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पांड्या ने लगभग कर दिया था पार

आखिर ओवर में मिली न्यूज़ीलैंड को पहली जीत

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पहली पहली जीत है, पहली पहली बार है

छोटे स्कोर मज़ेदार मैच दिखा देते हैं. 243 रन का मामूली सा लक्ष्य बस एक फटके, एक छक्के से भारत से दूर रह गया और न्यूज़ीलैंड ने आखिरकार 6 रन से पहली जीत दर्ज कर बोहनी की. न्यूज़ीलैंड की टीम इस दौरे पर अभी तक मैच तो दूर टॉस तक नहीं जीत पाई थी. धोनी ने एक बार फिर टॉस जीतकर न्यूजीलैंड को बैटिंग दे दी. जब न्यूज़ीलैंड का फाइनल स्कोर 242-9 था ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि भारत को कोई मुश्किल होगी. लेकिन आजकल के हिसाब से 243 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ टिकता हुआ नज़र नहीं आया और पूरी टीम 3 गेंद पहले ही 236 पर ढेर हो गई.

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भारतीय बल्लेबाज़ों में पांड्या ने लगभग वहां से जीत दिला दी थी जहां से सब उम्मीद छोड़ बैठे थे. लंबे हिट लगाने वाले पांड्या को आज 8वें नंबर पर बैटिंग करने का मौका मिला. पांड्या पहले आते तो ये हो जाता, वो हो जाता छोड़कर देखें, पांड्या, उमेश यादव के साथ मिलकर गाड़ी को लगभग पार लगा गए थे. पांड्या जब आए तब स्कोर था 172-6, ओवर 39.3. थोड़ी देर में ही मिश्रा आउट हो गए. 183-8. भारत को जीत के लिए 51 गेंदों में 60 रन चाहिए थे. लेकिन जब पांड्या आउट होकर गए तब 8 गेंदों में 11 रन की ज़रूरत थी. इस दौरान 9वें विकेट के लिए उमेश यादव के साथ प्रेशर-सिचुएशन में 49 रन जोड़ डाले. पांड्या ने 32 गेंदों में 36 रन बनाए. आखिरी ओवर में भारत को 10 रन बनाने थे. पहली गेंद उमेश 2 रन, दूसरी गेंद उमेश 1 रन. और अब पारी थी बुमराह की जो अपने कैरियर में पहली बार बैटिंग करने आ रहे थे और यही न्यूज़ीलैंड वाले चाह रहे थे. बुमराह ने अपने कैरियर की पहली गेंद तब खेली जब 4 गेंदों में 7 रन चाहिए थे. बुमराह पहली ही गेंद पर आउट हो गए. उमेश यादव, नंबर 10 के बल्लेबाज 45 मिनट तक पिच पर खड़े रहे और 23 गेंदों में 18 रन बनाकर नॉट आउट गए. लेकिन हार अंत में नहीं शुरूआत में लिखी गई थी.


ऐसे हाल में किसी को भी कैरियर की पहली गेंद न खेलनी पड़ी
ऐसे हाल में किसी को भी कैरियर की पहली गेंद न खेलनी पड़ी

भारत को पहला झटका रोहित शर्मा के रूप में लगा, जब वो तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट की ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खाड़ी कर बैठे. इसके बाद फॉर्म में चल रहे विराट कोहली भी सिर्फ 9 के स्कोर पर चलते बने. उन्हें सैंटनर की गेंद पर कीपर रॉन्की ने लपका. पिछली पारी की तरह अजिंक्य रहाणे (28) और मनीष पांडे (19) शुरूआत को देखने लायक स्कोर में नहीं बदल पाए. कप्तान धोनी ने जरूर कुछ संघर्ष किया लेकिन वो अपने काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके. धोनी ने 39 रन की पारी खेली. इसके कुछ देर बाद अक्षर पटेल भी (17) के स्कोर पर आउट हुए. अमित मिश्रा (1) भी बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में डी ब्रेसवेल को कैच थमा बैठे. पहले गेंदबाज़ी लेने का फैसला उसी समय सही नज़र आने लगा जब सलामी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल को पहले ही ओवर में शून्य के स्कोर पर उमेश यादव ने बोल्ड कर दिया. कप्तान केन विलियम्सन और टॉम लाथम ने पारी को संभाला. विलियम्सन ने 109 गेंदों में वनडे करियर का आठवां शतक ठोका. यह न्यूजीलैंड की तरफ से इस दौरे का पहला शतक था. पिछले मैच में आखिर तक नॉट आउट जाने वाले टॉम लाथम (46) के रूप में भारत को दूसरी कामयाबी मिली. उन्हें स्पिन गेंदबाज केदार जाधव ने पवेलियन भेजा. विलियम्सन और लाथम के बीच दूसरे विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी हुई. इसके बाद छोटी-छोटी साझेदारियां होती गईं और भारत को सही समय पर विकेट मिलते रहे.

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38 रन बाद ही 158 के स्कोर पर गिरा रॉस टेलर (21) को लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने डीप मिडविकेट पर रोहित शर्मा के हाथों कैच करवा दिया. न्यूज़ीलैंड की छोटी-छोटी पार्टनरशिप जारी रहीं और जब बूम-बूम करने का मौका आने ही वाला था 41वें ओवर में टीम इंडिया को चौथी सफलता मिली, जब स्पिनर अमित मिश्रा ने कोरी एंडरसन (21) को अपना दूसरा शिकार बनाया. एंडरसन मिश्रा की ऑफ-मिडिल की गेंद को लेग साइड पर खेलने के चक्कर में आउट हुए. उन्होंने विलियम्सन के साथ मिलकर 46 रन जोड़े. न्यूज़ीलैंड आज 50 ओवर भले ही खेल गया हो पर सिर्फ 4 बल्लेबाज़ ही दहाई का आंकड़ा छू पाए.


सौजन्य: बीसीसीआई
सौजन्य: बीसीसीआई

पहले ओवर में पिच पर आने वाले केन विलियम्सन को 43वें ओवर में118 के स्कोर पर अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच करा दिया. विलियम्स ने रनगति तेज करने की कोशिश की, लेकिन लॉन्ग ऑन पर पकड़ लिए गए. 44वें ओवर में अक्षर पटेल ने एक और झटका दिया और ल्यूक रॉन्ची (6) को धोनी ने लपक लिया. 41 से 45 ओवर में 22 रन खर्च हुए और यहीं भारत ने न्यूज़ीलैंड की बड़ा स्कोर खड़ा करने की उम्मीद को पानी में मिला दिया. आखिर के दस ओवरों में सिर्फ एक ओवर ऐसा था जिसमें 6 से ज्यादा रन गए.

अमित मिश्रा के बाद तेज गेंदबाज बुमराह ने कीवी टीम की कमर ही तोड़कर रख दी. बुमराह ने पहले एंटन डेविच (7) को आउट किया और फिर पिछले मैच में धुआंधार 55 रन बनाने वाले टिम साउदी को बोल्ड कर वापस भेज दिया. पारी के आखिरी ओवर में बुमराह ने मैट हेनरी (6) को भी बोल्ड कर दिया. बुमराह, मिश्रा के 3-3 विकेट और उमेश यादव, अक्षर पटेल और केदार जाधव ने एक-एक विकेट की बदौलत न्यूज़ीलैंड 242-9 पर ही रूक गई. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने कोई बदलाव नहीं किया जबकि कीवी टीम तीन बदलावों के साथ मैदान पर उतरी थी. टेस्ट सीरीज और पहले वनडे में हारने के बाद कप्तान केन विलियम्सन ने डग ब्रेसेवल, जेम्स नीशम और ईश सोढ़ी की जगह ट्रेंट बोल्ट, मैट हेनरी और एंटन डेविच को जगह दी. फीरोजशाह कोटला का मैदान भारत के लिए बेहद खास रहा था. इस मैदान पर टीम इंडिया पिछले 11 सालों से कोई मैच नहीं हारी थी. पर अब आंकड़े कुछ यूं है. कोटला मे खेले गए 20 मैचों में भारत को 12 मैचों में जीत हासिल हुई है. 6 में हार का सामना करना पड़ा है, 2 मैच बेनतीजा रहे. दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 95 मैच खेले गए जिनमें अब भारत के नाम 47 जीत दर्ज हो गई है. न्यूज़ीलैंड के पक्ष में 42 मैच हैं जबकि 1 मैच बेनतीजा रहा है, 5 मैच टाई रहे. सीरीज़ 1 -1 से बराबर है और अगला मैच खेलने के लिए दोनों टीमों को फिर धर्मशाला की ओर, उत्तर की ओर फॉरवर्ड कर दिया जाएगा जहां रास्ते में मौहाली पड़ता है. 23 को मैच है.

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