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डियर रवींद्र जडेजा, जूतों पर राजपूत लिख के क्या साबित करना चाहते हो?

जडेजा की मूर्खतापूर्ण हरकत.

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फोटो - thelallantop
रवींद्र जडेजा. सर रवींद्र जडेजा. इंडिया वर्सेज़ इंग्लैंड के तीसरे टेस्ट मैच में खेल रहे हैं. 90 रन बनाये. कैमरा उनके पैरों पर गया. पैरों में बंधन तो नहीं थे. लेकिन जूता था. जूते पर कुछ लिखा हुआ था. राजपूत. रवींद्र जडेजा कहना क्या चाहते हैं? किस प्रकार का गर्व है ये? अपने समुदाय को इस तरह हाईलाइट करना? क्या वो इंडियन टीम में इसलिए खेल रहे हैं क्यूंकि वो राजपूत हैं? क्या वो किसी और समुदाय से आते तो उनके क्रिकेट खेलने की स्किल्स में कमी या कोई इज़ाफ़ा हो जाता? ये रवीन्द्र जडेजा वही हैं जो अपनी शादी में स्टेज पर तलवारबाज़ी करते दिख रहे थे. लेकिन वो उस वक़्त अपने परिवार के साथ थे. यहां वो टीम इंडिया को रिप्रेज़ेंट कर रहे थे. इंडिया जिसमें राजपूत भी रहते हैं और बाकी सब भी रहते हैं. एक ही साथ. ज़मीन के ऊपर उड़ने लगा जाए तो ज़मीन पर रहने वाले लोगों के सिर्फ़ सर दिखेंगे, न उनकी जाति दिखेगी, न धर्म. जडेजा अक्सर हवाई जहाज में उड़ते हैं. उनका जहाज इतनी ऊंचाई पर उड़ता है कि वहां से उन्हें लोगों के सर नहीं दिखाई देते. शायद सिर्फ जाति या समुदाय ही दिखाई देते होंगे. हम उस ज़माने में जी रहे हैं जब जाति और समुदाय को ख़त्म करने की बातें की जा रही हैं. इन्हीं जातियों और समुदायों की वजह से उपजे भेदभाव को मिटाने की कवायद में लोग खर्च हो रहे हैं. और यहां एक ऐसा इंसान जो हजारों, लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के सामने हीरो बन सकता है, उन्हें इंस्पायर कर सकता है, वो अपनी जाति-समुदाय पर सीना चौड़ा किये घूम रहा है. उसे अपने जूते पर लिखवा के घूम रहा है. क्या छाती पर चिपका इंडियन क्रिकेट का लोगो काफी नहीं था? क्या मैच से पहले होने वाला राष्ट्रगान काफी नहीं होता है? क्यूंकि कहते हैं राष्ट्रगान देश को एक सूत्र में पिरोता है. फिर ये राजपूत की कैंची कहां से आई उस सूत्र को काटने? जूते पर राजपूत लिखवा कर वो कहना क्या चाह रहे हैं? उनकी जाति, उनका समुदाय औरों से ऊपर है? उनका क्रिकेट उनकी जाति और समुदाय को ऊपर उठा रहा है? समुदाय को उठा रहा है या देश के क्रिकेट और देश को? वो देश में पैदा हुए थे या समुदाय में? रवींद्र जडेजा 50-100 रन बनाने के बाद तलवार की माफ़िक बल्ला घुमाने की कला का प्रदर्शन करते हैं. अभी तक लगता था कि ये उनका तलवारबाज़ी को लेकर अथाह प्रेम की वजह से है. मगर अब उसमें भी उनके राजपूताना घमंड की बू आती है.

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