विजय हजारे ट्रॉफी 2026 (Vijay Hazare Trophy) कई वजहों से चर्चा में रहा. कई युवा खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया. वहीं, कई इंटरनेशनल खिलाड़ियों ने भी लंबे समय बाद इस टूर्नामेंट में वापसी की. इसमें भारतीय स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) का नाम शामिल था. लेकिन, इन दोनों ही खिलाड़ी जिन टीमों के लिए खेले, वह टेलीकास्ट नहीं हुए. इस कारण फैंस काफी नाराज हुए और सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा भी हुई. इन दोनों खिलाड़ियों की लोकप्रियता ने एक तरह से BCCI को अपनी पॉलिसी बदलने पर मजबूर कर दिया है.
कोहली और रोहित को देख BCCI का बड़ा फैसला, नियम बदलने की तैयारी!
Vijay Hazare Trophy 2026 के दौरान Virat Kohli और Rohit Sharma के मैच टेलीकास्ट नहीं हुए थे. भारतीय क्रिकेट फैंस इससे काफी नाराज थे. BCCI को उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया पर काफी सुनाया था.
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BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने मैचों के टेलीकास्ट न होने की वजह बताई. स्पोर्ट्स स्टार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,
अब हम जो सबसे बड़ा बदलाव देख रहे हैं, वह यह है कि सभी राष्ट्रीय खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में भाग ले रहे हैं. पहले मुझे कभी फोन नहीं आते थे कि कोई खास घरेलू मैच क्यों नहीं दिखाया जा रहा है या कौन से मैच लाइव टेलीकास्ट होंगे. पहले ऐसे सवाल कभी नहीं आते थे. लेकिन, अब हमें ये सवाल नियमित रूप से मिल रहे हैं.
देवजीत ने बताया कि उन्हें एहसास है कि फैंस अब घरेलू क्रिकेट में भी दिलचस्पी ले रहे हैं. देवजीत ने कहा,
पॉलिसी बदलने को तैयार देवजीत सैकियाहमारी पिछली पॉलिसी के तहत लगभग 100 घरेलू मैच टेलीकास्ट किया जाता था, और हमने उसी मॉडल का पालन किया. हालांकि, नीति में बदलाव के बाद और टॉप खिलाड़ियों के घरेलू क्रिकेट में शामिल होने से, न केवल मीडिया बल्कि आम जनता की भी रुचि में बहुत बढ़ गई है. क्रिकेट प्रेमी घरेलू मैच देखना चाहते हैं.
देवजीत ने बताया कि वह इसी कारण पॉलिसी में बदलाव करना चाहते हैं. उन्होंने कहा,
इसी वजह से हम उस नीति में बदलाव करने जा रहे हैं. हम पहले से ही अपने ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर्स के साथ काम कर रहे हैं और आने वाले सीजन में दिखाए जाने वाले घरेलू मैचों की संख्या बढ़ाएंगे.
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BCCI ने कुछ समय पहले नियम बनाया था कि इंटरनेशनल खिलाड़ियों को भी ब्रेक के समय घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना होगा. इसी कारण रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से लेकर अभिषेक शर्मा जैसे युवा स्टार्स घरेलू टूर्नामेंट्स में खेलते नजर आए थे. देवजीत को लगता है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट को इसका फायदा हुआ है. उन्होंने कहा,
कोहली और रोहित का शानदार प्रदर्शनघरेलू क्रिकेट में टॉप खिलाड़ियों के होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे प्रतियोगिता का स्तर बढ़ जाता है. युवा खिलाड़ियों को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने और एक ही ड्रेसिंग रूम शेयर करने का अवसर मिलता है.
कोहली और रोहित ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया. 15 साल बाद घरेलू 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी करते हुए कोहली ने 131 रन की शानदार पारी खेली थी. वहीं लिस्ट ए में 16,000 रन बनाने वाले सबसे तेज बल्लेबाज भी बने थे. 2018 के बाद पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे रोहित ने मुंबई के लिए 94 गेंदों में 155 रन बनाए, जो लिस्ट ए में उनके बेस्ट पारियों में से एक है. इसके साथ ही वह नौ बार 150 से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों के खास क्लब समूह में शामिल हो गए.
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