पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने कुछ दिन पहले विराट कोहली (Virat Kohli) पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि विराट ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायमेंट ले लिया और आसान फॉर्मेट में खेलना जारी रखा. मांजरेकर वनडे फॉर्मेट को आसान मानते हैं. अब उन्होंने इसे लेकर एक वीडियाे भी बनाया है. इसमें उन्होंने ये बताया है कि वनडे में टॉप-3 में बैटिंग करना क्यों आसान है? मांजरेकर ने विराट पर उस वक्त सवाल उठाए थे, जब सिडनी में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए एशेज टेस्ट में जो रूट (Joe Root) और स्टीव स्मिथ (Steve Smith) ने शतक जड़े. मांजरेकर ने कहा, रूट, स्मिथ और विलियमसन अभी भी टेस्ट में अच्छा कर रहे हैं, लेकिन विराट कोहली इस फॉर्मेट से दूर जा चुके हैं. कोहली बीते साल मई में टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो गए थे. उन्होंने 123 टेस्ट में 30 शतक और 31 अर्धशतकों के जरिए 9230 रन बनाए हैं.
ODI में टॉप-3 में बैटिंग क्यों आसान है? कोहली को घेरने वाले मांजरेकर ने दिए तर्क
पूर्व क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने कहा है कि वनडे में नंबर-3 पर बैटिेंग करना क्यों आसान है? उनका कहना है कि इस फॉर्मेट में टॉप-3 में बल्लेबाज के पास रन बनाने के लिए काफी समय होता है.


विराट के लिए 2024-2025 ऑस्ट्रेलिया दौरा खास नहीं रहा. वह इस टूर पर बुरी तरह फ्लॉप हुए. विराट 5 टेस्ट की 9 पारियों में सिर्फ 190 रन बना सके. इस टूर पर कोहली ऑफ स्टंप्स से बाहर जाती गेंदों पर आउट हुए. जिसके बाद मांजरेकर ने कहा था कि विराट अपनी कमियों को दूर करने में नाकाम रहे और टेस्ट से रिटायरमेंट ले लिया.
ODI फॉर्मेट आसानसंजय मांजरेकर वनडे को आसान फॉर्मेट क्यों मानते हैं, इसकी उन्होंने वजह बताई है? मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर कहा,
जो बल्लेबाज वनडे में टॉप ऑर्डर में बैटिंग करते हैं, वही बैटर टेस्ट में टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करने से कतराते हैं. मुझसे बहुत लोगों ने पूछा कि मैं वनडे क्रिकेट को टॉप ऑर्डर के बैटर के लिए आसान क्यों कहता हूं. भारतीय क्रिकेट में कुछ साल पीछे जाइए और देखिए, जो बल्लेबाज 50 ओवर के क्रिकेट में भारत के लिए ओपनिंग कर रहे थे. उन्होंने टेस्ट में मिडिल ऑर्डर में बैटिंग की. वह टेस्ट में ओपन करने और नंबर-3 पर बैटिंग करने के बहुत इच्छुक नहीं थे. वे टेस्ट में चौथे, पांचवें और छठे नंबर पर बैटिंग करके बहुत खुश थे.
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मांजरेकर ने आगे कहा,
वनडे में इन नंबर्स पर बैटिंग करना मुश्किललेकिन, जब वनडे क्रिकेट की बात होती है. तो ये सभी बैटर वनडे में टॉप-3 में बैटिंग करने के लिए बेताब रहते थे. इसीलिए मुझे लगता है कि वनडे फॉर्मेट टॉप ऑर्डर के लिए आसान है. क्योंकि हर कोई टॉप-3 में बैटिंग करने के लिए लालायित रहता है. वनडे में टॉप-3 में बैटिंग करने का पहला फायदा यह है कि बैटर को 50 ओवर में ओपनिंग करते समय या नंबर-3 पर बैटिंग के लिए टाइम मिलता है. इस फॉर्मेट में चार स्लिप और एक गली नहीं होती है. खास बात यह है कि कोई बॉलर बल्लेबाज को आउट करने के लिए नहीं आता है. बस गेंदबाज बचने की कोशिश करता है कि बैटर उसके ओवर में 10-15 रन न बना पाएं.
इस दौरान पूर्व क्रिकेटर मांजरेकर ने कहा, वह एमएस धोनी, युवराज सिंह और सुरेश रैना की बहुत इज्जत करते हैं. क्योंकि इन प्लेयर्स ने वनडे में मिडिल और लोअर मिडिल ऑर्डर में खेलकर शानदार रिकॉर्ड बनाए रखा. मांजरेकर कहते हैं कि अगर आप अच्छे बैटर हैं तो पहले आप 10 से 15 ओवर खेलते हैं. फिर फील्ड फैल जाती है. अगर आप अच्छी तरह स्ट्राइक रोटेट कर लेते हैं तो आप 100 रन तक पहुंच जाते हैं. वनडे में जहां पर धोनी, युवराज और रैना बैटिंग करते थे वो मुश्किल जगहें थीं. वनडे में नंबर 4, 5, और 6 पर बैटिंग करना टफ होता है.
ODI में नंबर-3 पर बैटिंग करने वाला ग्रेट नहींमांजरेकर ने कहा,
मेरी निजी राय है कि वनडे में टॉप-3 में बैटिंग करने वाले बैटर्स को ग्रेट बैटर नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उन्हें ढेर सारे रन बनाने के लिए सबसे बड़ा मौका मिलता है. इसलिए अगर आप किसी महान बैटर को ढूंढ़ रहे हैं तो आप उसे वनडे में नहीं पाएंगे, खासकर नंबर 1, 2 और 3 पर. वनडे क्रिकेट आखिरी जगह है जहां मैं आज के अपने महान बैटिंग खिलाड़ी को देखूंगा, क्योंकि वनडे में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने वाले के लिए बहुत कुछ होता है.
मांजरेकर ने यहां किसी का नाम नहीं लिया. लेकिन, उनका इशारा कोहली की तरफ था. क्योंकि कोहली ने पूरे करियर में ODI में नंबर 3 पर ही बैटिंग की है.
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