साल 2001. ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा. ऐतिहासिक चेन्नई टेस्ट. इस मैच को जीतकर भारत ने ऑस्ट्रेलिया से 2-1 से टेस्ट सीरीज़ जीती थी. उस मैच की एक तस्वीर क्रिकेट फैंस के ज़हन में ताज़ा है. हरभजन सिंह के ओवर में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ का विकेट. वॉ, भज्जी की गेंद पर 'हैंडल्ड द बॉल' आउट हुए थे. ये विकेट यादगार इसलिए है, क्योंकि अपने 168 टेस्ट मैच के करियर में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पहली और इकलौती बार इस तरह से आउट हुए थे.
क़िस्सा उस खिलाड़ी का जो एक नहीं, दो बार अजब तरीके से गिरी विकेट में शामिल रहा!
साउथ अफ्रीका के क्रिकेटर रसल एनडीन हैंडल्ड द बॉल और ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड में इन्वॉल्व होने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं.


अब चलते हैं साल 2006 में. भारत का पाकिस्तान दौरा. पांच मैच की वनडे सीरीज़ को भारत 4-1 से जीता था. जो इकलौता मैच पाकिस्तान ने उस सीरीज़ में जीता, वो पेशावर में खेला गया था. साल 2001 जैसी ही एक तस्वीर 2006 सीरीज़ से भी आई. जब पाकिस्तान के कप्तान इंज़माम उल हक 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' आउट होकर लौट गए. 'हैंडल्ड द बॉल' की तरह 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' भी क्रिकेट के मैदान पर हर रोज़ नहीं दिखता.
अब आप सोच रहेंगे कि आज ही क्यों आउट होने के इन दो तरीकों की चर्चा की जा रही है. तो चलिए आपको बताते हैं. आज साउथ अफ्रीका क्रिकेट के 1950 के दशक के बेहतरीन फील्डर्स में शुमार रसल एनडीन का जन्मदिन है. रसल ने लंबे वक्त तक साउथ अफ्रीका के लिए विकेटकीपिंग भी की. रसल ऐसे अनोखे खिलाड़ी हैं जो क्रिकेट के सबसे अजीब आउट होने के तरीके यानि 'हैंडल्ड द बॉल' और 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' में शामिल रहे हैं.
रसल इंटरनेशनल क्रिकेट के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें अंपायर्स ने 'हैंडल्ड द बॉल' आउट दिया. साल 1956-57 में केपटाउन के मैदान पर उन्होंने जिम लेकर की गेंद को अपनी हथेली अड़ाकर रोक दिया और वो इस तरह से आउट होकर लौटने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए.
ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड:खुद इस अजीब तरीके से अपना विकेट देने से पहले 1951 में वो एक इसी तरह के डिस्मिसल का हिस्सा रहे थे. इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में लेन हटन ने बल्लेबाज़ी के वक्त विकेटकीपर रसल को कैच पकड़ने में बाधा पहुंचाई. जिसके बाद उन्हें ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट दे दिया गया. इस विकेट की खास बात ये रही कि टेस्ट क्रिकेट में लेन हटन से पहले और बाद में कोई भी खिलाड़ी इस तरह से आउट नहीं हुआ.
साउथ अफ्रीका के लिए रसल ने 28 टेस्ट मैच खेले. जिसमें उन्होंने 33.95 की बैटिंग एवरेज से 1630 रन्स बनाए हैं. जिनमें तीन शतक और आठ अर्धशतक शामिल हैं. उन्होंने अपने पूरे टेस्ट करियर में 41 कैच भी पकड़े. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की बात की जाए तो रसल ने 134 मैच में 7757 रन्स बनाए हैं. साथ ही उन्होंने 158 कैच और 13 स्टम्पिंग भी कीं.
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