IPL 2026 दो दिन के बाद शुरू हो जाएगा. इसे लेकर अंतिम तैयारियां चल रही हैं. इसी बीच, BCCI हेडक्वार्टर्स में 25 मार्च को सभी कप्तानों की प्री-सीजन ब्रीफिंग हुई. IPL के 19वें सीजन को लेकर इस दौरान प्लेइंग कंडीशंस, नए ट्रेनिंग प्रोटोकॉल और मैच डे के नियमों को लेकर कप्तानों को स्पष्टता दी गई.
IPL 2026 में इंपैक्ट प्लेयर, बॉल चेंज पर BCCI ने कप्तानों को क्या दिए निर्देश?
IPL 2026 के नियमों पर चर्चा करने के लिए BCCI के साथ हुई 10 फ्रैंचाइजी के कप्तानों की मीटिंग. इंपैक्ट प्लेयर, बॉल चेंज, मैच डे ट्रेनिंग को लेकर बातचीत हुई.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस सेशन को लीड जवागल श्रीनाथ और नितिन मेनन ने किया. श्रीनाथ वर्तमान में BCCI के मैच रेफरी पैनल के हेड हैं. वहीं, मेनन ICC एलीट पैनल के अंपायर्स में भारतीय प्रतिनिधि हैं. इस दौरान लीग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि इस प्री-ब्रीफिंग में पहुंचे सभी 10 फ्रैंचाइजी के कप्तान इंडियंस थे. इसमें ईशान किशन भी शामिल थे. वह पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में सनराइजर्स हैदराबाद को लीड कर रहे हैं. उनके अलावा बाकी कप्तान वैसे भी भारतीय हैं.
मीटिंग के दौरान, BCCI ने पुष्टि की कि 'इंपैक्ट प्लेयर' नियम कम से कम 2027 तक लागू रहेगा. भले ही प्री-सीजन ब्रीफिंग के दौरान अधिकांश फ्रैंचाइजी के कप्तानों ने इस पर अपनी आपत्तियां जताई थीं.
2023 में पेश किया गया 'इंपैक्ट प्लेयर' नियम टीमों को मैच के किसी भी समय स्टार्टिंग XI के किसी खिलाड़ी को बदलने की परमिशन देता है. हालांकि, BCCI ने पहले इस नियम की अवधि 2024 तक बढ़ा दी थी. लेकिन, यह विवाद का विषय बना हुआ है. लीग सूत्रों के अनुसार, सत्र के दौरान अधिकांश कप्तानों ने इस नियम के टैक्टिकल इंपैक्ट को लेकर चिंता जाहिर कीं. हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 2027 सीज़न के खत्म होने से पहले इस नियम को रिव्यू नहीं किया जाएगा.
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बॉल चेंज करने को लेकर क्या है नियम?ब्रीफिंग में ओस के प्रभाव से प्लेइंग कंडीशंस के इंपैक्ट पर भी चर्चा की गई. मौजूदा स्थिति की बात करें तो, बॉल को दूसरी पारी के 10वें ओवर के बाद बदला जा सकता है. ब्रीफिंग के दौरान एक कप्तान ने प्रस्ताव दिया कि प्लेइंग पैरिटी (समानता) के लिए पहली पारी के 10वें ओवर के बाद भी इसी तरह बॉल चेंज करने की अनुमति दी जानी चाहिए. हालांकि, इस प्रस्ताव को कोई समर्थन नहीं मिला. BCCI ने कहा कि मौजूदा नियम भारी ओस से निपटने के लिए बनाया गया है. इसलिए मौजूदा प्रोटोकॉल लागू रहेगा.
BCCI ने 2026 सीज़न के लिए बदली हुई ट्रेनिंग गाइडलाइंस पर और ज़्यादा जानकारी दी. नए निर्देशों के तहत -
# मैच डे की पाबंदियां : मैच के दिन कोई भी फॉर्मल प्रैक्टिस सेशन करने की इजाज़त नहीं है.
# पिच का इस्तेमाल : अगर कोई टीम अपना तय प्रैक्टिस सेशन, तय समय से पहले ही खत्म कर लेती है, तो विरोधी टीम को उन खास विकेटों पर बचे हुए समय का इस्तेमाल करने की मनाही होगी.
कप्तानों ने इन नियमों के लॉजिस्टिकल असर पर सफाई मांगी. इस पर अधिकारियों ने बताया कि इन उपायों का मकसद पिच को ओवर यूज को कंट्रोल करना और पूरे टूर्नामेंट के अलग-अलग स्टेडियमों में एक जैसी स्थिति बनाए रखना है.
सेशन का एंड खिलाड़ियों के बर्ताव और ओवर-रेट पेनाल्टी पर एक ब्रीफिंग के साथ हुआ. इसमें ये ज़ोर देकर बताया गया कि खेल की गति बनाए रखने के लिए कप्तानों को पूरी तरह से इसका जवाबदेह ठहराया जाएगा.
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