साउथ अफ्रीका में अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप चल रहा है. भारत ने रविवार, 19 जनवरी को यहां अपना पहला मैच खेला. श्रीलंका के खिलाफ हुआ यह मैच टीम इंडिया आसानी से जीत गई. इस मैच में श्रीलंका को 90 रन से हार मिली. लेकिन इस मैच के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने श्रीलंकाई फैंस को बेहद खुश कर दिया होगा. दरअसल इस मैच के दौरान जब भारत बैटिंग कर रहा था तब श्रीलंकाई पेसर मथीशा पथिराना ने एक बॉल 175 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से फेंकी. यशस्वी जायसवाल को फेंकी गई इस गेंद की रफ्तार 175 किमी (108 मील प्रतिघंटा) मापी गई. यह किसी भी लेवल की क्रिकेट में रिकॉर्ड हुई अब तक की सबसे तेज गेंद है. रिकॉर्ड के लिए अंपायर ने इसे वाइड करार दिया. इसी बीच लोगों की नज़र स्पीड पर गई. बस फिर क्या था, लोग तुरंत ट्विटर पर सवाल करने लगे. हालांकि बाद में पता चला कि यह टेक्निकल एरर था. स्पीड मापने वाली मशीन में कुछ गड़बड़ हो गई थी.
लोगों ने पहले ही संभावना जताई थी कि इसमें कोई टेक्निकल एरर हो सकता है. अभी तक ICC ने इस पर कोई ऑफिशल बयान नहीं दिया है.
# क्या है वर्ल्ड रिकॉर्ड?
ऑफिशल रिकॉर्ड की बात करें तो क्रिकेट में सबसे तेज बॉल फेंकने का रिकॉर्ड पूर्व पाकिस्तानी पेसर शोएब अख्तर के नाम है. शोएब ने 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ एक बॉल 161.3 किलोमीटर (100 मील) प्रतिघंटे की रफ्तार से फेंकी थी. क्रिकेट में अब तक की तीन सबसे तेज बॉल्स फेंकने का रिकॉर्ड शोएब, ऑस्ट्रेलियन पेसर शॉन टेट और ब्रेट ली के नाम है. टेट ने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ जबकि ली ने 2005 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 161.1 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बॉल फेंकी थी.
लसिथ मलिंगा की तरह एक्शन वाले पथिराना पहले भी एक बार चर्चा में आ चुके हैं. उन्होंने सितंबर 2019 में एक कॉलेज गेम में सिर्फ 7 रन देकर 6 विकेट झटक लिए थे.
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