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रिटायरमेंट की पार्टी देकर लौट रहे थे, खुले नाले में गिरकर मौत हो गई

मृतक की पहचान रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल Rameshwar Rawat के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि शहर में खुले नाले और बदहाल सड़कों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग लापरवाह बने हुए हैं.

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मेनहोल में गिरने के बाद प्रिंसिपल का शव निकालते लोग (PHOTO-India Today)
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चेतन गुर्जर

कोचिंग हब कहे जाने वाले राजस्थान के शहर कोटा में प्रशासनिक लापरवाही की वजह से एक शख्स की जान चली गई. यहां एक खुले नाले में रिटायर्ड प्रिंसिपल बाइक समेत गिर गए. नाला गहरा था इसलिए वो खुद को उसमें से निकाल नहीं पाए. वो देर रात अपने परिचितों और स्टाफ को रिटायरमेंट की पार्टी देकर लौट रहे थे. घटना कोटा शहर के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र की है. 60 साल के रामेश्वर रावत एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल थे. हाल ही में वो इस पद से रिटायर हुए थे. 

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रिटायरमेंट के बाद वो 20 मई को अपने परिचित लोगों से मिलने-जुलने निकले थे. बाद में उन्होंने अपने स्टाफ और परिचितों को रिटायरमेंट की पार्टी भी दी थी. रामेश्वर रावत वहीं से घर लौट रहे थे. देर रात घर लौटते समय उनकी बाइक अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी. हादसे के बाद वो पूरी रात नाले में ही पड़े रहे. अगले दिन यानी 21 मई की सुबह करीब 10 बजे लोगों की नजर नाले में पड़ी बाइक पर गई, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ.

रात भर मोबाइल बंद आता रहा

इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार चेतन गुर्जर ने रामेश्वर रावत के परिवार से बात की. बातचीत के दौरान मृतक रामेश्वर भतीजे मनीष रावत ने बताया कि शाम के बाद से ही परिवार का उनसे संपर्क टूट गया था. रात भर उनका मोबाइल बंद आता रहा और वो घर नहीं लौटे. परिजन लगातार फोन लगाते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

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लोगों को बाइक दिखी

रात भर रामेश्वर के परिजन परेशान रहे लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. अगली सुबह 21 मई को गोकुल कॉलोनी में खुले नाले में लोगों ने एक बाइक गिरी देखी. लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने पर बोरखेड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को बाहर निकलवाया. बाइक के नीचे पुलिस एक व्यक्ति दबा मिला. पुलिस उसे तत्काल एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बाइक नंबर के आधार पर पुलिस ने मृतक की पहचान रामेश्वर रावत के रूप में की और परिवार को सूचना दी. परिजनों का आरोप है कि शहर में खुले नाले और बदहाल सड़कों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग लापरवाह बने हुए हैं. उनका कहना है कि अगर नाले की सुरक्षा व्यवस्था होती तो रामेश्वर रावत की जान बच सकती थी. वहीं बोरखेड़ा थाने के एएसआई धर्मवीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है.

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