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सचिन को खेलता देख उठाया बैट, और अब भारत को बना दिया वर्ल्ड चैंपियन

कहानी शफाली वर्मा की.

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सचिन तेंडुलकर और शफाली वर्मा (Courtesy: File image/Getty images)

28 जनवरी 2004. रोहतक शहर में संजीव वर्मा के घर एक बेटी पैदा हुई. बड़े बेटे के बाद घर में आई लक्ष्मी का खूब स्वागत हुआ. संजीव घर से ही ज्वेलरी की दुकान चलाते थे. मध्यवर्गीय परिवार था, और बड़ा लड़का क्रिकेट खेलता था.

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टीवी टुडे ग्रुप के रिपोर्टर सुरेंद्र सिंह से बात करते हुए संजीव सिंह बताते हैं कि वो एक बार बेटी शफाली को हरियाणा और मुंबई के बीच हुआ रणजी ट्रॉफी का मैच दिखाने ले गए थे. ये मैच लाहली के चौधरी बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा था. ये बात 2013-14 सीज़न की है.

# जब शफाली ने पहली बार सचिन को देखा

संजीव बताते हैं कि शफाली ने जब उनसे सचिन के बारे में पूछा, तब उन्होंने जवाब दिया - 'यह क्रिकेट का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी है'. सचिन को खेलता देख शफाली को बहुत अच्छा लगा और उन्होंने कहा - ‘मैं भी क्रिकेट खेलूंगी’.

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बताते चलें, उस मैच की पहली पारी में सचिन का बल्ला नहीं चला था, पर दूसरी पारी में सचिन पाजी ने शानदार 79 रन की पारी खेली थी. मुंबई ने वो मैच चार विकेट से जीता था. अब वापस शफाली की कहानी की ओर चलेंगे. बैट पकड़ने की कहानी, जो सचिन तेंडुलकर को देखकर शुरू हुई.

शफाली के क्रिकेट खेलने की मांग को पिता संजीव ने हल्के में लिया और टाल दिया. पर शफाली की ज़िद चलती रही, और आखिरकार संजीव को उन्हें बैट लाकर देना पड़ा. इसके बाद जब मौका मिलता, शफाली गली के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने लगी.

# लड़का 'बन' खेला क्रिकेट

बात उस दौर की है जब रोहतक में लड़कियों के लिए क्रिकेट अकैडमी में दाखिला पाना मुश्किल था. संजीव ने कोशिश भी की, कई जगह लेकर भी गए, पर कहीं भी बात नहीं बनी. संजीव ने इसके बाद एक स्मार्ट मूव खेला. उन्होंने शफाली के बाल छोटे करा दिए. फिर उसे लेकर झज्जर रोड पर स्थित श्रीराम क्रिकेट अकैडमी पहुंचे. यहां उनकी मुलाकात अनीश शर्मा से हुई. लड़कों की तरह दिखने वाली शफाली की समस्या हल हो गई थी. उन्हें अकैडमी में भर्ती कर लिया गया और उन्होंने लड़को के साथ खेलना शुरू कर दिया.

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# आइडल सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा

सितंबर 2019 को 15 साल की उम्र में शफाली ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. उसी साल वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ पचासा जड़ शफाली ने तेंडुलकर का एक रिकॉर्ड तोड़ दिया. वो सबसे युवा भारतीय प्लेयर बन गई, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में पचासा जड़ा हो. इससे पहले ये रिकॉर्ड सचिन के नाम था.

जून 2021 में शफाली ने टेस्ट डेब्यू किया. इसके साथ ही भारत के लिए हर फॉर्मेट खेलने वाली वो सबसे कम उम्र की प्लेयर भी बन गईं.

# विमिंस U19 T20 वर्ल्ड कप जिताया

ICC द्वारा पहली बार U-19 विमिंस T20 वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया. इस टूर्नामेंट के लिए BCCI ने टीम की कमान शफाली को सौंप दी. चार साल से सीनियर टीम के लिए खेल रही शफाली के पास बहुत अनुभव था, और उन्होंने इसका सबूत भी दिया. सही बोलिंग चेंजेस, अच्छी फील्ड प्लेसमेंट और सही प्लेइंग XI चुनकर उन्होंने दिखाया कि वो क्रिकेट की अच्छी छात्रा हैं.

शफाली ने ज़िम्मेदारी के साथ बैटिंग भी की और अपना जलवा दिखाया. शफाली ने सात मैच में 172 रन बनाए. श्वेता सेहरावत के बाद उन्होंने भारत के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन्स बनाए. टूर्नामेंट में शफाली का औसत 24.57 और स्ट्राइक रेट 193.25 का रहा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 45 और UAE के खिलाफ 78 रन बनाकर शफाली ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई. 28 जनवरी को जन्मदिन मनाने वाली शफाली के लिए शायद इस ट्रॉफी से बेहतर गिफ्ट नहीं मिल सकता.

वीडियो: U19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को चैम्पियन बनाने वाली लड़कियां!

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