17 जनवरी 2008. भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) सीरीज का तीसरा टेस्ट. पर्थ का वाका (WACA) ग्राउंड. जहां, बॉलर्स सिर्फ रफ्तार में बात करते हैं. स्पिनर्स के लिए गुंजाइश बहुत कम. यह अनिल कुंबले (Anil Kumble) का 124वां टेस्ट और पहली पारी. 'जंबो' अपने करियर का 600वां शिकार ढूंढ़ रहे थे. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी का 36वां ओवर खुद कप्तान कुंबले डालने आए. सामने थे एंड्रयू साइमंड्स (Andrew Symonds). ओवर की चौथी गेंद को साइमंड्स संभाल नहीं पाए और एज दे बैठे. स्लिप में खड़े राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने कैच लपक लिया. यह टेस्ट क्रिकेट में कुंबले का 600वां विकेट था. यह मैच उनके लिए इसलिए भी यादगार था, क्योंकि उन्होंने कप्तानी करते हुए भारत को मैच जिताया था. खास बात यह वही टेस्ट सीरीज थी, जिसमें मंकीगेट कांड हुआ था.
18 साल पहले कुंबले ने जब ऑस्ट्रेलिया में गाड़ दिया था मील का पत्थर!
अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने करीब 19 साल पहले आज ही के दिन टेस्ट क्रिकेट में 600 विकेट पूरे किए थे. यह करिश्मा उन्होंने 17 जनवरी 2008 को पर्थ में किया था. कुंबले आज भी भारत के आज भी सबसे सफल टेस्ट बॉलर हैं. उन्होंने टेस्ट की एक पारी में सभी 10 विकेट लेने का करिश्मा भी किया.


अनिल कुंबले ने 37 साल और 92 दिन की उम्र में 600वां टेस्ट विकेट लिया. अनिल कुंबले क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में 600 विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज बॉलर रहे. उनके समकालीन शेन वॉर्न ने 35 साल 332 दिन और मुथैया मुरलीधरन ने 33 साल 325 दिन में टेस्ट क्रिकेट में 600 विकेट लिए थे. कुंबले एक समय टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज थे. वह अभी भारत के सबसे सक्सेसफुल टेस्ट बॉलर हैं. कुंबले ने टेस्ट में 619 विकेट लिए.
पारी में चटकाए 10 विकेटअनिल कुंबले के टेस्ट करियर में कई यादगार पल आए. उनमें सबसे खास है टेस्ट मैच की एक पारी में 10 विकेट लेना. यह करिश्मा उन्होंने फरवरी 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली में किया. तब कुंबले ने इंग्लैंड के महान गेंदबाज जिम लेकर के रिकॉर्ड की बराबरी की थी. जिम लेकर ने जुलाई 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर में खेलते हुए एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाए थे. टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ तीन बॉलर हैं, जिन्होंने मैच की एक पारी में सभी 10 विकेट लिए हैं. इस लिस्ट में जिम लेकर और कुंबले के बाद तीसरा नाम न्यूजीलैंड के एजाज पटेल का है. एजाज ने दिसंबर 2021 में भारत के खिलाफ मुंबई में खेलते हुए एक इनिंग्स में 10 विकेट झटके थे.
ये भी पढ़ें: गंभीर क्यों नंबर 5 की जगह केएल राहुल को नहीं दे देते?
सबसे ज्यादा LBW शिकारअनिल कुंबले दुनिया के इकलौते बॉलर हैं, जिन्होंने टेस्ट में एलबीडब्ल्यू के तौर पर सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं. उन्होंने 619 विकेट में से 156 विकेट एलबीडब्ल्यू आउट किए. इस लिस्ट में मुथैया मुरलीधरन 149 विकेट के साथ दूसरे और शेन वॉर्न 138 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर रहे.
एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा विकेटअनिल कुंबले पहले स्पिनर हैं, जिन्होंने भारत के लिए एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 74 विकेट लिए. यह करिश्मा उन्होंने साल 2004 में किया था. इस साल जंबो ने 6 बार पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटके. उनकी बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस 141 रन देकर 8 विकेट आउट करना रही. दूसरे नंबर आर अश्विन हैं. उन्होंने 2016 में 72 विकेट आउट किए थे.
अनिल कुंबले एकमात्र ऐसे प्लेयर हैं, जिन्होंने जिस टेस्ट में 500 विकेट पूरे किए, उसी मैच में शतक भी लगाया. उन्होंने यह यादगार प्रदर्शन अगस्त 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के केनिंग्टन ओवल ग्राउंड पर किया. इस मुकाबले में कुंबले ने टेस्ट में 500 विकेट पूरे करने अलावा नॉट आउट 110 रन बनाए थे.
जुझारू प्लेयरअनिल कुंबले कभी हार न माने वाले खिलाड़ी रहे. उन्होंने चोट को दरकिनार करते हुए मैच खेला. साल 2002 में वेस्टइंडीज टूर पर एंटीगा टेस्ट में मर्वन ढिल्लन की बाउंसर गेंद कुंबले के जबड़े पर लगी और फ्रैक्चर हो गया. जिसके बाद खून निकलने लगा. फीजियो ने उन्हें हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी. लेकिन, कुंबले ने चेहरे पर पट्टी बांधकर मैदान पर लौटने का फैसला किया. उन्होंने फ्रैक्चर जबड़े के साथ बॉलिंग करते हुए लगातार 14 ओवर डाले और ब्रायन लारा का विकेट भी लिया. उनका यह साहस उनके जुझारूपन को दिखाता है.
वीडियो: श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम में बनाई जगह














.webp?width=120)
.webp?width=120)


.webp?width=120)