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'डबल सेंचुरी तो ठीक, लेकिन'-गिल और किशन के लिए गावस्कर की ये सलाह बड़े काम की

दोनों खिलाड़ियों का नाम हर भारतीय क्रिकेट फैन्स की जुबां पर छाया हुआ है

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ईशान किशन और शुभमन गिल (PTI)

शुभमन गिल (Shubman Gill) और ईशान किशन (Ishan Kishan). पिछले कुछ समय से इन दोनों खिलाड़ियों का नाम हर भारतीय क्रिकेट फैन्स की जुबां पर छाया हुआ है. इसकी बड़ी वजह दोनों प्लेयर्स द्वारा वनडे क्रिकेट में लगाई गई डबल सेंचुरी है. किशन ने बांग्लादेश तो गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ये कारनामा किया. इंटरनेशनल करियर के शुरुआती दिनों में ही ये कारनामा करने वाले दोनों प्लेयर्स को सुनील गावस्कर ने बड़ी सलाह दी है.

गिल लगातार वनडे टीम में अपनी जगह कायम रखे हुए हैं और वो रोहित के साथ एक भरोसेमंद ओपनर के तौर पर सामने आए हैं. वहीं बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी वनडे में डबल सेंचुरी लगाने के बाद किशन को श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज़ में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज़ में उन्होंने टीम में वापसी की. लेकिन उन्हें मिडल-ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी पड़ी. ऐसे में करियर के शुरुआती दौर में सफलता मिलने के बाद सनी पाजी ने इन खिलाडियों को अपने पैर जमीन पर रखने की सलाह दी है.

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#Gavaskar की जरूरी सलाह

गावस्कर के मुताबिक दोनों खिलाड़ी अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं और उनका भविष्य खुद के ऊपर निर्भर करता है. उन्होंने मिड-डे के लिए लिखा,

‘बीते करीब एक महीने के वनडे इंटरनेशनल में दो भारतीय बल्लेबाजों ने डबल सेंचुरी लगाया है. दोनों युवा बल्लेबाजों ने दो शानदार पारियां खेली हैं. आत्मविश्वास से भरे इन खिलाड़ियों के सामने अभी लंबा करियर है. दोनों अभी काफी युवा हैं और उनका भविष्य पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर करता है.  इन शानदार पारियों के बाद क्या वो अपने कदम जमीन पर रखेंगे या फिर वो सोचेंगे कि क्रीज पर उतरते ही रन अपने आप बनने लगेंगे. ये देखने वाली बात होगी ’

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गावस्कर ने आगे लिखा कि IPL की वजह से इन दिनों युवा खिलाड़ियों को नेशनल टीम से बाहर होने की चिंता नहीं सताती है. उन्होंने लिखा,

‘आज के युवा काफी आत्मविश्वास से भरे होते हैं. यह बहुत अच्छी बात है. लेकिन नेशनल से बाहर होने की चिंता उन्हें बहुत ज्यादा परेशान नहीं करती, क्योंकि उनके पास IPL का सहारा होता है. इसलिए किसी प्रकार की असफलता से वो डरते नहीं हैं.  वो मैदान पर उतरने के साथ ही आक्रामक क्रिकेट जिसे  निडर होकर खेलना कहा जाता है, खेलते हैं.’

गावस्कर ने आगे कहा,

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‘जब किसी खिलाड़ी के लिए नेशनल टीम से बाहर होना कोई चिंता की बात नहीं होती और वह बिंदास क्रिकेट खेलता है. तो वह जानता है कि IPL मौजूद है, जहां उसके पास 14 मैच होंगे. और वहां अपने प्रदर्शन से वो लोगों को इंटरनेशनल क्रिकेट में मिली असफलताओं को भुलवा देंगे.’

सनी पाजी के ये इशारा करुण नायर, लक्ष्मीपति बालाजी जैसे कई खिलाड़ियों की तरफ है, जिन्होंने अपने करियर की शानदार शुरुआत तो की. लेकिन ज्यादा दिन तक वो इसे कायम नहीं रख पाए. किशन और गिल का करियर भी काफी अच्छी तरह से शुरू हुआ है लेकिन अब देखना होगा कि वो गावस्कर की सलाह पर कितना गौर करते हैं.

वीडियो: Ind vs NZ के दूसरे ODI के बाद शुभमन गिल को क्या निकनेम मिला?

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