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अगर ये 'चमत्कारी कैच' ना होता तो पाकिस्तान आज कराची एयरपोर्ट लौट जाता!

एक कैच से पलटा खेल.

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पवेलियन को लौटते मिलर (फोटो - AP/Social)

दक्षिण अफ़्रीका बनाम नीदरलैंड्स. 16वां ओवर. 112 रन पर चार विकेट. क्रीज़ पर डेविड मिलर. जीत के लिए, 29 गेंदों में 47 रन की ज़रूरत. बताइए ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ़्रीका आसानी से मैच जीत सकता था, कि नहीं? हर किसी जानकार का जवाब यही होगा, बिल्कुल जीत सकता था. लेकिन, दक्षिण अफ़्रीका मैच हार गया. एक कैच आउट की वजह से. अतिशयोक्ति लग सकती है, लेकिन हक़ीक़त है.

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South Africa का मैच था!

अपने आख़िरी सुपर 12 मुक़ाबले में नीदरलैंड ने दक्षिण अफ़्रीका को 13 रन से हरा दिया. ये क्लाइमैक्स है, मैच के उस मंज़र पर आते हैं जहां मैच पलटा.

टॉस जीता साउथ अफ़्रीका और फ़ील्डिंग ले ली. नीदरलैंड ने पूरे बीस ओवर खेले. चार विकेटों पर 158 रन का टार्गेट दिया. स्टीफ़न मायबर्ग, मैक्स ओ'डॉड, टॉम कूपर और कॉलिन एकरमैन ने मिल-जुलकर एक ठीक-ठाक स्कोर सेट कर दिया. फिर फ़ील्ड पर आई टीम साउथ अफ़्रीका. शुरुआती ऑर्डर सस्ते में निपट गया. कप्तान टेम्बा बवुमा और फ़ॉर्म में चल रहे क्विंटन डी कॉक भी ज़्यादा कुछ नहीं कर पाए. लेकिन सतत रन बनते रहे, तो डेविड मिलर के आने तक टीम एक कम्फ़र्टेबल स्थिति में थी. मिलर और हेनरिक क्लासेन की जोड़ी ने 90 पर चार के स्कोर को 15वें ओवर तक 111 तक ला दिया. फिर आया वो इन-फ़ेमस ओवर.

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पहली गेंद. क्लासेन ने लिया सिंगल.

दूसरी गेंद. स्ट्राइक पर डेविड मिलर. ग्लोवर की शॉट पिच गेंद. मिलर ने पुल करना चाहा. गेंद लगी बल्ले के टॉप एज पर और स्क्वेयर लेग की तरफ़ उठ गई. रूलोफ़ वैन डे मर्व शॉर्ट फ़ाइन लेग पर लगे थे. गेंद उठी तो पीछे की ओर दौड़ना शुरू किया और एक शानदार कैच लपक लिया. कॉमेंटेटर्स उछल कर बोले, 'कैच ऑफ़ द टूर्नामेंट'. बस यहीं मैच पलट गया.

वैन डे मर्व का 'कैच ऑफ़ द टूर्नामेंट' (फोटो - AFP)

क्योंकि डेविड मिलर का विकेट उस परिस्थिति में दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा विकेट था. दो गेंद बाद, नए-नए आए वेन पार्नेल भी वापस लौट गए. 16वां ओवर बहुत भारी पड़ा. 4 रन और 2 विकेट.

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फिर 17वें ओवर में कुल तीन रन निकले. 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर क्लासेन भी कैच आउट. 5 रन और एक विकेट के साथ साउथ अफ़्रीका की उम्मीद पस्त हो गई.

19वें ओवर में केशव महाराज और कगिसो रबाडा ने 10 रन निकाले. लेकिन आख़िरी ओवर में चाहिए थे 26 रन. लास्ट ओवर में वाइड और नो बॉल भी आईं, लेकिन मैच का नतीजा दिखने लगा था.

ये पहली बार नहीं है जब दक्षिण अफ़्रीका वर्ल्ड कप के एक ज़रूरी मैच में चौंधियाया है. 1992, 1999, 2003, 2007, 2011, 2015 - उन्होंने सब देखा है. लेकिन ये वर्ल्ड कप में उनकी सबसे ख़राब हार के तौर पर गिना जा सकता है. नीदरलैंड्स की इस जीत ने पाकिस्तान के सेमी-फ़ाइनल का रास्ता खोला और अपने आख़िरी ग्रुप मैच को जीत पाकिस्तान सेमी-फ़ाइनल के लिए क्वॉलीफ़ाई भी कर गया. 

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