The Lallantop

नीरज चोपड़ा जिसे मानते थे आदर्श, उस कोच से क्यों हो गए अलग? बताई पूरी वजह

भारत के डबल ओलंपिक चैंपियन एथलीट Neeraj Chopra ने कोच Jan Zelezny के साथ दूरी बना ली है. हालांकि, जेन वही कोच हैं, जिन्हें नीरज बचपन से अपना आदर्श मानते आ रहे थे.

Advertisement
post-main-image
कोच जेन ज़ेलेज्ऩी से अलग हुए नीरज चोपड़ा. (फोटो-PTI)

डबल ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) अपने बचपन के आदर्श और कोच जेन ज़ेलेज़्नी (Jan Zelezny) से अलग हो गए हैं. दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है. ज़ेलेज़्नी वो कोच हैं जिनके साथ नीरज ने 90 मीटर का आंकड़ा पार किया, जिसका वो लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. नीरज ने इस उपलब्धि‍ के साथ भारतीय एथलेटिक्स को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
नीरज ने की जेेन की प्रशंसा

नीरज ने कोच को लेकर बताया कि बचपन से जिस एथलीट को वो अपना आदर्श मानते थे. उनसे सीखना नीरज के लिए बहुत खास था. जेन के साथ ट्रेनिंग से उन्हें एक्सरसाइज, टेक्निकल आइडिया और नए दृष्टिकोण का एक बिल्कुल नया टूलबॉक्स मिला. नीरज ने बताया,

जेन के साथ ट्रेनिंग करने से मुझे कई नए आइडिया मिले. वह जिस तरह से तकनीक, लय और मूवमेंट के बारे में सोचते हैं, वह अविश्वसनीय है. मैंने उनके साथ हर सेशन से बहुत कुछ सीखा.

Advertisement
जेन ने भी नीरज की तारीफ की

जेन ज़ेलेज़्नी ने भी इस पार्टनरशिप और साथ में की हुई ग्रोथ पर खुशी ज़ाहिर की. ज़ेलेज़्नी ने नीरज को लेकर कहा,  

नीरज जैसे एथलीट के साथ काम करना शानदार अनुभव था. मुझे खुशी है कि हम मिले और साथ काम कर पाए. मैंने उन्हें पहली बार 90 मीटर के बैरियर को पार करने में मदद की. वर्ल्ड चैंपियनशिप को छोड़कर, वह कम से कम दूसरे स्थान पर रहे. यह कोई बुरा रिकॉर्ड नहीं है. दुर्भाग्य से, वर्ल्ड चैंपियन से 12 दिन पहले लगी पीठ की चोट ने उनके प्रदर्शन को काफी प्रभावित किया. आने वाले सालों के लिए उनमें बहुत क्षमता है. हमारा रिश्ता बहुत सकारात्मक है. आगे भी हम संपर्क में रहेंगे. हम निश्चित रूप से किसी ट्रेनिंग कैंप में या उदाहरण के लिए, यूरोप या भारत में अपने परिवारों के साथ छुट्टियों में मिलेंगे.

ये भी पढ़ें : नीरज चोपड़ा की कंपनी के नाम का भगवान शिव के पुत्र से क्या कनेक्शन है?

Advertisement
फ्यूचर को लेकर क्या है प्लान?

नीरज फ्यूचर को देखते हुए कोचिंग की दिशा खुद तय करने की योजना बना रहे हैं. बेहतरीन कोचों के साथ काम करने के बाद उन्हें लगता है कि उन्होंने जो सीखा है, उसे लागू करने के लिए तैयार हैं. अपने करियर के इस पड़ाव पर, उन्हें अपने शरीर और अपनी थ्रो की समझ पर पहले से कहीं ज़्यादा भरोसा है. उनके पास कई नए आइडिया हैं, जिन्हें वह अपनी ट्रेनिंग में लाना चाहते हैं. नीरज ने कहा,

मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि 2026 में क्या होने वाला है. मैंने नवंबर की शुरुआत में अपनी तैयारी शुरू कर दी थी. हमेशा की तरह, लक्ष्य है स्वस्थ रहना. मैं जल्द ही फिर से प्रतिस्पर्धा करने के लिए उत्साहित हूं. साथ ही, मैं 2027 में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के साथ आने वाले साल का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं. उसके बाद मेरा बड़ा लक्ष्य 2028 ओलंपिक है.

ज़ेलेज़्नी को बताया अपना आदर्श

नीरज ने ज़ेलेज़्नी के साथ अपने इस चैप्टर को लेकर कहा,

मुझे सबसे ज़्यादा गर्व इस बात पर है कि मैंने उस इंसान के साथ काम किया, जो ज़िंदगी भर मेरा आइडल रहा है. जेन न सिर्फ़ अब तक के सबसे अच्छे जैवलिन थ्रोअर हैं, बल्कि उन सबसे अच्छे इंसानों में से भी एक हैं, जिनसे मैं कभी मिला हूं.

नीरज ने कोच ज़ेलेज़्नी के साथ 2024 के अंत में पार्टनरश‍िप की थी. जे़लेज़्नी जेवलिन थ्रो में दुनिया के सबसे महान एथलीटों में से एक हैं. उन्होंने रिकॉर्ड तीन बार 1992, 1996 और 2000 में ओलंपिक गोल्ड मेडल जीते. साथ ही वह तीन बार 1993, 1995 और 2001 में वर्ल्ड चैंपियन भी रहे. साथ ही 1988 ओलंपिक में भी ज़ेलेज़्नी ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. जेवलिन थ्रो 9 सर्वश्रेष्ठ थ्रो में 5 जे़लेज़्नी के ही नाम है. साथ ही जेवलिन थ्रो का वर्ल्ड रिकॉर्ड 98.48 मीटर भी उन्हीं के नाम है. नीरज से पहले, जे़लेज़्नी चेक के थ्रोअर याकुब वादलेज के साथ काम कर रहे थे. 

वीडियो: ओलंपियन नीरज चोपड़ा का टेरिटोरियल आर्मी में हुआ प्रमोशन, बने लेफ्टिनेंट कर्नल

Advertisement