पहलवानों के तीन दिन के धरना प्रदर्शन के बाद भारत सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर लए आरोपों पर कार्यवाई करेंगे. अब इस पर एक ताज़ा अपडेट आया है. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि सरकार ने इस मामले पर एक जांच कमेटी बनाई है.
बृजभूषण के खिलाफ सरकार ने बनाई जांच कमेटी, पद से भी हटाया
WFI प्रेसिडेंट के खिलाफ सरकार ने क्या कहा?


इसके साथ ही अनुराग ने ये भी बताया कि WFI के अध्यक्ष अपने पद पर काम नहीं करेंगे और उसके दैनिक कार्यों से दूर रहेंगे. अनुराग ने कहा -
फेडरेशन का काम ओवरसाइट कमेटी ही देखेगी. और जो गंभीर आरोप लगे हैं, उसकी जांच भी करेगी. ओवरसाइट कमेटी बनाने की बात मैंने कही थी. ओवरसाइट कमेटी, मैरी कॉम, जो हमारी (बॉक्सिंग) वर्ल्ड चैम्पियन हैं, उनकी अध्यक्षता में हम बना रहे हैं. इनके साथ योगेश्वर दत्त, जो हमारे ओलंपियन और मेडलिस्ट रहे हैं, वो उनके साथ कमेटी में होंगे. तृप्ती मुरगुंडे, जो मिशन ओलंपिक सेल की सदस्य हैं और द्रोनाचार्य अवार्डी हैं, वो भी इसकी सदस्य होंगी. टॉप्स स्कीम के पूर्व सीईओ कैप्टन राजगोपाल जी भी इसके सदस्य होंगे. राधिका श्रीमन, पूर्व इडी, टीम्स, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, वो भी इसकी मेंबर होंगी.
अनुराग ने आगे बताया -
ये पांच सदस्य की कमेटी का गठन किया गया है. जो मैरी कॉम जी के नेतृत्व में बनेगी और वो अगले एक महीने तक इन आरोपो पर सभी पक्षों को सुनकर जांच भी करेगी और अपनी रिपोर्ड भी सौंपेगी. और तब-तक जो डे-टू-डे कार्य है, वो भी करेगी.
#IOA ने लिया था एक्शन
बताते चलें कि भारतीय ओलंपिक संघ (Indian Olympic Association) ने बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के बाद तहकीकात करने के लिए सात सदस्यों की एक जांच समिति भी बनाई थी. 20 जनवरी को बनाई गई इस समिति में देश के कई दिग्गज एथलीट्स को शामिल किया गया था. पीटी उषा की अध्यक्षता वाली IOA ने इस मामले में जो समिति बनाई उसमें वर्ल्ड चैम्पियन बॉक्सर मैरी कॉम, तीरंदाज डोला बनर्जी, IOA जॉइंट सेक्रेटरी अलकनंदा अशोक, पूर्व ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, सहदेव यादव संग दो वकील भी शामिल किए गए थे.
# पूरा मामला क्या है?
विनेश फोगाट, बगरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत कई पहलवान 18 जनवरी से जंतर मंतर पर धरने पर बैठे थे. महिला पहलवानों ने WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया था. इसके साथ ही वित्तिय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया. इस मामले में विनेश ने कहा था -
'कोच महिलाओं को प्रताड़ित कर रहे हैं. हमें मारने की धमकी दी जा रही है. हम लोग अपना करियर दांव पर लगाकर धरने पर बैठे हैं, जिससे कुश्ती को बचाया जा सके.'
हालांकि पहलवानों के आरोपों को बृजभूषण ने सिरे से नकार दिया था. उन्होंने कहा कि अगर उन पर लगाए आरोप सिद्ध होते हैं तो वे फांसी पर लटक जाएंगे. 20 जनवरी को ही एक मीटिंग के बाद भारत सरकार ने पहलवानों को आश्वस्त किया था कि लगाए गए आरोपों पर कार्यवाई होगी. जिसके बाद पहलवानों ने धरना रोक दिया था. अब ये देखना होगा कि भारत सरकार द्वारा बनाई गई जांच समिति की रिपोर्ट में क्या सामने आता है.
वीडियो: WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ IOA ने क्या कदम उठाया?




















