दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज को रैंकिंग देने वाले क्यूएस सायमंड्स ने 2026 की अपनी ताजा लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में भारत के 99 संस्थान शामिल किए गए हैं. पिछले साल इस लिस्ट में भारत के 79 संस्थान शामिल थे. इस बार 20 नए संस्थान इसमें जुड़े हैं. नई लिस्ट के हिसाब से इस बार विषयवार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है. QS के मुताबिक, 2026 में भारत ने 120 नए विषयों में एंट्री भी दर्ज की है. इसमें साइंस, इंजीनियरिंग, आर्ट्स जैसे सब्जेक्ट शामिल हैं.
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के कितने संस्थान? IIT दिल्ली-बॉम्बे ने तो कमाल कर दिया
QS World University Rankings: 25 मार्च को 'QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026' जारी की गई, जिसमें भारत के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट ने बाजी मारी. भारत के इस बार 20 नए इंस्टीट्यूट रैंकिंग में शामिल हुए हैं.


एंट्रीज के लिहाज से भारत का प्रदर्शन अमेरिका, ब्रिटेन और चीन से बेहतर रहा. कुल 599 एंट्रीज में से भारत की 99 एंट्रीज यानी 44 फीसदी को रैंकिंग में शामिल किया है. रैंकिंग में दर्ज भारत की 99 यूनिवर्सिटीज में इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट का दबदबा है. इनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IIT- बॉम्बे) सबसे ज्यादा सब्जेक्ट एंट्री के साथ पहले नंबर पर है. इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर (IIT खड़गपुर), दिल्ली यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IIT मद्रास) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIT-दिल्ली) जैसे संस्थान हैं. आईआईटी दिल्ली और बॉम्बे के सबसे ज्यादा 6-6 विषयों को टॉप 50 में जगह मिली है.
| संस्थान | विषयों की एंट्री | टॉप 50 में शामिल सब्जेक्ट | बेहतरीन परफॉर्मेंस वाले सब्जेक्ट | ग्लोबल रैंक (बेस्ट सब्जेक्ट) |
| IIT बॉम्बे | 30 | 6 | मिनरल और माइनिंग इंजीनियरिंग | 36 |
| IIT खड़गपुर | 29 | 2 | मिनरल और माइनिंग इंजीनियरिंग | 22 |
| दिल्ली यूनिवर्सिटी | 28 | — | अर्थशास्त्र और अर्थमिति | 125 |
| IIT मद्रास | 28 | 4 | पेट्रोलियम इंजीनियरिंग | 29 |
| IIT दिल्ली | 23 | 6 | इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग | 36 |
| JNU | 23 | 1 | डेवलपमेंट स्टडी | 26 |
| IIT रुड़की | 22 | — | सिविल इंजीनियरिंग | 51–100 |
| VIT | 20 | — | कंप्यूटर साइंस | 86 |
| BITS पिलानी | — | 1 | फार्मेसी और फार्माकोलॉजी | 45 |
IISc बेंगलुरु और IIT कानपुर ने भी 19-19 विषयों की एंट्री की थी और इन दोनों के ही बेस्ट परफॉर्मेंस वाले सब्जेक्ट डेटा साइंस और AI रहे. जाहिर है, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी भारत के वैश्विक प्रदर्शन का मुख्य पिलर बने हुए हैं. पिछले पांच सालों में इंजीनियरिंग सब्जेक्ट की एंट्रीज में 65% की बढ़ोतरी हुई है. भारतीय संस्थानों ने केमिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और माइनिंग इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में दुनिया के टॉप 100 और टॉप 50 संस्थानों में कई जगहें बनाई हैं.
इस बार बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन करते हुए बड़ी छलांग लगाई है. ये संस्थान 84वें स्थान से 45वें स्थान पर आ गए और पहली बार टॉप 50 में शामिल हुए हैं.
जाते-जाते एक बार विदेशी यूनिवर्सिटीज के बारे में भी जान लीजिए. अमेरिका 228 यूनिवर्सिटीज के साथ इस रैंकिंग में पहले नंबर पर है. दूसरे नंबर पर चीन है, जिसके 158 संस्थान लिस्ट में शामिल हैं. तीसरे पायदान पर यूके है, जिसके 114 विश्वविद्यालयों लिस्ट में हैं. चौथे स्थान पर भारत है, जिसकी 99 यूनिवर्सिटीज ने लिस्ट में जगह बनाई है. भारत के बाद फ्रांस के 93 संस्थान, जर्मनी के 72, इटली के 60, स्पेन के 54, जापान के 53 और साउथ कोरिया के 47 इंस्टीट्यूट लिस्ट में हैं.
वीडियो: ईरान ने अमेरिका-इजरायल के सामने रखीं 6 शर्तें, क्या होगा अब सीजफायर?






















