जसप्रीत बुमराह. क्रिकेट में फिलहाल सबसे स्किलफुल बॉलर्स में से एक. बुमराह अपनी पेस के साथ-साथ वेरिएशन्स (Jasprit Bumrah slower balls) से भी बैटर्स को डिसीव करते हैं. T20 World Cup 2026 में भी उन्होंने कई बार ऐसा किया है. भारत के इस पेसर ने अपनी स्लोअर बॉल से विकेट तो चटकाए ही, बल्कि कई एक्सपर्ट्स को हैरान भी किया है.
बुमराह की नई ट्रिक से बल्लेबाज परेशान, जब तक तोड़ खोजेंगे, वर्ल्डकप निपट जाएगा
ऑस्ट्रेलिया के लेजेंड ग्लेन मैकग्रा भी बुमराह की ट्रिक की खूब तारीफ कर रहे हैं. साउथ अफ्रीका के रेयान रिकल्टन और वेस्टइंडीज के रॉस्टन चेज को बुमराह की ये ट्रिक समझ नहीं आई. दोनों बैटर इसी में फंसे थे.


साउथ अफ्रीका के रेयान रिकल्टन और वेस्टइंडीज के रॉस्टन चेज को बुमराह की ये ट्रिक समझ नहीं आई. दोनों बैटर इसी में फंसे थे.
रिकल्टन बने शिकारसबसे पहले बात इंडिया वर्सेज साउथ अफ्रीका मैच की. भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी. बुमराह ने मैच में नई गेंद से कमाल किया. पहले ओवर में क्विंटन डी कॉक को पवेलियन का रास्ता दिखाया. फिर दूसरा ओवर कराने आए बुमराह ने रेयान रिकल्टन को निशाना बनाया.
रिकल्टन 7 रन पर खेल रहे थे, वो 7 गेंदें खेल चुके थे. तभी बुमराह ने एक ऐसी स्लोअर बॉल डाली कि रिकल्टन को वो कतई समझ नहीं आई. भारत के इस स्टार पेसर ने जो गेंद फेंकी उसकी आर्म स्पीड बिल्कुल नॉर्मल लग रही थी. बुमराह की उंगलियां भी वैसी ही थीं जैसे तेज बॉल के लिए होती हैं.
लेकिन रिलीज के आखिरी पल में बुमराह ने ट्रिकरी दिखाई. कलाई को साइडवेज घुमाया, जैसे कोई दरवाजे का नॉब घुमा रहा हो. गेंद ने स्पिन ली, धीरे आई, और रिकल्टन को लगा कि ये तो नॉर्मल बॉल है. वो आगे बढ़कर खेलने के लिए गए, लेकिन बॉल इतनी धीमी थी कि उनका बैट हवा में घूम गया. और वो एक आसान सा कैच थमा कर आउट हो गए. शिवम दुबे ने मिड-ऑफ में उनका कैच लिया.
ऑस्ट्रेलिया के लेजेंड ग्लेन मैकग्रा भी बुमराह की खूब तारीफ करते हैं. वो कहते हैं,
“बुमराह को पता है कि वो बहुत अच्छा गेंदबाज है. उसे स्लोअर बॉल कैसे डालनी हैं, रिलीज कैसे करना है, ये सब वो अच्छे से समझता है. मुझे लगता है ये हर बॉलर का अपना खुद का तरीका है. बुमराह की जो खास बात है वो ये कि उसकी एल्बो बहुत हाइपर-एक्सटेंड होती है. वो गेंद को बहुत आगे तक ले जाता है और ज्यादातर गेंदबाजों की तुलना में बॉल को बल्लेबाज से करीब डेढ़ फुट करीब से छोड़ते हैं. उनका पूरा एक्शन बहुत अलग और यूनिक है."
मैकग्रा ये भी कहते हैं,
रॉस्टन चेज को कैसे फंसाया?“आप ये किसी बॉलर को सिखा नहीं सकते, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कोई उस जैसा कर पाएगा. वो बहुत अलग और खास है, और वो ये काम बहुत अच्छे से करता है. इसलिए ही वो दुनिया के बेस्ट बॉलर्स में से एक है.”
बुमराह ने अपनी स्लोअर बॉल का आर्सेनल वेस्ट इंडीज के खिलाफ अहम सुपर 8 मैच भी दिखाया. इस बार उनका टारगेट रॉस्टन चेज थे. जिन्हें उनकी ही बॉल पर अभिषेक शर्मा एक बार ड्रॉप भी कर चुके थे. चेज 40 रन बना चुके थे. वो भी सिर्फ 25 गेंदों पर.
बुमराह ने पहले शिमरन हेटमायर को एक स्किडिंग अवे-सीमर से आउट किया. इसके बाद जब चेज स्ट्राइक पर आए, तो सिंगल लेने की सोची. उन्हें लगा कि वो बुमराह की बॉल कवर की तरफ पुश कर देंगे. लेकिन बुमराह ठहरे बुमराह. उन्हें मारना इतना आसान कहां.
बुमराह ने फिर से वही ट्रिक लगाई. स्लोअर बॉल, लेकिन इस बार गेंद ऐसी चिपकी जैसे सड़क पर च्यूइंग गम लगा हो. चेज ने पुश किया, लेकिन गेंद इतनी धीरे आई कि बैट का किनारा लगा और हवा में उठ गई. चेज कैच आउट हो गए.
स्लोअर बॉल बुमराह की बड़ी खासियत है. ज्यादातर गेंदबाज या तो बैक ऑफ हैंड से फेंकते हैं या ऑफ-कटर की तरह स्लो बॉल कराते हैं. जो कि हाथ से पढ़ना आसान है. लेकिन बुमराह का तरीका ही अलग है. उनके एक्शन में हाइपर-एक्सटेंडेड एल्बो है. रिलीज पॉइंट बैटरों से डेढ़ फुट करीब है. वो आखिरी पल में कलाई घुमाते हैं. बॉल पर उंगली फेर देते हैं, लेकिन स्पीड में कोई फर्क नहीं दिखता. पर होता है.
इस T20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लुंगी नगिदी भी स्लोअर बॉल से कमाल कर रहे हैं. लेकिन बुमराह उनसे एक कदम आगे हैं. उनकी हर स्लोअर बॉल थोड़ी अलग होती है.
2018 में मेलबर्न टेस्ट में बुमराह ने कप्तान रोहित शर्मा की सलाह पर ऐसी ही स्लोअर बॉल डाली थी. उन्होंने शॉन मार्श को फंसा लिया था. अब 2026 में रिकल्टन और चेज उनका शिकार बने हैं. ये बॉलें रीप्ले में बार-बार देखने लायक हैं. अब ये देखना होगा कि T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में बुमराह अपनी इस ट्रिक का कितना इस्तेमाल करते हैं. और कौन सा बैटर इस बार उनकी विकेट टैली में शामिल होता है.
वीडियो: जसप्रीत बुमराह ने संजू सैमसन को नहीं, तो किसे बताया मैच का टर्निंग पॉइंट?




















