विराट कोहली की कप्तानी पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं. भारत ने उनकी कप्तानी में एक भी ICC ट्रॉफी नहीं जीती. टीम इंडिया ने 2013 ICC चैम्पियन्स ट्रॉफी के बाद कोई भी ICC टूर्नामेंट नहीं जीता. हालांकि विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल्स में जगह बनाई थी. पर जीत नहीं सकें. इसको लेकर फ़ैन्स लगातार सवाल खड़ा करते रहे हैं. विराट ने ऐसी बातों का मुहतोड़ जवाब दिया है.
'विराट फेल्ड कैप्टन हैं...' विराट ने खुद जवाब दिया!
ICC ट्रॉफी जीतने पर विराट ने क्या कहा?
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विराट ने RCB पॉडकास्ट सीज़न 2 पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने भले ही बतौर कैप्टन ICC ट्रॉफी न जीती हो, पर उन्होंने टीम को एक नया कल्चर दिया है. विराट ने उन्हें ‘फेल्ड कप्तान’ कहने वालों को भी जवाब दिया. उन्होंने कहा -
मैं इस बात से अपना दिमाग खराब नहीं करता कि मेरा ट्रॉफी कैबिनेट भरा है या नहीं. ट्रॉफी सही डिसिप्लिन का एक बाई-प्रोडक्ट होती है. आप जीतने के लिए ही खेलते हो पर बात सिर्फ इतनी सी नहीं होती. सच कहूं तो मेरे रिकॉर्ड पर बहुत कुछ कहा गया. मैंने 2017 चैम्पियन्स ट्रॉफी में कप्तानी की, 2019 वर्ल्ड कप में कप्तानी की, 2021 की वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में कप्तानी की. हम 2021 T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सके. हालांकि, हम 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचे, 2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल तक. इसके बावजूद मुझे फेल्ड कप्तान कहा गया. मैंने खुद को कभी भी उस नज़रिए से नहीं देखा. हमने एक टीम की तरह जो अचीव किया, कल्चर में जो बदलाव आया, उससे मैं हमेशा गर्व महसूस करूंगा.
विराट ने इसके बाद नए कल्चर पर बात की. उन्होंने कहा -
एक टूर्नामेंट एक छोटे पीरियड के लिए होता है, पर कल्चर लंबे समय तक चलता है. इसके लिए आपको कंसिस्टेंसी चाहिए होती है. इसके लिए आपको एक टूर्नामेंट जीतने से ज्यादा कैरेक्टर चाहिए होता है. मैंने बतौर प्लेयर वर्ल्ड कप जीता है, चैम्पियंस ट्रॉफी जीती है. मैं उस टीम का हिस्सा रहा हूं जिसने पांच टेस्ट मेस जीते हैं. अगर आप देखें तो कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कभी वर्ल्ड कप नहीं जीता.
# 2011 वर्ल्ड कप को भी याद किया
22 साल के विराट को 2011 वर्ल्ड कप की टीम में चुना गया था. विराट टीम के मिडल ऑर्डर का अहम हिस्सा भी थे. 2 अप्रैल 2011 को टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप जीता था. उस दिन को याद करते हुए विराट ने कहा -
मैं लकी था कि मैं उस टीम का हिस्सा था. उस टूर्नामेंट से पहले मैंने कई अच्छी पारियां खेली थी, इसलिए मुझे टीम में शामिल किया गया था. मैंने सोचा नहीं था ऐसा होगा. जब चीज़ों को होना होता है... (हो जाता है). सचिन तेंडुलकर अपना छठा वर्ल्ड कप खेल रहे थे. और उन्होंने वो जीता. वो मेरा पहला वर्ल्ड कप था और मैंने वही जीत लिया.
दो साल बाद कोहली ने टीम इंडिया के साथ ICC चैंपियन्स ट्रॉफी भी जीती. हालांकि, उस वक्त टीम के कप्तान एमएस धोनी थे. बतौर टेस्ट कप्तान, विराट का रिकॉर्ड शानदार है. ICC ट्रॉफी छोड़ दें तो वाइट-बॉल क्रिकेट में भी उनके कैप्टेंसी का रिकॉर्ड अच्छा है. और अब विराट ने खुद उनके आलोचकों को जवाब दे दिया है. आप विराट की कप्तानी के बारे में क्या सोचते हैं, कमेंट्स में बताएं.
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