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कौन हैं 21 साल का पाकिस्तानी पेसर रजाउल्लाह? डेब्यू में ही अंग्रेजों के उड़ाए होश, दिला दी वकार यूनुस की याद!

Pak vs Eng Edgbaston Test : पाकिस्तानी टीम के लिए Edgbaston Test में Razaullah ने डेब्यू किया. अपने पहले ही ओवर में उन्होंने इंग्लिश कप्तान Joe Root को आउट कर दिया. साथ ही उन्होंने ओपनर Emilio Gay का विकेट भी पहले दिन अपने नाम किया.

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पाकिस्तानी पेसर रजाउल्लाह ने मुकाबले के पहले दिन जो रूट और एमिलियो गे का विकेट चटकाया. (फोटो-AFP)

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  • पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यू करते ही जो रूट और एमिलियो गे के विकेट लेकर टीम में अपनी पहचान बना ली।
  • पाकिस्तानी पेस बॉलिंग में पिछले एक दशक से गिरावट आई है, जिससे टीम ने इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन किया और नए खिलाड़ियों को आकस्मिक रूप से टीम में शामिल किया।
  • रजाउल्लाह की प्रभावशाली गेंदबाजी से टीम को संभावित मजबूती मिली है, जिससे आगे उन्हें विश्वस्तरीय गेंदबाज बनने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की योजनाओं पर निर्भर रहना होगा।

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की पहचान एक समय उनके पेस बॉलर्स से होती थी. वसीम अकरम, वकार यूनुस, इमरान खान, शोएब अख्तर. लगभग 3 दशक तक इन पेसर्स की तूती पूरी दुनिया में बोलती रही. SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में तो ये बॉलर्स कहर बरपाते थे. लेकिन, पिछले एक दशक से पाकिस्तानी टीम के पेसर्स इंटरनेशनल क्रिकेट में कुछ खास इंपैक्ट नहीं डाल पाए हैं. सबसे बुरा हाल तो मौजूदा इंग्ल‍िश सीरीज में नज़र आया.

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पहले लीड्स, फिर लॉर्ड्स. न किसी पाकिस्तानी पेसर की बॉलिंग में धार नज़र आ रहा था. न ही किसी बॉलर में वो पेस था कि इंग्लिश बैटर्स तंग हो पाएं. PCB ने रातोंरात 7 प्लेयर्स को घर बुला लिया. उनकी जगह जिन प्लेयर्स को चुना गया, उनके बारे में कप्तान बाबर आजम भी नहीं जानते थे. उन्हें क्यों सेलेक्ट किया गया?

ये इस मुकाबले के लिए चुने गए बॉलिंग कोच नोफके को भी नहीं पता था. भले ही एजबेस्टन में बैटिंग में पाकिस्तानी टीम की हालत में कोई बदलाव नहीं आया. बॉलिंग में 21 साल के डेब्यूटांट रजाउल्लाह ने सबका ध्यान खींच लिया. ध्यान ऐसा खींचा कि उनकी तुलना दिग्गज वकार यूनुस से होनी लगी.

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रूट, गे का किया श‍िकार

पाकिस्तानी टीम पहली इनिंग्स में 133 रनों पर सिमट गई थी. 11 ओवर में कप्तान बाबर आजम ने फर्स्ट बॉलिंग चेंज किया. उन्होंने रजाउल्लाह को गेंद थमाई. क्रीज पर थे इंग्लैंड के कप्तान जो रूट. माहौल पूरी तरह से पाकिस्तान के ख‍िलाफ था. लेकिन, रजाउल्लाह ने सबको चौंका दिया. 144 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार. वकार यूनुस जैसा साइड ऑन एक्शन. उन्हीं की तरह लेट रिस्ट फ्लिक और लो स्किडी बॉल्स. उनके करियर के पहले ही ओवर में इसका असर भी दिख गया.

रेड बॉल क्रिकेट में 14400 रन बना चुके जो रूट, उनके पेस से चकमा खा गए. उनके पहले ओवर की चौथी बॉल पर ही एक तीखी अंदर आती बॉल पर वो चकमा खा गए. गेंद सीधे उनके पैड पर लगी और अंपायर ने उंगली उठाने में देर नहीं लगाई. रजाउल्लाह वही नहीं रुके. दिन का खेल खत्म होने से ठीक पहले उन्होंने एमिलियो गे को भी चारों खाने चित कर दिया. टेस्ट डेब्यू के पहले ही दिन दो बड़े विकेट उन्होंने अपने नाम कर लिए.

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क्यों हुई वकार से तुलना?

अब आते हैं कि क्यों उनकी तुलना वकार से हो रही है. उनके बॉलिंग एक्शन की तुलना वकार से होना काई इत्तेफाक नहीं है. रजाउल्लाह का साइड ऑन रनअप, गेंद छोड़ते वक्त कलाई का वो खास लेट रिस्ट फ्लिक, और कम ऊंचाई से तेजी से स्किड करती गेंदें हुबहु वकार के शुरुआती दौर की झलक देती हैं.

वकार जिस तरह अपनी कातिलाना रफ्तार और अंदर आती गेंदों से बल्लेबाजों के पैड और स्टंप्स को निशाना बनाते थे. रज़ाउल्लाह ने भी मैच में ठीक वही आक्रामकता दिखाई. 143 से 148 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से लहराती उनकी गेंदों ने इसी तरह जो रूट को LBW और एमिलियो गे को बोल्ड किया. पहले दिन उन्होंने अपने एक्शन से लेकर एक्यूरेसी तक सबसे वकार की याद जरूर दिला दी. हालांकि, अभी उन्हें खुद को साबित करने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी. लेकिन, बहुत कम समय में उन्होंने अपनी पहचान जरूर बना ली है.

कैसे टीम में आए रजउल्लाह?

रजाउल्लाह पाकिस्तान के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा के मर्दान जिले से आते हैं. लेकिन, उनका नेशनल टीम तक पहुंचने का सफर बहुत दिलचस्प रहा है. मर्दान की लोकल टीम के लिए खेलते समय पेशावर रीजन के कोच अब्दुल रहमान की नजर उनकी रफ्तार पर पड़ी. वहां से उन्हें सीधे पाकिस्तान के मुख्य घरेलू रेड बॉल टूर्नामेंट कायदे-आजम ट्रॉफी (2025-26) में मौका मिला.

अपने पहले ही फर्स्ट-क्लास सीजन के 8 मैचों में उन्होंने 30 विकेट चटकाकर तहलका मचा दिया. सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि लोअर-ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए एक शतक और एक अर्धशतक जमाकर उन्होंने अपनी उपयोगिता भी साबित की. इसके बाद, पीएसएल (PSL) में रावलपिंडीज की टीम और पीसीबी के हाई-परफॉर्मेंस कैंप में आकिब जावेद की नजरों में चढ़ने के बाद वे नेशनल सेलेक्टर्स की रडार पर आए.

कप्तान और कोच को ही नहीं पता था क्यों हुआ सेलेक्शन?

हालांकि, पाकिस्तानी टीम में उनका सेलेक्शन रातोंरात हुआ है. ये किसी प्लान का हिस्सा नहीं थे. वरना वो पहले से ही इंग्लैंड दौरे पर टीम के साथ जाते. लेकिन, लीड्स और लॉर्ड्स टेस्ट में मिली करारी हार ने उनके लिए टीम का रास्ता जरूर खोल दिया. हालांकि, मैच से एक दिन पहले तक कप्तान बाबर आजम और नए हेड कोच माइक हेसन को भी यह नहीं पता था कि रजाउल्लाह को किसने और क्यों चुना है? लेकिन, रजाउल्लाह ने इस मौके को अच्छे से भुनाया है. भले ही कप्तान और कोच नहीं जानते हों कि वो टीम में क्यों आए? अब सबको पता है कि वो क्या कर सकते हैं.

एजबेस्टन में रजाउल्लाह ने अपने पहले ही स्पेल में औसतन 144 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की. ये इस पूरी सीरीज में किसी भी पाकिस्तानी गेंदबाज की तरफ से फेंका गया सबसे तेज स्पेल था. पाकिस्तान क्रिकेट में अव्यवस्था जरूर है. लेकिन, इसी अव्यवस्था से निकलकर एक फ्यूचर पेसर पाकिस्तान को जरूर मिल गया है. क्रिकेट प्रेमियों को वकार यूनुस के शुरुआती दिनों की याद दिलाने वाले रजाउल्लाह कितना लंबा खेल पाते हैं ये अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हाथों में ही है. 

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