

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‘ये सारे आरोप झूठे हैं. सबको नेशनल में खेलने का हक है. हर राज्य का प्लेयर ओलंपिक्स में जा सकता है. बृजभूषण जी के आने के बाद चीज़ें बदली हैं. हरियाणा के अलावा दूसरे स्टेट के पहलवानों को भी मौका मिला है. नेशनल्स बिना खेले हमें कैसे पता चलेगा कि कोई प्लेयर अच्छा है या खराब? ऐसे लोग बृजभूषण जी के खिलाफ़ षडयंत्र रच रहे हैं. ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ था.’

# रोज़ मार्या

केरल की पहलवान रोज़ मार्या और उनकी बहन शालिनी भी बृजभूषण के समर्थन में सामने आई हैं. उन्होंने कहा -

'हम दोनों नेशनल मेडलिस्ट हैं. हम 2014 में लखनऊ के साईं सेंटर में हुए नेशनल कैम्प का हिस्सा थीं. हम वहां पूरी तरह से सेफ थे. हमें वहां कोई समस्या नहीं हुई. इसके लिए हम रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की शुक्रगुज़ार हैं.'

# संदीप यादव

उत्तर प्रदेश के जौनपुर से आने वाले संदीप यादव भारत के पहले ऐसे पहलवान हैं, जिन्होंने ग्रेको-रोमन पहलवानी के वर्ल्ड कप के लिए मेडल जीता है. उन्होंने कहा -

'हम बहुत मेहनत करते हैं लेकिन हरियाणा वाली लॉबी की वजह से हमें अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जाने का मौका नहीं मिलता. एक ही समुदाय और राज्य के पहलवान ओलंपिक्स और बाकी इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स के लिए सेलेक्ट हों, ऐसा नामुमकिन है. ग्रेको रोमन वर्ल्ड कप में मैं भारत का इकलौता मेडल विनर हूं. मैं आपको बता रहा हूं कि हरियाणा के पहलवानों की लॉबी भेदभाव करती है.'

संदीप ने आगे बताया -

'धरना प्रदर्शन करने वाले गुस्सा हैं क्योंकि उनका एकतरफा राज ख़त्म हो रहा है. बृजभूषण हर राज्य के पहलवानों को मौका दे रहे थे - बिहार से लेकर केरल तक. आप टैलेंट की पहचान सिर्फ तब कर सकते हैं जब सारे अच्छे पहलवान एक दूसरे के खिलाफ़ खेलें. धरना करने वाले पहलवान नेशनल खेलने से इतना क्यों डर रहे हैं? यही वजह है कि बृजभूषण जी को टार्गेट किया जा रहा है.'

# दिव्या काकरान

पहलवान दिव्या काकरान ने कहा है कि बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं. धरना दे रहे पहलवान झूठ बोल रहे हैं. दिव्या ने सोशल मीडिया पर अपने वायरल वीडियो में कहा,

'बृजभूषण शरण सिंह पर तमाम आरोप लग रहे हैं, लेकिन इनमें कोई सच्चाई नहीं है. मैं 2010 से कैम्प कर रही हूं कभी ऐसा नहीं देखा. मुझे याद है पहली बार जब कैम्प किया था तब किट तक अच्छी नहीं मिली थी. हमने इसकी शिकायत भी की, लेकिन आज हमारे पास सबकुछ है. जब से बृजभूषण शरण सिंह संघ के अध्यक्ष बने हैं तब से कुश्ती के पास स्पॉन्सर्स हैं. मैं तो खुद अपना नाम कैम्प में डलवाती हूं. कई बार ट्रायल के दौरान हमसे गलती होती है तो हमें दूसरा मौका भी दिया जाता है.'

हालांकि बृजभूषण का पक्ष लेने के बाद इन तमाम पहलावों में से दिव्या काकरान ने अपने इस पोस्ट को डिलीट कर लिया. इस पूरे मामले में आगे क्या होता है. ये पूरा अपडेट आपको मिलता रहेगा. 

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