रणजी ट्रॉफी का साल 2019-20 का सीज़न चल रहा है. इसके एलिट ग्रुप के मुकाबले खेले जा रहे हैं. 3 जनवरी को ग्रुप सी के मुकाबले में महाराष्ट्र और सर्विसेज़ के मैच में वो हो गया जो पिछले 79 सालों में कभी नहीं हुआ. सर्विसेज़ की टीम ने बड़ा उलटफेर करते हुए महाराष्ट्र को महज़ 44 रनों पर ऑल-आउट कर दिया. जो कि इतिहास में महाराष्ट्र की टीम का दूसरा सबसे कम स्कोर है. इससे पहले 1941/42 के सीज़न में महाराष्ट्र की टीम रणजी ट्रॉफी मैच में 39 के स्कोर पर ऑल-आउट हुई थी. नवानगर के खिलाफ जामनगर में मैच खेला गया था. इसमें महाराष्ट्र की टीम ने ये स्कोर बनाया था. ये महाराष्ट्र की टीम का रणजी ट्रॉफी में सबसे कम स्कोर है. तीन जनवरी यानी शुक्रवार को महाराष्ट्र की टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतरी. लेकिन ये फैसला गलत साबित हुआ. पूरी टीम महज़ 30.2 ओवरों में ऑलआउट हो गई. उनकी टीम के 11 में से नौ बल्लेबाज़ दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके. जबकि टीम के पांच बल्लेबाज़ तो खाता खोलने में भी नाकाम रहे. सर्विसेज़ के गेंदबाज़ पूनम पूनिया ने इस पारी में पांच विकेट अपने नाम किए. वहीं सच्चिदान्नद पांडे ने तीन और देवेश पठानिया ने दो विकेट चटकाए. महाराष्ट्र की टीम को 44 रनों पर ऑल-आउट करने के बाद सर्विसेज़ की टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली थी. महाराष्ट्र के लिए ये रणजी सीज़न बिल्कुल भी खास नहीं गुज़र रहा है. उन्होंने इस सीज़न में तीन में से अपने दो मुकाबले पहले ही गंवा दिए हैं. जबकि एक मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था. वहीं दूसरी तरफ सर्विसेज़ की टीम ने इस सीज़न में तीन मैचों में से एक मैच जीता है. जबकि एक हार और एक ड्रॉ खेला है.
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रणजी ट्रॉफी: महाराष्ट्र के साथ 79 सालों में पहली बार हुआ ऐसा
जो 1941 में हुआ था कुछ वैसा ही 2020 में दोहराया गया है.
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क्रिकेट स्टेडियम की एक प्रतिकात्मक तस्वीर. फोटो: India Today
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