7 अक्टूबर 2001. सुबह आंख खुली तो टीवी पर देखा कि रात भर अमरीका ने बम गिराए थे. अफ़ग़ानिस्तान पर. बाद में मालूम चला कि उसे नाम दिया गया
ऑपरेशन एन्ड्योरिंग फ्रीडम. उस वक़्त राशिद खान 3 साल का एक बच्चा था.
20 फ़रवरी 2017. राशिद ज़िम्बाब्वे में टूर पर था और वहां सो रहा था. टीवी पर आईपीएल का ऑक्शन शुरू हो चुका था. राशिद का नम्बर आया तो जल्दी से उसकी मां ने उसे फ़ोन मिलाया. उसे जगाया और टीवी देखने को कहा. 4 करोड़. 4 करोड़ में राशिद खान खरीद लिया गया था. ऑपरेशन एन्ड्योरिंग फ्रीडम खतम हुए 3 साल हो गए. इन सालों में अफ़ग़ानिस्तान ने बहुत कुछ देखा, बहुत कुछ झेला. ड्रोन्स आज भी अफ़ग़ानिस्तान के बादलों को ढके रहते हैं. आज भी वहां पढ़ने जाने वाली बच्चियों को गोली मार देने की खबरें आती रहती हैं. आज भी घरों पर गोलियों और बमों के स्प्लिंटर के निशान मौजूद हैं.
उसी अफ़ग़ानिस्तान से आने वाले राशिद खान को 4 करोड़ में सनराइज़र्स हैदराबाद ने ख़रीदा था. लगभग 62 हज़ार अमरीकी डॉलर. ये रकम ठीक उतनी है जितनी अफ़ग़ानिस्तान में राशिदों के घर के ऊपर उड़ते ड्रोन्स में से एक ड्रोन के 24 घंटे की उड़ान में खर्च होती है.
9 अप्रैल 2017. हैदराबाद का मैदान. राशिद खान 4 ओवर में 19 रन दिए और ब्रेंडन मैकुलम, एरॉन फिंच और सुरेश रैना को आउट किया. टी-20 क्रिकेट के तीन ताबड़तोड़ बैट्समेन. इनिंग्स के बाद कहता है कि मैकुलम का विकेट अब तक का सबसे यादगार विकेट है. टीम ने मैच जीता और अफ़ग़ानिस्तान का 18 साल का राशिद खान दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 लीग के एक मैच का सबसे बढ़िया प्लेयर बना. अमरीका को अब भी क्रिकेट में कदम रखना है.
अफ़रीदी को अपना आयडल मानने वाला राशिद खान अफ़रीदी को ही अपनी इंस्पिरेशन भी बताता है. उसने कोशिश की अफ़रीदी के ही जैसे ऐक्शन अपनाने की. और सेलिब्रेशन भी. एक लेग स्पिनर के हिसाब से तेज़ गेंदें फेंकने वाला. गेंद में कोई बड़ी टर्न नहीं लेकिन बैट्समेन को हमेशा चौकस रहना पड़ेगा. क्यूंकि गेंद को हवा में ज़्यादा समय नहीं मिलता था. गेंद को फ्लाइट देने में राशिद ज़्यादा विश्वास नहीं रखता. वैसे भी अफ़ग़ानिस्तान का फ्लाइट के साथ कुछ अच्छा एक्सपीरियंस नहीं रहा है. ;) हैदरबाद में हुए मैच में एक बात अलग से दिखाई दी. राशिद खान की गुगली. राशिद ने सुरेश रैना को पहली ही गेंद पर बीट किया. रैना के बल्ले से गेंद लग के स्लिप्स में खड़े वॉर्नर की ओर गई. वॉर्नर गेंद की तेज़ी को भांप नहीं पाए और कैच छूट गया वरना राशिद खान पहली ही गेंद पर रैना का विकेट पा चुका होता
राशिद के लिए अच्छी बात ये रही कि अफ़ग़ानिस्तान की टीम में आते ही वो ऑटोमेटिक चॉइस बन गया. इसके साथ ही फ़ील्डिंग भी एक फ़ील्ड है जिसमें राशिद काफी बेहतर हैं. कवर में फ़ील्डिंग करते हुए राशिद काफी एथलेटिक रहता है. इसका सबूत धवल कुलकर्णी के रन आउट में मिल गया. मिडविकेट में खड़ा राशिद गेंद को पकड़ता है और सीधे टिम्बर पर दे मारता है. और तुरंत ही फ़ैसला भी सुना देता है. दाहिने हाथ ही तर्जनी उंगली उठाये खड़ा हो गया.
आईपीएल में राशिद खान के दूसरे मैच के बाद हर्षा भोगले कहते हैं कि उन्हें यही एक बात पसंद आती है. वो अभी नया है, एकदम कच्चा है, इसलिए बात करते टाइम कोई बनावट नहीं. उससे पूछा गया कि आप गुगली बहुत फेंक रहे थे तो कहता है कि हां अच्छी जा रही थी तो फेंके जा रहा था. बड़ा प्लेयर बन गया होता तो बुद्धिजीवी रिऐक्शन देता. पिच, हवा और नमी जैसी बातें करता. लेकिन राशिद खान एक पारदर्शी जीव है. आप उसके आर पार देख सकते हैं. आप जानते हैं कि वो किस कदर एक्साइटेड है. और ठीक उसी समय पर आप ये भी महसूस कर सकते हैं कि उसमें कितना आत्मविश्वास है. आईपीएल में फेंकी उसकी एक भी गेंद ऐसी नहीं थी जहां ये लगा हो कि राशिद खान अपना पहला टूर्नामेंट खेल रहा है.
राशिद ने आईपीएल में कुल 17 विकेट लिए. सनराइज़र्स हैदराबाद की रीढ़ बने रहे. उन्हें हर कहीं से सराहा जा रहा था. इसके बाद साल 2017 राशिद के लिए कमाल का साल रहा. राशिद ने पाकिस्तान के हसन अली के बाद वन-डे मैचों में सबसे ज़्यादा विकेट लिए. हसन अली ने 45 और राशिद ने 43 विकेट लिए. राशिद ने डेज़र्ट टी-20 चैलेन्ज में 5 मैचों में 9 विकेट लिए. इसके बाद ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ 5 मैचों में 10 विकेट्स लिए. वन-डे और टी-20 मैच मिला दिए जाएं तो कुल 25 विकेट. इसमें दूसरे टी-20 मैच में तो 2 ओवर में 3 रन देकर 5 विकेट लेने का कमाल भी शामिल है. इधर राशिद खान ने बिग बैश टी-20 लीग में अपना कहर जारी रखा हुआ है. फिल सिमंस, जिन्होंने राशिद के साथ काफ़ी वक़्त बिताया है, कहते हैं कि राशिद खान अनिल कुंबले की जैसा है. बस, राशिद गेंद को टार्न ज़्यादा करते हैं. बल्लेबाजों के लिए राशिद को पढ़ना आसान नहीं है. वो गेंद को दोनों और घुमाता है और एक लेगस्पिनर की हैसियत से कुछ ज़्यादा ही तेज़ गेंद फेंकता है. ये सभी इसकी ताकत हैं और इस तरह से एडिलेड स्ट्राइकर्स के लिए राशिद खान तुरुप का इक्का साबित हो रहे हैं.
राशिद खान अभी तक खेले 3 मैचों में 6 विकेट ले चुके हैं और उनकी टीम उनकी मौजूदगी से काफ़ी खुश है. चूंकि टी-20 में ज़्यादातर टीमें अब बाद में बैटिंग करना चाहती हैं, राशिद खान और भी ज़्यादा फायदा पहुंचाते हैं. पहली इनिंग्स में गेंद फ़ेंकते हुए राशिद की करियर इकॉनमी 6 से कम है. एडिलेड को मिडल ओवर में रन रोकने के लिए राशिद खान के रूप में एक बेहतरीन जुगाड़ मिल गया है.
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