43 ओवर के बाद ऑस्ट्रलिया का स्कोर 287 रन था और मैच जीतने के लिए 72 रन चाहिए थे. बॉलिंग करने को आए युजवेंद्र चाहल. स्ट्राइक पर थे टर्नर. चाहल ने पहली गेंद लेग साइड की ओर डाला. टर्नर शॉट लगाने के लिए क्रीज छोड़ काफी आगे आ गए थे. लेकिन.... गेंद ऋषभ पंत के हाथों में आई ही नहीं. वो ठीक से कलेक्ट नहीं कर सके. जब तक गेंद तक पहुंचते तब तक टर्नर वापस क्रीज तक पहुंच गए थे. पंत से स्टंप्स आउट मिस होने पर लोगों ने हूटिंग करनी शुरू कर दी. पब्लिक धोनी-धोनी चिल्लाने लगी.

ऋषभ पंत ने धोनी की तरह भी आउट करना चाहा लेकिन नाकाम रहे. (हॉटस्टार स्क्रीनशॉट)
इस ओवर में अभी और भी बहुत कुछ होना था. अगली गेंद वाइड गई. काफी हद तक वैसी ही गेंद थी लेकिन अबकी बार टर्नर ने क्रीज नहीं छोड़ी. ओवर शुरू होने से पहले ही 2 रन जा चुके थे. ओवर की तीसरी गेंद पर स्ट्राइक पर थे कैरी और पंत ने एक बार फिर गलती कर दी. इस गेंद पर भी बैट्समैन ने शॉट लगाने के लिए क्रीज छोड़ दी थी लेकिन पंत इस बार भी गेंद नहीं पकड़ सके. गेंद छिटकने के बाद भी ऋषभ के पास एक और मौका था. उन्होंने धोनी की तरह बिना देखे पीछे से स्टंप्स करने की कोशिश भी की लेकिन नाकाम रहे. इसके बाद लोग फिर से धोनी-धोनी चिल्लाने लगे. ओवर में हुई दूसरी गलती से कप्तान कोहली भी नाराज़ दिखे.

विराट कोहली
पंत से हुई गलती पर सोशल मीडिया दो फाड़ में बंट गई. कुछ ने पंत को गालियां दीं तो कुछ ने उन्हें सपोर्ट किया. लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए पंत, पंत हैं. धोनी नहीं!
पंत की इमेज कूल डूड की है. ऋषभ पंत अच्छे खिलाड़ी भी हैं और इसीलिए टीम इंडिया के लिए खेल भी रहे हैं. उनकी प्रतिभा को लेकर कोई शक नहीं है लेकिन उन्हें अभी काफी कुछ सीखना है. जो मैच के दौरान दिखा भी. इससे पहले भी कई मौकों पर ऐसा दिखा है जब ऋषभ ने कई आसान से कैच छोड़े हैं. कई बार तो गेंद उनके पैड से टकरा जाती है और वे हक्के-बक्के रह जाते हैं. गेंद की बाउंस को भी वह कई बार समझ नहीं पाते.
ऋषभ विकेट के पीछे स्जेलिंग करते हैं जिसे लोग पसंद करते हैं. लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनका प्राइमरी काम कीपिंग करना है. हाल ही में इंग्लैंड में हुए टेस्ट सीरीज़ में भी ऋषभ की कमियां देखी गई थी. तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 23 रन बाय के रूप में दे दिए थे. इसी मैच में बटलर का एक आसान सा कैच भी ड्रॉप कर दिया था उन्होंने. और भी कई आसान मौकों पर उन्होंने गलतियां की है. ऐसी गलतियां जिसकी उम्मीद इंटरनैशनल मैच में किसी भी खिलाड़ी से नहीं की जाती है.
नयन मोंगिया, किरण मोरे और दीप दासगुप्ता जैसे विकेटकीपर रहे खिलाड़ी मानते हैं कि ऋषभ पंत को विकेट के पीछे अभी काम करने की जरूरत है. चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने इंग्लैंड में ऋषभ के प्रदर्शन को देखने के बाद कहा था-
उन्होंने सीरीज़ में अच्छी बैटिंग की है लेकिन हम उनकी विकेटकीपिंग को लेकर चिंतित हैं. वह धीरे-धीरे समझ रहा है कि उसे किन क्षेत्रों में काम करने की जरुरत है.अब जब धोनी को लेकर कहा जा रहा है कि वर्ल्ड कप के बाद धोनी रिटायरमेंट ले सकते हैं, तो ऐसे में अच्छा परफॉर्म न करके ऋषभ अपना दावा खुद ही कमज़ोर करते नज़र आते हैं. ऋषभ को इस बात का हर वक्त ध्यान रखना होगा कि वह बतौर बैट्समैन टीम में नहीं खेलते. उन पर विकेटकीपिंग की भी ज़िम्मेदारी होती है. ऐसे में बैट के साथ विकेट के पीछे भी उन्हें बेहतरीन परफॉरमेंस देना होगा.
खैर, वर्ल्ड कप 2019 से पहले भारतीय टीम को अब एक ही वन-डे मैच खेलना है जो 13 मार्च को दिल्ली में खेला जाएगा. भारतीय टीम यह मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वन-डे सीरीज़ जीतना चाहेगी. साथ ही इसी जीत वाले टेम्परामेंट के साथ वर्ल्ड कप में पहुंचना चाहेगी.
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