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ऑस्ट्रेलियन ओपन में कैमरे से परेशान प्लेयर्स! गॉफ, स्वांतेक और पेगुला ने उठाए सवाल

इगा स्वितेयक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वह जिम जा रही है लेकिन अपना एक्रेडेशन कार्ड भूल गई हैं. इस वीडियो को एक मीम के तौर पर शेयर किया गया.

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कोको गॉफ को मैच के बाद रैकेट तोड़ने के लिए ट्रोल किया जा रहा है. (Photo-PTI)

एक खिलाड़ी, खिलाड़ी कब तक रहता है? एक खिलाड़ी के जीवन पर फैंस का कितना अधिकार है? एक खिलाडी के जीवन का कितना हिस्सा कैमरे के लिए है? ऑस्ट्रेलियन ओपन में इन दिनों यह सवाल लगातार उठ रहे हैं. टॉप खिलाड़ी कैमरे के जरिए हो रही निगरानी से परेशान हो चुके हैं. उनके हंसने और आंखों के आंसू पर जूम करते हुए लेंस अब उन्हें परेशान कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके वीडियो प्राइवेसी पर किसी हमले की तरह लग रहे हैं. चाहे वह युवा खिलाड़ी कोको गॉफ हो या फिर वर्ल्ड नंबर 2 इगा स्वांतेक. हर कोई इसे लेकर नाराजगी जाहिर कर रहा है.

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इगा ने प्राइवेसी पर क्या कहा?

इगा स्वांतेक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह जिम जा रही हैं. लेकिन अपना एक्रेडिटेशन कार्ड भूल गई हैं. इस वीडियो को एक मीम के तौर पर शेयर किया गया. इगा ने गुस्से में अपनी तुलना चिड़ियाघर के जानवर तक से कर दी. उन्होंने कहा,

सवाल यह है कि क्या हम टेनिस खिलाड़ी हैं या चिड़ियाघर के जानवर हैं? जहां शौच करते समय भी लोगों की नज़रें हम पर टिकी रहती हैं? ठीक है, ज़ाहिर है मैंने थोड़ा ज्यादा कह दिया? लेकिन, प्राइवेसी तो अच्छी बात है. अपना प्रोसेस रखना और हर समय निगरानी में न रहना, पूरी दुनिया की निगाहों के सामने न रहना अच्छा लगता है. यह इतना आसान नहीं है. कोर्ट पर और प्रेस में हम पर नज़र होना आम बात है. लेकिन, अपनी एक्रेडि‍टेशन कार्ड भूल जाने पर मीम बनना हमारा काम नहीं है. यह फनी ज़रूर है. लोगों के पास बात करने के लिए कुछ न कुछ होता है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह ज़रूरी है.

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कोको गॉफ की नाराजगी

इससे पहले कोको गॉफ के बयान ने भी एक नई चर्चा शुरू कर दी थी. कोको को वर्ल्ड नंबर 3 इलिना स्वितोलिना ने हराया था. कोको इस हार से काफी परेशान थीं और उन्होंने गुस्से में अपना रैकेट जमीन पर मारा. यह पल कैमरे पर कैद हो गया और फिर काफी वायरल हुआ. कोको ने इसके बाद एक ऐसा बयान दिया, जिससे इस बात का अंदाजा होता है कि खिलाड़ियों के लिए कैमरा घुटन का नया कारण बन गया है. ये उनकी मेंटल हेल्थ पर भी असर कर रहा है. कोको ने मैच के बाद रिपोर्टर्स से कहा,

मैंने ऐसी जगह जाने की कोशिश की, जहां कैमरे न हो. मुझे ब्रॉडकास्ट से थोड़ी परेशानी होती है. मुझे लगता है कि कुछ ऐसे पल होते हैं, जो ब्रॉडकास्ट नहीं होने चाहिए. जैसा कि यूएस ओपन के फाइनल में अरीना सबालेंका के साथ मैच के बाद के पल. मुझे लगता है इनके टेलीकास्ट की कोई ज़रूरत नहीं है. मैंने ऐसी जगह जाने की कोशिश की, जहां ब्रॉडकास्टर न हो. ताकी यह सब टेलीकास्ट न हो. लेकिन, ज़ाहिर है उन्होंने टेलीकास्ट किया. मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट में लॉकर रूम इकलौती निजी जगह है, जहां हमें प्राइवेसी मिलती है.

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हर समय रिकॉर्डिंग सही बात नहीं

कोको गाॅफ के बयान को बाकी खिलाड़ियों का भी समर्थन मिला. वर्ल्ड नंबर 6 जेसिका पेगुला ने निजी पलों की रिकॉर्डिंग को गैरजरूरी बताया. उन्होंने कहा,

कोको ने जब कहा कि लॉकर रूम ही एकमात्र सुरक्षित जगह है, तो वह गलत नहीं थीं. ये वाकई अजीब है. आप बस अपना दिन बिता रहे होते हैं, फिर आपको यह एहसास होता है कि कोई लगातार आपकी वीडियो बना रहा है. मैंने ऑनलाइन देखा कि लोग फोन पर जूम करके खिलाड़ियों के वीडियो बना रहे थे. इसकी कोई जरूरत नहीं है.  मुझे लगता है कि यह प्राइवेसी का उल्लंघन है. मतलब, हम कोर्ट पर होते हैं तो टीवी पर होते हैं. अंदर आते हैं,  टीवी पर होते हैं. सचमुच, एकमात्र समय जब आपकी रिकॉर्डिंग नहीं हो रही होती है, वह तब होता है जब आप नहाने या बाथरूम जाते हैं.

खिलाड़ियों के बयान के बाद फिर से यह बहस तेज हो गई है कि मेंटल हेल्थ कितनी अहम है. खिलाड़ियों को सुपर ह्यूमन की जगह इंसान समझना कितना अहम है. खिलाड़ी चाहते हैं कि ब्रॉडकास्टर्स के लिए एक बाउंड्री तय की जाए. ताकी वह भी जीवन का कुछ हिस्सा आम इंसान की बिता सके, जहां उनका हर इमोशन व्यूज का जरिया न हो. 

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